कैबिनेट की बैठक में अहम फैसला, 20 फरवरी को शुरु होगा बजट सत्र

Breaking चर्चा में बड़ी ख़बरें राजनीति सरकार-प्रशासन हरियाणा हरियाणा विशेष

Sahab Ram, Yuva Haryana
Chandigarh, 04 Feb, 2019

हरियाणा कैबिनेट की अहम बैठक आज चंडीगढ़ में हुई जिसमें मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में हरियाणा के बजट सत्र को लेकर तारीख का ऐलान कर दिया है। हरियाणा विधानसभा का बजट सत्र 20 फरवरी से शुरु होगा।

राज्यमंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने प्रेस कांफ्रेंस कर कैबिनेट की बैठक में हुए फैसलों की पूरी जानकारी दी। इस मौके पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार राजीव जैन भी मौजूद रहे।

क्या-क्या लिये गए हैं फैसले ?

1. हरियाणा सरकार ने विकास एवं पंचायत विभाग की कार्यप्रणाली के मद्देनजर विकास एवं पंचायत विभाग (ग्रुप ख) सेवा नियम, 2016 में संशोधन करने का निर्णय लिया है। नये नियम हरियाणा विकास एवं पंचायत विभाग (ग्रुप ख) सेवा (संशोधन) नियम, 2018 कहलाएंगे।
यह निर्णय आज यहां हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमण्डल की बैठक में लिया गया। संशोधन के अनुसार यदि पात्र सामाजिक शिक्षा एवं पंचायत अधिकारी (एसईपीओ) खण्ड विकास एवं पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ) के पद पर पदोन्नति के लिए उपलब्ध नहीं है तो पदोन्नति कोटा के पदों का अधिकतम 50 प्रतिशत सीधी भर्ती द्वारा इस शर्त पर भरे जा सकते हैं कि भविष्य में सीधी भर्ती के पदों को पदान्नति द्वारा तब तक भरा जाएगा जब तक पदोन्नति का निर्धारित कोटा प्राप्त नहीं होता।
2. हरियाणा आयुर्वेदिक शिक्षा (ग्रुप क तथा ख) सेवा नियम, 1999 के संशोधन को मंजूरी दी गई, जिसमें श्रीकृष्णा राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं अस्पताल, कुरूक्षेत्र में प्रोफेसर शालाक्य तंत्र तथा प्रोफेसर अगद तंत्र के नये सृजित पदों को सेवा नियमों में सम्मलित किया गया है। ये सेवा नियम अब हरियाणा आयुर्वेदिक शिक्षा (ग्रुप क तथा ख) सेवा (संशोधन) नियम, 2018 कहे जाएंगे। केन्द्रीय भारतीय चिकित्सा परिषद के अनुसार 14 विभाग एक आयुर्वेदिक कॉलेज में होने चाहिए। राज्य सरकार ने श्रीकृष्णा राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं अस्पताल, कुरूक्षेत्र में प्रोफेसर शालाक्य तंत्र तथा प्रोफेसर अगद तंत्र के नये पदों को शैक्षिक, प्रशिक्षण और अनुसंधान के उद्देश्य से स्वीकृति दी। इसके अलावा, राज्य सरकार ने श्री कृष्णा राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज व अस्पताल, कुरुक्षेत्र के मानदण्ड बढाने पर बल दे रखा है और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों का शुभारम्भ किया जा रहा है। प्रोफेसर शालाक्य तंत्र की नियुक्ति सीधी भर्ती द्वारा या रीडर शालाक्य तंत्र में से पदोन्नति द्वारा किसी राज्य सरकार या भारत सरकार की सेवा में पहले से लगे किसी अधिकारी के स्थानांतरण या प्रतिनियुक्ति द्वारा की जाएगी। इसी प्रकार, प्रोफेसर अगद तंत्र की नियुक्ति सीधी भर्ती द्वारा या रीडर अगद तंत्र में से पदोन्नति द्वारा या किसी राज्य सरकार या भारत सरकार की सेवा में पहले से लगे किसी अधिकारी के स्थानांतरण या प्रतिनियुक्ति द्वारा की जाएगी।
3. हरियाणा राजस्व (ग्रुप ए) सेवा नियम, 1997 के संशोधन को स्वीकृति प्रदान की, जिसमें उप-सचिव (प्रोजैक्ट इंचार्ज) (एसेट मैनेजमेंट सैल) को शामिल किया गया है। नये नियम हरियाणा राजस्व (ग्रुप ए) सेवा (संशोधन) नियम, 2018 कहे जाएंगे।
4. राजकीय पशुधन फार्म हिसार की 0.50 एकड भूमि कार्यकारी अभियंता, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, हिसार को स्टार्म वाटर डिस्पोजल वर्कस सैक्टर-1, 4, 5, 25 और एमजीए, हिसार को कलेक्टर दर पर हस्तांरित करने की स्वीकृति प्रदान की है।
5. हरियाणा सरकार ने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों को न्यौछावर करने वाले सीआरपीएफ के शहीद सिपाही सतीश कुमार के आश्रितों को अनुकंपा आधारित स्कीम के तहत सरकारी नौकरी देने का निर्णय लिया है।  सिपाही सतीश कुमार, सीआरपीएफ, गांव छत्तर, तहसील उचाना जिला जींद आपरेशन रक्षक के दौरान जम्मू कश्मीर में दिनांक 20 मार्च, 2015 को शहीद हो गए थे। शहीद की पत्नी श्रीमती कमला देवी को एक विशेष केस के तौर पर अनुकम्पा आधार पर गु्रप डी के पद सेवादार की नियुक्ति प्रदान करने हेतू योग्यता में ढील प्रदान करते हुए नौकदी दी गई है। वर्तमान सरकार के कार्यकाल के दौरान अब तक शहीदों के आश्रितों को 275 नौकरियां दी जा चुकी हैं।
6. हरियाणा सिविल सेवा (पुनरीक्षित वेतन) नियम, 2008 के संशोधन को स्वीकृति प्रदान की है। अब ये नियम हरियाण सेवा (पुनरिक्षित वेतन) संशोधन नियम, 2019 कहे जाएंगें।
ये नियम प्रथम जनवरी, 2006 से लागू हुए समझे जाएंगे।
7.  हरियाणा में फार्मास्युटिकल क्षेत्र में लगभग 2000 करोड़ रुपये के निवेश को आकर्षित करने और 25 हजार नये रोजगार सृजित करने के  उद्देश्य से हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमण्डल की बैठक में आज हरियाणा फार्मास्युटिकल पॉलिसी 2019 को मंजूरी दी गई। इस नीति के तहत करनाल में एक अत्याधुनिक फार्मा पार्क स्थापित करने और एक समग्र उद्योग, शिक्षा और आर एंड डी पारिस्थितिकी तंत्र की सुविधा और निर्माण करके हरियाणा को फार्मास्युटिकल क्षेत्र में एक केंद्र के रूप में विकसित करने की परिकल्पना की गई है। नीति का उद्देश्य फार्मास्युटिकल क्षेत्र के लिए निवेशक अनुकूल और समयबद्ध निकासी वितरण प्रणाली के साथ एक सक्षम विनियामक वातावरण लागू करना, समग्र फार्मास्युटिकल क्लस्टर विकास पर ध्यान केंद्रित करना, फार्मा पार्क में स्थापित इकाइयों को वित्तीय और गैर-वित्तीय लाभ प्रदान करना, एक समर्पित और सुव्यवस्थित तरीके से, राज्य में उद्यमियों का सहयोग करने के लिए गुणवत्ता वाले औद्योगिक बुनियादी ढाँचे का विकास करना, फार्मा इकाइयों की स्थापना के लिए उद्यमियों को रियायती दरों पर भूमि उपलब्ध कराना और एकल खिडक़ी निकासी तंत्र का प्रभावी ढंग से उपयोग करने के साथ-साथ समयबद्ध तरीके से मंजूरी प्रदान करना शामिल है। नई इकाइयों के लिए राजकोषीय प्रोत्साहन निवेश श्रेणी के अनुसार लागू होगा, जैसा कि हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन नीति 2015 में उल्लिखित है। हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन नीति 2015 के तहत दिए गए प्रोत्साहनों के अलावा, राज्य में फार्मा पार्कों में स्थापित होने वाली सभी नई इकाइयां एक विशेष पैकेज प्रोत्साहन के लिए पात्र होंगी।
हरियाणा में फार्मा उद्योग में नए निवेशकों के लिए विनियामक प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए, राज्य सरकार राज्य के सिंगल विंडो पोर्टल के साथ सभी फार्मा क्षेत्र से संबंधित मंजूरी को एकीकृत करेगी, जोकि (इन्वेस्ट हरियाणा- 222.द्बठ्ठ1द्गह्यह्लद्धड्डह्म्4ड्डठ्ठड्ड.द्बठ्ठ) है, जो समयबद्ध, पूरी तरह से ऑनलाइन और सुव्यवस्थित तरीके से मंजूरी प्रदान करेगा। राज्य सरकार उन सभी तर्कसंगत दवाओं को मंजूरी देगी, जिन्हें पड़ोसी राज्य लाइसेंसिंग अधिकारियों द्वारा अनुमोदित किया गया है और भारत सरकार द्वारा गठित विशेषज्ञ समितियों द्वारा तर्कसंगत घोषित किया गया है और जो ड्रग्स अधिनियम की धारा 26-ए के तहत भारत सरकार द्वारा प्रतिबंधित या निषिद्ध नहीं हैं।
