Home Breaking हरियाणा कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले, देखिये लिस्ट

हरियाणा कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले, देखिये लिस्ट

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Sahab Ram, Yuva Haryana

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में चालक प्रशांत चौहान को चिकित्सा आधार पर ड्राइवर कैडर से लिपिक के पद पर समायोजित/ नियुक्त करने की स्वीकृति प्रदान की गई।

प्रशांत चौहान स्नातक हैं और लिपिक के पद के लिए आवश्यक सभी निर्धारित शर्तों को पूरा करता है। इस मामले में उसे एसईटीसी भाग-1 और भाग-2, जो लिपिक के पद के लिए अनिवार्य है, पास करने की शर्त से छूट दी गई है।

बहरहाल, मेडिकल रिपोर्टों के अनुसार, प्रशांत चौहान वर्ष 2016 से स्लिप डिस्क से पीडि़त हैं और इसलिए वह लंबे समय तक सरकारी वाहन नहीं चला सकता और उसे यात्रा, ड्राइविंग, लंबे समय तक बैठने और खड़े रहकर ड्युटी से बचने की सलाह दी गई है।

मंत्रिमंडल की बैठक में ग्राम पंचायत बदनपुरी, जिला यमुनानगर की 2 कनाल 7 मरला शामलात भूमि को गांव बदनपुरी निवासी होशियार सिंह की 2 कनाल 7 मरला भूमि के साथ बदलने की स्वीकृति प्रदान की गई।

मंत्रिमण्डल ने जिला परिषद गुरुग्राम की खसरा संख्या 246 में स्थित 2 कनाल भूमि को बिलीवर्स चर्च इंडिया की गांव बादशाहपुर, गुरुग्राम की खसरा संख्या 165  में स्थित 3 कनाल 6 मरला भूमि के साथ बदलने की भी स्वीकृति प्रदान की है।

मंत्रिमंडल की बैठक में नगर एवं ग्राम आयोजन विभाग और शहरी सम्पदा विभाग से सम्बन्धित हरियाणा सरकार कार्य संचालन(आवंटन) नियम,1974 में संशोधन को स्वीकृति प्रदान की गई।
मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बढ़ते शहरीकरण को मद्देनजर रखते हुए, हरियाणा सरकार कार्य संचालन(आवंटन) नियम,1974 के तहत  रियल एस्टेट (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016, गुरुग्राम महानगरीय विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) अधिनियम, 2017 और फरीदाबाद महानगरीय विकास प्राधिकरण अधिनियम, 2018 को शामिल करने की स्वीकृति प्रदान की है।

मंत्रिमंडल की बैठक में आज नई आबकारी नीति 2020-21 को स्वीकृति प्रदान की गई, जो पहली अप्रैल, 2020 से लागू होगी। मंत्रिमण्डल की बैठक के बाद उप-मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला, जिनके पास आबकारी एवं कराधान विभाग का प्रभार भी है, ने पत्रकार सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए नई आबकारी नीति के प्रमुख पहलुओं की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि इस वर्ष शराब के ठेकों की संख्या 2500 से बढ़ाकर 2600 की जाएगी और शहरों में ठेके नहीं खोले जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में गांव की आबादी से बाहर ठेके खोलने की अनुमति होगी। अब तक 872 पंचायतों से शराब के ठेके गांव से बाहर खोलने के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिन पर आबकारी आयुक्त आवश्यक सुनवाई के बाद अपने स्तर पर निणर्य लेंगे। ठेकों की नीलामी में एकाधिकार को खत्म करने के लिए छ: ठेकों के जोन को घटाकर अब दो ठेकों का जोन बनाया गया है, अर्थात दो ठेकेदार मिलकर निविदा में भाग ले सकते हैं। आबंटन के लिए ई-निविदा की प्रक्रिया जारी रहेगी। इससे प्रतिस्पर्धा भी बढ़ेगी और नये कारोबारियों को मौका भी मिलेगा।

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