जेल में बंद सिक्खों की रिहाई के लिए लड़ते-लड़ते, दुनिया को अलविदा कहकर चले गए गुरबख्श

हरियाणा

Yuva Haryana

Kurukshetra,21-03-2018

हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में गुरबख्श की मौत से प्रशासन के हाँथ पांव फूले हुए हैं। जेल में बंद सिक्खों की रिहाई के लिए काफी समय से प्रदर्शन कर रहे सरदार गुरुबख्श सिंह पानी की टंकी पर चढ़कर कूद गए  अस्पताल में उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

जिसके बाद सिक्खों ने मंगलवार शाम से उग्र प्रदर्शन किया था। गुरबख्श सिंह खालसा की मौत से गुस्साए सिक्खों ने देर शाम कैथल मार्ग पर जाम लगा दिया। फिलहाल यहां पर भारी तादाद में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। सिख नेताओं ने प्रशासन पर आरोप लगाया है कि गुरबख्श को छलांग मारने पर मजबूर किया गया। घटना स्थल पर किसी तरह का बचाव दल भी मौजूद नहीं था और न ही कोई एंबुलेंस बुलवाई गई।

सिख नेता कंवलजीत अजराना ने बताया कि गुरबख्श सिंह ने कौम के लिए शहादत दी है, लेकिन प्रशासन और सरकार ने उसका कत्ल किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने गुरबख्श सिंह पर इतना दबाव बनाया कि उसे मजबूरन छलांग लगाकर अपनी जान देनी पड़ी।

मौके पर न तो एंबुलेंस थी और न ही डॉक्टर। इस कारण उचित मेडिकल सहायता न मिलने से गुरबख्श सिंह अकाल मृत्यु का शिकार हो गया। सिख जत्थेबंदियों के साथ बैठक कर बड़े प्रदर्शन की रणनीति बनाई जा रही है, जिसे लेकर प्रशासन की चिंताएं बढ़ गई है।

बता दें कि 3 साल से गुरुबख्श सिक्खों की रिहाई के लिए धरना प्रदर्शन कर रहा था। तीन साल बीत जाने के बाद भी जब बंदी सिखों की रिहाई के लिए कोई ठोस प्रबंध नहीं हुआ, तो फिर से भूख हड़ताल पर बैठे गुरबख्श सिंह खालसा ने टंकी पर चढ़कर वहां से छलांग लगा दी, जिसके कारण उसे गंभीर चोटें आई और अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

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