8. हरियाणा में विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी एमएसएमई बनाने के उद्देश्य से हरियाणा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) नीति 2019 को मंजूरी दी है। नीति का उद्देश्य उद्योग के भौगोलिक फैलाव के माध्यम से संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देना, क्लस्टर विकास के माध्यम से एमएसएमई की प्रतिस्पर्धा में वृद्धि करना और गुणवत्ता निर्माण प्रथाओं को अपनाना, घरेलू और निर्यात बाजारों तक पहुँचने में एमएसएमई को सुविधा प्रदान करना, हरियाणा के विभिन्न क्षेत्रों में एमएसएमई का विकास और एक अनुकूल पर्यावरणीय प्रणाली प्रदान करना, एमएसएमई के लिए वित्त की पहुंच को सक्षम करना, स्टार्ट अप और इन्क्यूबेशन के माध्यम से उद्यमशीलता को बढ़ावा देना, बीमारू उद्यमों का पुनरुद्धार में सहयोग और व्यापार करने में आसानी के माध्यम से प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना है।           नीति मेक इन इंडिया, स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया और स्टार्ट-अप इंडिया जैसी प्रमुख राष्ट्रीय पहलों के साथ भी संरेखित होती है और केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा की गई व्यावसायिक पहल और सुधार उपायों में भी एकीकृत होती है।
          नीति के तहत, राज्य को औद्योगिक विकास की एक अलग डिग्री के साथ ए, बी, सी और डी विकास खंडों की 4 श्रेणियों में विभाजित किया गया है। श्रेणी डी में, बड़े और मध्यम उद्यम नहीं हैं लेकिन क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए औद्योगिक विकास की प्रक्रिया को तेज करने के लिए सबसे अच्छा प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
9. धर्मार्थ, धार्मिक, कंपनियों या एक और धर्मार्थ, ट्रस्ट या कंपनियों की सामाजिक सांस्कृतिक शिक्षण संस्थानों की भूमि के हस्तांतरण के मामले में स्टाम्प शुल्क को कम करने की स्वीकृति प्रदान की ताकि वित्तीय संकट की वजह से शैक्षणिक संस्थानो को बंद होने से कम किया जा सके। यह निर्णय इन संगठनों को हस्तांतरण के लिए स्टॉम्प ड्यूटी की बचत करने के अन्य साधनों का सहारा लेने के बजाय अपने दस्तावेजों को पंजीकृत करने के लिए प्रोत्साहित करेगा। इसके अलावा, ट्रस्ट या समाज द्वारा संचालित गौशालाओं के पक्ष में गिफ्ट डीड पर पूरी स्टैंप ड्यूटी में भी छूट दी गई है।
10. राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित होने के मदेनजर उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे शामली-पानीपत रोड पर टोल पॉइंट -13 के डी-नोटिफिकेशन के लिए एक्स-पोस्ट फैक्टो प्रस्ताव को स्वीकृति दी है।
11. राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग में नियमित आधार पर काम करने वाले पटवारियों की अंतर-जिला स्थानांतरण नीति (कैडर परिवर्तन नीति) को मंजूरी दे दी है। वर्तमान में, पूरे राज्य में राजस्व पटवारी हरियाणा राजस्व पटवारियों (गु्रप-सी) सेवा नियम, 2011 द्वारा शासित हैं और यह जिला कैडर पद है। कुछ पटवारियों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि उन्हें अपने मूल आवंटित जिले से बाहर स्थानांतरित नहीं किया जा सकता है और उन्हें अपनी पूरी सेवा के दौरान एक ही जिले में बने रहना चाहिए। इस नीति की प्रमुख विशेषता वरीयताओं के क्रम को प्रदान करती है, वरिष्ठता को नियंत्रित करने वाले सिद्धांत, शिकायत निवारण तंत्र है। अन्तर जिला स्थानांतरण में वरीयता का क्रम उसी श्रेणी या