दर्द से तड़पकर महिला ने गंवाई जान, लेकिन लापरवाह डॉक्टरों को नहीं आई जरा भी रहम

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Suraj  Duhan,Yuva Haryan

Gurugram, 30-03-2018

एक डॉक्टर को भगवान का दर्जा दिया जाता है,क्योंकि मरीज की जान उसी के हाथ में होती है। मरीज को नई जिंदगी का तोहफा देना उसी के हाथ में होता है। लेकिन, अगर मरीजों की जान बचाने वाले डॉक्टर ही उन्हें तड़पता हुए छोड़ दे, तो इसके बाद मरीज कहां जाएंगे।

जी हां, डॉक्टर की ऐसी ही लापरवाही का मामला फिर से सामने आया है, गुरुग्राम फोर्टिस अस्पताल में। जहां महिला दर्द से तड़पती रही, लेकिन डॉक्टरों को उस पर जरा भी तरस न आया। यह ताजा मामला 51 साल की सीमा घई की मौत से जुड़ा  हुआ है। सीमा घई को मई 2017 में दिल का दौरा पडा था। ऐसे में परिवार ने उन्हें फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया।

लेकिन डॉक्टरों की लापरवाही देखिए, दर्द से तड़प रही सीमा घई का समय पर इलाज ही शुरु नही किया गया । जिसके चलते उनकी मौत हो गई ।जिसके लिए परिवार ने उन्हें फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन डॉक्टरों की लापरवाही देखिए, दर्द से तड़परही सीमा घई का समय पर इलाज ही शुरु ही नहीं किया गया।

जिससे उनकी मौत हो गई। सीमा घई के परिवार ने इस मामले में स्वास्थ्य विभाग के मेडिकल नेगलिजंस बोर्ड को शिकायत दी । बोर्ड ने अपनी जांच में पाया की सीमा घई की मौत के लिए अस्पताल के दो डॉक्टर- डॉ. एसएस मूर्ति और डॉ. वी नागा राजू जिम्मेदार है।

रिपोर्ट में बोर्ड मे ये साफ-साफ कहा है की दोनो ही डॉक्टरों ने इलाज में लापरवाही बरती है। इतना ही नही मरीज की मेडिकल रिपोर्ट को भी ठीक तरीके से नही देखा गया । बोर्ड की रिपोर्ट के बाद सुशांत लोक पुलिस स्टेशन में दोनो डॉक्टर के खिलाफ एफआईआऱ दर्ज कर ली गई है।

सीमा घई की मौत में हुई लापरवाही पर पुलिस ने मामला तो दर्ज कर लिया है औऱ मामले की जांच भी की जा रही है। लेकिन सवाल ये है कि पैसे कमाने की दुकान बन चुके इन कॉर्पोरेट अस्पतालों की में डॉक्टर्स आखिर कब तक लोंगों की जिंदगियों के साथ खेलते रहेंगे और सरकार यूं ही आंखें मूंदकर बैठी रहेगी।

 

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