दिव्यांग कर्मचारी को सेवा विस्तार न देने पर हाईकोर्ट ने बिजली निगम को लगाई फटकार

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Yuva Haryana,

Chandigarh, 19 Jan,2019

विकलांगता के शिकार एक कर्मचारी को विभाग द्वारा सेवा विस्तार न दिए जाने पर पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम को कड़ी फटकार लगाई है। साथ ही कर्मचारी को कानूनी खर्च के तौर पर 1 लाख रुपए हर्जाना देने के आदेश दिए हैं।

उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम ने कर्मचारी मोहिन्दर पुरी को 58 वर्ष की बजाय 60 वर्ष की उम्र में सेवानिवृति दिए जाने की मांग को ठुकरा दिया था, क्योंकि कर्मचारी को विकलांगता का प्रमाण पत्र चंड़ीगढ़ पीजीआई ने जारी किया था। राज्य सरकार के नियमों के तहत रोहतक पीजीआई से जारी प्रमाण पत्र ही मान्य है। इस पर कर्मचारी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी।

गौरतलब है कि 31 जनवरी 2006 को जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक ग्रुप ए से ग्रुप डी के कर्मचारियों को कम से कम 70 प्रतिशत विकलांगता होने पर उन्हें सेवा में 60 वर्ष की आयु तक विस्तार दिया जाएगा।

याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने निगम के प्रबंध निदेशक को आदेश दिए थे कि याचिकाकर्ता को इसी विकलांगता प्रमाण पत्र पर सेवा विस्तार दिया जाए। इन आदेशों के बावजूद निगम के सुप्रिंटेंडिंग इंजीनियर ने अनदेखी करते हुए याचिकाकर्ता की मांग खारिज कर दी।

निगम के रवैये को अमानवीय बताते हुए जस्टिस अरुण मोंगा ने याचिकाकर्ता को दो महिने में सभी लाभों समेत सेवा विस्तार किए जाने का आदेश दिए हैं और कहा कि ऐसे मामलों में कल्याणकारी सरकार को मानवीय रवैया अपनाना चाहिए।

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