चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला के लिए अलग प्राधिकरण बनाने की तैयारी, हरियाणा-पंजाब के सीएम ने की चर्चा

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Sahab Ram, Yuva Haryana
Chandigarh, 10 July, 2018

चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला के समग्र विकास के लिए दो राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने आज बैठकर बातचीत की और और इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार विमर्श किया । इस मौके पर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह ने आपस में बातचीत की।

इससे पहले कल ही मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर इन तीनों जगहों के लिए एक अलग से प्राधिकरण बनाने की मांग की थी ताकि यहां पर विकास ना रुके और लगातार विकास होता रहे।

बता दें कि ट्राइसिटी में लगातार भीड़ बढ़ती जा रही है, ऐसे में एसएएस नगर मोहाली और हरियाणा के पंचकूला शहर को भी विकसित किया जा रहा है, चंडीगढ़ शहर के विकसित होने के साथ-साथ इन दोनों शहरों में भी अब लोगों का आवागमन बढ़ रहा है, ऐसे में इन तीनों जगहों के लिए अलग से प्राधिकरण बनाने की मांग उठी है।

 

इसको लेकर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने पहल की है, वहीं आज पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह भी चर्चा करने के लिए चंडीगढ़ पहुंचे और दोनों मुख्यमंत्रियो ने बैठकर इस मुद्दे पर गहनता से विचार विमर्श किया।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड अधिनियम, 1985 और गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण अधिनियम, 2017 समस्त ट्राई-सिटी क्षेत्र के संतुलित विकास के साथ-साथ त्वरित व सतत विजन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए शुरूआती बिंदुओं को आधुनिक ढांचे के साथ मुहैया करवा सकता है। उन्होंने कहा कि यह कहने की आवश्यकता नहीं है कि इस कार्य के लिए केन्द्र सरकार की पर्याप्त वित्तीय सहायता की भी आवश्यकता होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चण्डीगढ़, हरियाणा और पंजाब की संयुक्त राजधानी है और हरियाणा तथा पंजाब के दो बड़े शहर इसके साथ लगते हैं, जिसे ट्राई सिटी के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1952 में संसद द्वारा पंजाब न्यू कैपिटल पैरीफेरी कन्ट्रोल एक्ट लाया गया ताकि चण्डीगढ़ का योजनागत विकास सुनिश्चित किया जा सके और इसके इर्द-गिर्द 10 मील के क्षेत्र में निर्माण गतिविधियों को व्यवस्थित किया गया। दोनों राज्य सरकारों ने तब से नियंत्रित क्षेत्र तैयार किया और भूमि के  उपयोग तथा रोक पर योजनाएं बनाईं। वर्ष 1975 में भारत सरकार के शहरी विकास मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता में समन्वय समिति ने शहरी योजनाओं की गतिविधियों में समन्वय स्थापित किया। फिर भी चण्डीगढ़ के लिए अन्तर्राज्यीय क्षेत्र योजना को तैयार करने हेतु एक अन्य समिति हरियाणा व पंजाब के मुख्य सचिव तथा यूटी चण्डीगढ़ के सलाहकार की गठित की गई। इसके बावजूद इन समितियों की कई बैठकें हुई और इस क्षेत्र के कई मुद्दों को प्रभावी रूप से निपटाया जाना है।

 

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