गेस्ट टीचर्स उतरे आंदोलन की राह पर, कैप्टन अभिमन्यु को सौंपा ज्ञापन

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Ajay Lohan, Yuva Haryana

Narnaud, 29 July, 2018

पिछले 13 सालों से सरकारी स्कूलों में सेवाएं दे रहे हरियाणा के 14 हजार गेस्ट टीचर एक बार फिर आंदोलन की राह पर हैं। हरियाणा अतिथि अध्यापक संघ के आह्वान पर आज सभी 90 विधायकों को गेस्ट टीचरों ने ज्ञापन सौंपा और विधानसभा के मानसून सत्र में बिल पास कर गेस्ट टीचरों को नियमित करने की मांग की।

गेस्ट टीचरों ने प्रदेश के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु को ज्ञापन सौंपा और उनकी समस्या के समाधान की मांग की। वहीं कैप्टन अभिमन्यु ने गेस्ट टीचरों को विश्वास दिलाया कि उनकी सरकार गेस्ट टीचरों को लेकर सकारात्मक है और जल्द ही कोई स्थाई समाधान निकालकर गेस्ट टीचरों की समस्या का समाधान किया जाएगा।

बता दें कि प्रदेश के 14 हजार गेस्ट टीचर पिछले काफी लंबे समय से नियमित की मांग कर रहे हैं। लेकिन अभी तक उनको समान काम, समान वेतन भी नहीं मिलने से उनमे काफी रोष बना हुआ है ।

विधानसभा चुनाव से पहले सरकार के सभी बड़े-बड़े नेताओं ने गेस्ट टीचरों से वादा किया था कि बीजेपी की सरकार बनते ही पहली कलम से सभी 14000 गेस्ट टीचरों को नियमित कर दिया जाएगा। लेकिन 4 साल बीत जाने के बावजूद भी उनको नियमित करना तो दूर, समान काम, समान वेतन तक नहीं दिया दिया जा रहा।

इसी मांग को लेकर प्रदेश के  गेस्ट टीचर एक बार फिर सड़कों पर उतर कर विरोध प्रदर्शन करते हुए नजर आ रहे हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने जल्द ही उनकी समस्या का समाधान नहीं किया, तो वह आंदोलन को और तेज करने के लिए मजबूर होंगे।

वहीं कैप्टन अभिमन्यु ने गेस्ट टीचरों के मामले पर बोलते हुए कहा कि हरियाणा सरकार अतिथि अध्यापकों एवं अनुबंध आधार पर कार्यरत सभी कर्मचारियों के प्रति सकारात्मक सोच रखे हुए है। परंतु इन कर्मचारियों का मामला कोर्ट में विचाराधीन है और सरकार न्यायालय के आदेशों से बंधी हुई है।

फिर भी हमारी सरकार इस मुद्दे पर विधिमान्य सकारात्मक समाधान निकालने की कोशिश में जुटी हुई है। कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि अतिथि अध्यापक एक सुशिक्षित वर्ग है, जो तेरह वर्षों से अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं शिक्षा विभाग को दे रहा है।

हमारी सरकार ने पौने चार साल के दौरान नये शिक्षकों की भर्ती होने के बावजूद इनमें से किसी भी अतिथि अध्यापको को नहीं निकाला है। हम इन्हें समायोजित करने के कानूनी पहलुओं पर विचार कर रहे हैं और किसी भी अतिथि अध्यापक के साथ अन्याय नहीं होने देंगे।

 

 

 

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