धारा 134 ए को लागू करवाने में अधिकारियों का रवैया सुस्त, राम- भरोसे गरीब बच्चे

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Shweta Kushwaha, Yuva Haryana

Chandigarh, 3 May, 2018

शिक्षा विभाग के कानून 134 ए का जमकर प्राइवेट स्कूलों द्वारा मजाक उड़ाया जा रहा है। BPL या आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के दाखिले के लिए इस नियम के प्रति अधिकारी भी गंभीर नहीं हैं।

इस कानून के तहत दूसरी से 12वीं कक्षा में 10 प्रतिशत सीटें गरीब बच्चों के लिए निर्धारित की गई हैं। यह कानून पहली कक्षा में शिक्षा के अधिकार के तहत आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के लिए 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित करता है।

23 अप्रैल से अब तक इन कक्षाओं में कितने दाखिलें हुए हैं, इस बात कि जानकारी न तो जिला शिक्षा अधिकारियों को है और न ही विभाग के निदेशालय के अधिकारियों को इस आंकड़े का पता है। अब तक प्राइवेट स्कूलों में कितने गरीब बच्चों का दाखिला हुआ है और किस स्कूल में कितनी सीटें खाली हैं।

इस कानून के प्रति अधिकारियों के रूखे रवैये का नुकसान गरीब बच्चे भुगत सकते हैं।

 

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