मौत का फोर्टिस अस्पताल, एक साल पहले भी लापरवाही से हुई थी बच्चे की मौत

Breaking बड़ी ख़बरें हरियाणा

गुरुग्राम फोर्टिस अस्पताल में एक साल पहले हुई लापरवाही का सच अब सामने आया है। अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही से करीब एक साल पहले डेढ़ साल के बच्चे वंश की जान चली गई थी।

इस लापरवाही के लिए स्वास्थ्य विभाग की जांच के बाद फोर्टिस को ही मौत का जिम्मेदार माना है। इस बात का खुलासा जिला मेडिकल नेग्लिजेंसी बोर्ड की रिपोर्ट में हुआ।

रिपोर्ट में कहा गया है कि इलाज के दौरान लापरवाही बरतने से हुए इंफेक्शन के कारण बच्चे की मौत हुई थी। अस्पताल द्वारा बच्चे की सही देखरेख न करने का जिक्र भी रिपोर्ट में किया गया है।

बता दें कि दिल्ली के रंजीत नगर निवासी संजीव शर्मा का डेढ़ साल का बेटा वंश जेनेटिक बीमारी हंटर्स से पीड़ित था। बोनमैरो ट्रांसप्लांट करवाने के लिए 24 अप्रैल 2017 को उसे फोर्टिस अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। डॉक्टरों ने बताया था कि एक महिने तक इलाज चलेगा और करीब 13 लाख रुपये खर्च आने की संभावना होगी।

परिजनों के हाँ करने के बाद 1 मई को वंश का बोनमैरो ट्रांसप्लांट हुआ। आमतौर पर इस तरह के मामलों में मरीजों को एक इंफेक्शन मुक्त वातावरण में रखना होता है, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने ऐसा नहीं किया। जिसके कारण बच्चे को इंफेक्शन हो गया और 15 मई 2017 को उसकी मौत हो गई।

वंश के पिता संजीव ने बताया कि वंश की मृत्यु के बाद अस्पताल ने करीब 27 लाख रुपये का बिल वसूला। अस्पताल व डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए संजीव ने 6 सितंबर, 2017 को स्वास्थय विभाग में इसकी शिकायत की थी।

आरोप यह भी था कि अस्पताल ने बच्चे की मृत्यु होने के बाद भी बिल बनाने के लिए उसे वेंटिलेटर पर रखे रखा। विभाग ने जांच पूरी कर परिजनों को अब रिपोर्ट सौंपी है। परिजन अब पुलिस में मामला दर्ज करवाने की तैयारी कर रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *