सरकारी अस्पताल के डॉक्टर्स ने गर्भवती महिला को जबरन भेजा घर, रास्ते में ऑटो में दिया बच्चे को जन्म

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Manu Mehta, Yuva Haryana,

Gurugram, 23 Feb,2019

एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों के लिए मुसीबत का सबब बनती जा रही है। दरअसल कल दोपहर दो बजे एक गर्भवती महिला प्रसव पीड़ा के चलते सरकारी अस्पताल पहुंची थी। लेकिन प्रसूति वार्ड में तैनात नर्स ने बगैर कुछ जांचे गर्भवती महिला को जबरन सरकारी अस्पताल से यह कह कर घर भेज दिया कि अभी तुम्हारी डिलीवरी में काफी वक्त है।

इसी लापरवाही के चलते घर जाते वक्त ऑटो में ही असुरक्षित डिलीवरी होने से बच्चे और प्रसूता की जान पर बन आई। परिजनों ने जल्दी से दोनों को नजदीकी एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया, जहाँ काफी मशक्कत के बाद दोनों को सुरक्षित बचाया गया।

बहरहाल मामले की शिकायत चीफ मेडिकल अधिकारी को लिखित तौर पर दी गयी है। वहीं इस मामले में पीड़िता की माने तो जब कल दोपहर को सरकारी अस्पताल में पहुंचे तो दर्द से तड़प रही थी, लेकिन इसके बादजूद डॉक्टर्स और नर्स ने प्रसूता को घर जाने के लिए कह दिया।

डॉक्टर और नर्स की लापरवाही की शिकायत परिजनों ने लिखित तौर पर जिला के चीफ मेडिकल अधिकारी को दी है। वहीं इस मामले में डॉक्टर पंकज अग्रवाल ने कहा कि पूरे मामले की जांच को जा रही है और जांच में दोषी पाए जाने पर किसीं को बख्शा नही जाएगा।

वहीं राजेन्द्र पार्क के अस्पताल जहां प्रसूता को बाद में भर्ती करवाया गया था, वहां की डॉक्टर मोनिका के मुताबिक जब महिला यहां पहुंची तो स्थिति काफी गंभीर थी, बड़ी मशक्कत के बाद माँ और बच्चे को सुरक्षित बचाया जा सका।

आपको बता दें कि सरकारी अस्पताल में यह लापरवाही का पहला मामला नही है इससे पहले भी कभी अस्पताल के टॉयलेट में डिलीवरी होती है, तो कभी अस्पताल के डॉक्टर्स की लापरवाही के चलते अस्पताल के गेट पर डिलीवरी होती है। अधिकारी से लेकर मंत्री तक जांच की बात तो कहते है लेकिन कार्यवाही के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल फाइल बन्द कर दी जाती है।

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