हरियाणा कैबिनेट की बैठक में ग्रुप डी आवेदकों को बड़ी राहत, अगली बैठक 8 मार्च को

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Sahab Ram, Yuva Haryana
Chandigarh, 5 March, 2019

हरियाणा कैबिनेट की अहम बैठक आज मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में हुई। बैठक में आगामी आठ मार्च को फिर से कैबिनेट की बैठक करने का फैसला लिया गया है। वहीं बैठक में कई अहम फैसलों को मंजूरी दी गई है।

कैबिनेट की बैठक की जानकारी राज्यमंत्री कृष्ण बेदी और मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार राजीव जैन ने दी।

1.  मंत्रिमंडल की बैठक में कट्टर कैदियों के अलावा अन्य कैदियों के लिए विशेष प्रावधान करने के लिए हरियाणा सदाचारी कैदी (अस्थाई रिहाई) अधिनियम, 1988 में संशोधन को स्वीकृति दी गई। संशोधन के अनुसार, कट्टर कैदी के अलावा अन्य कैदियों को संबंधित जेल अधीक्षक द्वारा तय की जाने वाली 48 घंटे की अवधि के लिए सशस्त्र पुलिस एस्कॉर्ट के तहत, उसके पौत्र-पौत्री या सहोदर के विवाह में शामिल होने या उसके दादा-दादी, माता-पिता, दादा ससुर, दादी सास, सहोदर,  बच्चे या पोता-पोती के मृत्यु अनुष्ठïान में उपस्थित होने के लिए अस्थायी आधार पर या फरलो पर छोड़ा जाएगा। इसके अलावा, एक कट्टर कैदी के अलावा अन्य अपराधी को उसकी बेटी की शादी में शामिल होने के लिए सशस्त्र पुलिस एस्कॉर्ट के तहत 96 घंटे और बेटे की शादी में शामिल होने के लिए 72 घंटे के लिए अस्थायी आधार पर छोड़ा जाएगा जिसका संबंधित जेल अधीक्षक द्वारा निर्णय लिया जा सकता है।  वह 24 घंटे के भीतर इस प्रकार रिहाई किए जा रहे बंदी के पूर्ण ब्यौरो सहित संबंधित जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक को सूचित करेगा।
इससे पूर्व, अधिनियम में उप-धारा 5 ए में कट्टर कैदियों के अलावा अन्य सजायाफ्ता कैदियों के लिए इस तरह का प्रावधान उपलब्ध नहीं था। हालाँकि, अब इस विसंगति को दूर करने के लिए उपधारा 5बी को सम्मिलित करके अधिनियम में संशोधन किया गया है।
2. मंत्रिमंडल की बैठक में मुख्यमंत्री द्वारा 28 अक्टूबर, 2018 को जिला यमुनानगर के गाँव दामला के दौरे के दौरान की गई घोषणा के अनुसार टोल प्लाजा-12 (यमुनानगर-रादौर-लाडवा-थानेसर रोड) के डी-नोटिफिकेशन को स्वीकृति प्रदान की गई। घोषणा के उपरान्त टोल प्लाजा को एक नवंबर, 2018 से बंद  कर दिया  गया था।  मंत्रिमंडल ने आज इस टोल प्लाजा को बंद करने की घटनोत्तर स्वीकृति प्रदान की।
3. मंत्रिमंडल की बैठक में जिला नूंह में पुन्हाना से लाखरपुर, श्री सिंगलहेडी, थेंकरी, जमालगढ़, रनोटा-मनोटा से राजस्थान सीमा पर डोंडल रोड तक नए टोल प्लाजा की स्थापना को मंजूरी दी गई। चूँकि सभी चल रहे टोल पॉइंट्स की समयावधि को पहले ही 31 मार्च, 2017 से बढ़ाकर 31 मार्च, 2022 कर दिया गया है, इसलिए इस नए टोल प्लाजा की समय अवधि को भी 31,2022 तक के लिए अनुमोदित किया गया है।
