बेरोजगारी से परेशान आकर इस हरियाणवीं छोरे ने सीखा योग, अब विदेशियों को सिखाकर कमा रहा है लाखों

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Shweta Kushwaha, Yuva Haryana

Hisar, 24 Nov, 2018

हमारे देश में अधिक स्तर पर बेरोजगारी है। गरीब, जो पैसे न होने के कारण नौकरी नहीं कर पाता, उसके अलावा उच्च स्तर की पढ़ाई करने के बाद भी बहुत से लोग नौकरी के लिए आज भी धक्के खा रहे हैं।

लेकिन वो कहते हैं ना कि जिसमें कुछ कर दिखाने का जज्बा हो, तो कोई भी उसे अपनी मंजिल तक पहुंचने से नहीं रोक सकता। लेकिन कुछ पाने के लिए मेहनत जरूरी है। ऐसा ही एक उदाहरण हमें नारनौंद के हलवाई के बेटे से जानने को मिला है।

यह कहानी है हिसार के शहर नारनौंद से संबंध रखने वाले दीपक की। जो तीन साल पहले बेरोजगारी के धक्के खा रहा था। बी.ए की पढ़ाई पूरी करके वह दिल्ली में नौकरी की तलाश करने गया था, लेकिन उसे नौकरी नहीं मिली। इस बात से दीपक हताश नहीं हुआ, बल्कि उसने ठान ली कि वह पैसे कमाएगा और आलम यह है कि आज वह विदेश में लोगों को योग कला सिखाकर महीने के लाखों रुपये कमा रहा है। इसके साथ ही अपने देश का नाम रोशन भी कर रहा है।

दीपक ने दो साल पहले दिल्ली की एक संस्था से योग का डिपलोमा ग्रहण किया और अपने एक दोस्त की मदद से एक साल पहले वियतनाम चला गया। उसने वहां एक योग संस्था की स्थापना की और विदेशियों को योग सिखाना शुरू कर दिया। जहां लोगों को दीपक द्वारा सिखाए जाने वाला योग बेहद पसंद आया और उसके पास कई ऑफर भी आने लगे। किसी ने उसे अमेरिका में भी सिखाने को कहा।

दीपक के पिता अभी भी नारनौंद में हलवाई की दुकान संभालते हैं। उनका कहना है कि वह बेटे को पहलवानी करके देश का नाम रोशन करते देखना चाहते थे। लेकिन अब दीपक द्वारा योग सिखाने पर भी उन्हें बहुत खुशी है क्योंकि दीपक योग की कला विदेशियों को सिखाकर अपने देश का नाम रोशन कर रहा है।

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