4. मंत्रिमंडल की बैठक में नगर समिति, महेंद्रगढ़ की 600 वर्ग गज भूमि धर्मशाला के निर्माण के लिए धानक समाज उत्थान संगठन, महेंद्रगढ़ को देने की स्वीकृति प्रदान की गई।
भूमि को 99 वर्ष की अवधि के लिए पट्टे पर दिया जाएगा।
5. मंत्रिमंडल की बैठक में ग्राम पंचायत कुकडौला, खण्ड बादली, जिला झज्जर की 30 कनाल 19.5 मरला शामलात भूमि को  मैसर्ज मॉडल इकोनोमिक टाउनशिप लिमिटेड की 30 कनाल 19.5 मरला भूमि के साथ बदलने की स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रिमण्डल ने ग्राम पंचायत मुनीमपुर, खण्ड बादली, जिला झज्जर की 21 कनाल 14.5 मरला शामलात भूमि को  मैसर्ज मॉडल इकोनोमिक टाउनशिप लिमिटेड की 21 कनाल 14.5 मरला भूमि के साथ बदलने की स्वीकृति भी प्रदान की। इसके अतिरिक्त, मंत्रिमण्डल ने ग्राम पंचायत दादरी तोए,खण्ड एवं जिला झज्जर की 49 कनाल 19 मरला शामलात भूमि को  मैसर्ज मॉडल इकोनोमिक टाउनशिप लिमिटेड की  49 कनाल 19 मरला भूमि के साथ बदलने की स्वीकृति भी प्रदान की ।
मंत्रिमण्डल ने ग्राम पंचायत सौंधी, खण्ड बादली, जिला झज्जर की 13 कनाल 8 मरला शामलात भूमि को  मैसर्ज मॉडल इकोनोमिक टाउनशिप लिमिटेड की 13 कनाल 8 मरला भूमि के साथ और ग्राम पंचायत बामनौला, खण्ड बादली, जिला झज्जर की 13 कनाल 6 मरला शामलात भूमि को  मैसर्ज मॉडल इकोनोमिक टाउनशिप लिमिटेड की 13 कनाल 6 मरला भूमि के साथ बदलने की स्वीकृति भी प्रदान की।
6. मंत्रिमंडल की बैठक में पंजाब जेल सेवा (श्रेणी ढ्ढढ्ढ) नियम, 1963 में संशोधन को स्वीकृति प्रदान की गई। संशोधन के अनुसार, उप-अधीक्षक जेल के 25 प्रतिशत पदों को सीधी भर्ती द्वारा और 75 प्रतिशत पदों को कम से कम सात वर्ष के अनुभव वाले सहायक अधीक्षक जेल में से पदोन्नति द्वारा या किसी भी राज्य सरकार या भारत सरकार में पहले से ही सेवारत किसी अधिकारी के स्थानांतरण या प्रतिनियुक्ति द्वारा भरा जाएगा। लिपिकीय काडर के 12.5 प्रतिशत कोटे को इस तथ्य के मद्देनजर छोड़ दिया गया है कि अधीक्षक, उप-अधीक्षकों से उच्च गे्रड-पे प्राप्त कर रहे हैं और वे संदर्भ के तहत पदोन्नित के इच्छुक नहीं है, जिसके फलस्वरूप इस कोटे में स्थायी रिक्तियां उत्पन्न हुई है।
7. मंत्रिमंडल की बैठक में विकास संबंधी परियोजनाओं के लिए सरकार को स्वेच्छा से दी गई भूमि की खरीद की नीति (द्वितीय संशोधन), 2019 को स्वीकृति प्रदान की गई।  नीति के तहत, ‘सचिवों की समिति’ और ‘उच्चाधिकार प्राप्त भूमि खरीद समिति’ का कोरम अध्यक्ष सहित कम से कम 50 प्रतिशत सदस्यों का होगा। मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली सचिवों की समिति उचित मूल्य (कलेक्टर दरों) से 20 प्रतिशत से अधिक तक के भूमि खरीद मामलों में निर्णय ले सकेगी और ऐसे मामलों को उच्चाधिकार प्राप्त भूमि खरीद समिति को भेजने की आवश्यकता नहीं होगी संबंधित विभाग के प्रभारी मंत्री उच्चाधिकार भूमि खरीद समिति के सदस्य भी होंगे।
8. गत वर्ष के दौरान आबकारी में हुई 23 प्रतिशत की वृद्धि से प्रोत्साहित  हरियाणा मंत्रिमंडल ने आज 7,500 करोड़ रुपये के अब तक के उच्चतम लक्ष्य के प्रक्षेपण के साथ वर्ष 2019-20 की आबकारी नीति को स्वीकृति प्रदान की जोकि इस वर्ष के 6,300 करोड़ रुपये पर 19 प्रतिशत की वर्ष दर वर्ष वृद्घि दर्शाती है। आबकारी नीति आबकारी एवं कराधान विभाग के पोर्टल www.haryanatax.gov.in  के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करने और लाइसेंस प्रदान करने से संबंधित ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (ईओडीबी) पहल के शुभारंभ पर जोर देती है। ईओडीबी के तहत प्रत्येक गतिविधि के लिए समय सीमा तय की गई है। निर्यात के लिए लेबल और अनुमतियों का नवीनीकरण स्वचालित होगा। समय सीमा समाप्त या जब्त बीयर का निपटान भी ब्रेवरीज के निस्सार उपचार संयंत्र (ईटीपी) के माध्यम से पर्यावरण-अनुकूल तरीके से किया जाएगा। पर्यावरण संरक्षण की अपनी प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए कम से कम 20 प्रतिशत शराब कांच की बोतलों में बेची जाएगी। यह नीति शराब निर्माताओं को 180 एमएल के टेट्रा पैक्स(बायोडिग्रेडेबल), जिन्हें तकनीकी रूप से निप्स कहा जाता है, में आईएमएफएल के विपणन के लिए सक्षम बनाती है। उपभोक्ताओं को कम दरों पर बेहतर देशी शराब प्रदान करने के लिए, नीति डिस्टिल्ड को  सुपीरियर 65 डिग्री प्रुफ देशी शराब, जिसे मेट्रो शराब कहा जाता है, लॉन्च करने की अनुमति दी गई है और इसे राज्य आधारित डिस्टिलरीज़ द्वारा बेचा जाएगा।
नीति ने राज्य में सीएसडी कैंटीन के माध्यम से बेची जाने वाली रम पर  आबकारी शुल्क को 61 रुपये प्रति प्रुफ लीटर तक कम करके  सशस्त्र बलों की उम्मीदों को पूरा किया है।
उपभोग को तेज़ की बजाए हल्की शराब के प्रति आकर्षित करने के मद्ïïदेनजर राज्य ने माइक्रो ब्रेवरीज को हार्ड लिकर के लिए अनिवार्य लाइसेंस मांगे बिना लाइसेंस का विकल्प चुनने की अनुमति दी है। उपभोक्ताओं के विपणन अनुभव को बढ़ाने के लिए नीति  मॉल्स और गुरुग्राम, फरीदाबाद एवं पंचकूला में लाइसेंस प्राप्त शॉपिंग क्षेत्रों में स्टेट ऑफ आर्ट अवंत-गार्डे आउटलेट की स्थापना की अनुमति देती है। नीति राजस्व को अधिकतम करने और साथ ही पूरे उद्योग को बढ़ावा देने के लिए आईएमएफएल, देशी शराब और बीयर पर आबकारी शुल्क को युक्तिसंगत भी बनाती है। बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए, देशी शराब और आईएमएफएल के लिए वार्षिक अनिवार्य लिफ्टिंग कोटे को क्रमश: 10 से बढ़ाकर 10.5 करोड़ प्रुफ लीटर और 6 से बढ़ाकर 6.5 करोड़ प्रुफ लीटर किया गया है।
नीतिगत दो वर्षों की राजस्व वृद्घि को और बढ़ाना सुनिश्चित करते हुए  शराब की बिक्री में एकाधिकार को समाप्त करने के लिए आयातित विदेशी शराब में और अधिक आपूर्तिकर्ताओं की अनुमति देती है।
यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई निर्माण और आपूर्ति नहीं है। अवैध/तस्करी की शराब का कोई निर्माण और आपूर्ति न हो, विशेष रूप से इस उद्देश्य के लिए विभाग में 350 पुलिस कर्मियों को प्रतिनियुक्त किया जाएगा। यह आबकारी नीति बार और रेस्तरां हेतु, विशेष रूप से भिवानी, कैथल, हिसार, जींद और फतेहाबाद जैसे शहरों में, बिक्री के लिए कड़े मानदंडों का प्रावधान करती है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वैध एल-2 तथा  एल-13 लाइसेंसधारकों की प्रतिस्पर्धा में बोतलबंद शराब की बिक्री के लिए लाइसेंसों का गलत उपयोग न हो। विभाग में त्वरित स्वीकृति और निर्णय निर्धारण के लिए, जिला स्तर के अधिकारियों को काफी हद तक कलेक्टर आबकारी का अधिकार दिया गया है। रिटेल जोन को मोटे तौर पर प्रत्येक भौगोलिक पोजिशन में स्थित छ: ठेकों के साथ उसी आकार के रखा गया है।
लोगों को स्वयं के लिए घर पर आजीवन शराब का अधिक स्टॉक रखने में सक्षम बनाने के लिए, इस उद्देश्य के लिए लाइसेंस (एल-50) को और अधिक किफायती बनाया गया है और अब यह लाइसेंस विभाग के पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन प्राप्त किया जा सकता है। शहरी क्षेत्रों में, पूर्ववर्ती सब वेंड्स के अलावा, हर जोन में दो अतिरिक्त सब वेंड्स उपलब्ध करवाए जा सकते हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जोन के भीतर किसी प्रकार अवैध शराब की बिक्री न हो। ग्रामीण क्षेत्रों में, 5000 से अधिक की आबादी वाले गाँवों को अतिरिक्त सब वेंड की अनुमति होगी। किसी जोन के आरक्षित मूल्य से 25 प्रतिशत अधिक की बोली लगाने के इच्छुक संभावित संभावित लाइसेंसधारकों की सुविधा के लिए, धरोहर राशि जमा (ईएमआई) को 21 प्रतिशत की बजाय 15 प्रतिशत किया गया है।
निर्धारित समय में इस आशय का प्रस्ताव पारित करने वाली 57 पंचायतों में शराब नहीं बेची जाएगी। पवित्र शहरों- थानेसर नगरपालिका सीमा और पेहोवा में भी शराब नहीं बेची जाएगी। जिन गांवों कन्या गुरुकुल चल रहे हैं, वहां भी बेचने की अनुमति नहीं होगी।
9.  मंत्रिमंडल की बैठक में, हरियाणा के किसी भी राज्य परिवहन उपक्रम द्वारा सिटी बस सेवा के रूप में संचालित स्टेज कैरिज तथा शैक्षणिक संस्थानों हेतु वाहनों पर कर की दरों के युक्तिकरण के परिवहन विभाग के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। इस प्रस्ताव से हरियाणा के किसी भी राज्य परिवहन उपक्रम द्वारा सिटी बस सेवा के रूप में संचालित स्टेज कैरिज के लिए करों की दरों को निर्दिष्ट करने में लाभ होगा, जिससे वे निर्दिष्ट कर का भुगतान करने में सक्षम होंगे। इसके अनुसार शिक्षण संस्थानों के स्वामित्व वाली बसों पर लगाए जाने वाले मोटरयान करों को तर्कसंगत बनाया जाएगा। राज्य के बाहर पंजीकृत शैक्षणिक संस्थानों की बसों को राज्य के अंदर पंजीकृत बसों द्वारा अदा किए गए कर की तुलना में 20 प्रतिशत अधिक कर का भुगतान करना होगा। अनुमोदित प्रस्ताव के तहत, हरियाणा के किसी भी राज्य परिवहन उपक्रम द्वारा सिटी बस सेवा के रूप में संचालित स्टेज कैरिज के लिए कर की दर 1,000 रुपये प्रतिमाह होगी। इसी तरह, राज्य में पंजीकृत शिक्षण संस्थानों द्वारा उपयोग की जाने वाली अनुबंध कैरिज (साधारण) के लिए कर की दर, ड्राइवर को छोडक़र छह से 12 सीटों तक 5,000 रुपये प्रति वर्ष,  ड्राइवर को छोडक़र 13 से 32 सीटों तक 8,000 रुपये प्रति वर्ष, ड्राइवर को छोडक़र, 33 या इससे अधिक सीटों के लिए 10,000 रुपये प्रति वर्ष होगी।
  हरियाणा में पंजीकृत शिक्षण संस्थानों द्वारा उपयोग की जाने वाली अनुबंध कैरिज (वातानुकूलित) के लिए कर की दर, ड्राइवर को छोडक़र छ: से 12 सीटों तक 12,000 रुपये प्रति वर्ष, ड्राइवर को छोडक़र 13 से 32 सीटों तक 20,000 रुपये प्रति वर्ष, ड्राइवर को छोडक़र, 33 या इससे अधिक सीटों के लिए 30,000 रुपये प्रति वर्ष होगी।
हरियाणा से बाहर पंजीकृत शिक्षण संस्थानों द्वारा उपयोग की जाने वाली अनुबंध कैरिज (सामान्य) के लिए कर की दर, ड्राइवर को छोडक़र छ: से 12 सीटों तक 6000 रुपये प्रति वर्ष, ड्राइवर को छोडक़र 13 से 32 सीटों तक 10,000 रुपये प्रति वर्ष, ड्राइवर को छोडक़र, 33 या इससे अधिक सीटों के लिए 12,000 रुपये प्रति वर्ष होगी।
हरियाणा से बाहर पंजीकृत शिक्षण संस्थानों द्वारा उपयोग की जाने वाली अनुबंध कैरिज (डीलक्स एसी) के लिए कर की दर, ड्राइवर को छोडक़र छ: से 12 सीटों तक 14,400 रुपये प्रति वर्ष, ड्राइवर को छोडक़र 13 से 32 सीटों तक 24,000 रुपये प्रति वर्ष, ड्राइवर को छोडक़र, 33 या इससे अधिक सीटों के लिए 36,000 रुपये प्रति वर्ष होगी।
10.  मंत्रिमंडल की बैठक में, मोटरयान कर की दरों के युक्तिकरण के परिवहन विभाग के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।
इसी प्रकार, मालवाहक वाहनों के लिए मोटरयान कर के स्लैब का सकल वाहन भार (जीवीडब्ल्यू) (टनों में) के अनुसार युक्तिकरण किया गया है। इसके अनुसार 1.2 टन तक के जीवीडब्ल्यू वाले वाहनों के लिए मोटरयान कर 300 रुपये, 1.2 टन से अधिक परन्तु 6 टन तक के जीवीडब्ल्यू वाले वाहनों के लिए मोटरयान कर 7200 रुपये, 6 टन से अधिक परन्तु 16.2 टन तक के जीवीडब्ल्यू वाले वाहनों के लिए मोटरयान कर 9600 रुपये, 16.2 टन से अधिक परन्तु 18.5 टन तक के जीवीडब्ल्यू वाले वाहनों के लिए मोटरयान कर 11200 रुपये, 18.5 टन से अधिक परन्तु 28 टन तक के जीवीडब्ल्यू वाले वाहनों के लिए मोटरयान कर 17300 रुपये तथा 28 टन से अधिक के जीवीडब्ल्यू वाले वाहनों के लिए मोटरयान कर 25300 रुपये होगा। ये कर प्रतिवर्ष होंगे।
11.  मंत्रिमंडल की बैठक में, हरियाणा खाद्य एवं औषध प्रशासन विभाग में मुख्यालय (ग्रुप ए)  में नियुक्त व्यक्तियों की भर्ती और सेवा शर्तों को विनियमित करने के उददेश्य से,  हरियाणा खाद्य एवं औषध प्रशासन विभाग, मुख्यालय (ग्रुप ए)  सेवा नियम, 2018 को मंजूरी प्रदान की गई।
खाद्य एवं औषध प्रशासन विभाग, हरियाणा को 4 जनवरी, 2011 को स्वास्थ्य विभाग से निकालकर एक स्वतंत्र विभाग बनाया गया था। खाद्य एवं औषध प्रशासन विभाग, एक प्रवर्तन विभाग है और विभाग के सुचारू नियंत्रण हेतु मंत्रिमंडल ने आज मुख्यालय (ग्रुप ए)  सेवा नियमों को स्वीकृति प्रदान की है।

 

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