कैडर में पटवारियों का आपसी स्थानांतरण होगा, यदि पटवारी वर्तमान में कैंसर से पीडि़त है या 90 प्रतिशत या उससे अधिक शारीरिक रूप से विकलांग हैं या दिल की सर्जरी या किडनी प्रत्यारोपण या वर्तमान में डायलिसिस से गुजर रहा हैं। उसका कैंसर का प्रमाण पत्र छ: महीने से अधिक पुराना नहीं होना चाहिए। वरीयता उन महिला पटवारियों को दी जाएगी, जिनके पति हरियाणा सरकार के राजस्व विभाग या जिला कैडर के तहत अन्य विभागों में कार्यरत है। यह वरीयता उन महिला पटवारियां को भी दी जाएगी, जो इस विभाग में शामिल होने के बाद शादी करती हैं और उस जिले में उनके पति या ससुराल के लोग रहते हैं। सभी महिला पटवारी, जिनके पति हरियाणा के किसी अन्य विभागों (राज्य कैडर) या बोर्डों, निगमों, हरियाणा सरकार के विश्वविद्यालयों या नगर निगम, नगर परिषद या हरियाणा के नगरपालिका समिति व अन्य में  नियमित आधार पर अन्य जिलों में काम कर रहे हैं। अंतर जिला कैडर बदलने के संबंध में किसी भी शिकायत के मामले में अंतर जिला हस्तांतरण के लिए केवल एक अवसर प्रदान किया जाएगा और संबंधित कर्मचारी को इस तरह के आदेश जारी होने के 15 दिनों के भीतर ऑनलाइन पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करने का अधिकार होगा।
12. ट्रस्टों/निजी संस्थानों को सामाजिक/ धार्मिक/धर्मार्थ/सामुदायिक उद्देश्यों के लिए सरकारी/भूमि आवंटन की नीति को मंजूरी प्रदान की गई। यह नीति किसी भी सरकारी विभाग की भूमि को सामाजिक,धार्मिक,धर्मार्थ ट्रस्टों या संस्थाओं को पूजा स्थलों, धर्मशालाओं, जांजघरों, बारातघर और सामुदायिक केंद्रों के निर्माण के लिए प्रदान करने के लिए तैयार की गई है।
    नीति के तहत आवेदक एजेंसी एक पंजीकृत कानूनी संस्था होनी चाहिए, जोकि हरियाणा पंजीकरण और सोसायटी अधिनियम, 2012 के तहत पंजीकृत सोसायटी या भारतीय ट्रस्ट अधिनियम के तहत पंजीकृत ट्रस्ट या एक गैर-लाभकारी कंपनी हो, जैसा कि पंजीकृत भारतीय कंपनी अधिनियम, 2013 में है।
          संबंधित सरकारी विभाग केवल उन जगहों पर भूमि के आवंटन पर विचार करेगा जहां जमीन उपलब्ध है। यह नीति किसी भी तरीके से अधिकार के रूप में उक्त उद्देश्यों के लिए भूमि आवंटन की मांग करने के लिए किसी को अधिकार नहीं देती है। सरकारी विभाग की भूमि को अधिकतम 3000 वर्ग मीटर तक के लिए धर्मस्थल, धर्मशाला, जांजघर, बारातघर और सामुदायिक केंद्रों के लिए आवंटित किया जाएगा। किसी भी विचलन की अनुमति नहीं दी जाएगी।
          आवंटी एजेंसी किसी भी तरह से किसी भी तीसरे पक्ष में साइट को स्थानांतरित नहीं करेगी और इस उद्देश्य के लिए कोई अनुमति नहीं दी जाएगी। यह नीति केवल राज्य सरकार या इसके विभागों के स्वामित्व में भूमि के संबंध में लागू होगी। बिक्री की अस्थायी दर के अनुसार, 2000 वर्ग मीटर तक भूमि क्षेत्र के मामले में, कलेक्टर दर का 50 प्रतिशत है। इसी तरह, 2000 और 3000 वर्ग मीटर के बीच भूमि के आकार के लिए, कलेक्टर दर का 100 प्रतिशत है।
13.   रिजनल रेफलर वेटनरी डाइगोनिस्टक एंड एक्सटेंशन सेंटर (आरआरवीडीईसी) को हरियाणा पशु विज्ञान केन्द्र के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की है।
14. ग्राम पंचायत बरसत्त, खंड घरौंडा, जिला करनाल की शामलात भूमि, रकबा तादादी 45 कनाल, 19 मरले का मुख्तियार सिंह पुत्र करतार सिंह की भूमि रकबा तादादी 39 कनाल, 5 मरले के साथ एचएसएएमबी के खरीद केंद्र स्थापित करने के लिए तबादला करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की।
15. जिला पंचकूला हलका कालका में दीवानवाला से जौहरीवाला तथा मंगनीवाला, बाजेवाला, जौहरीवाला से पिंजौर मल्लाह तक सडक़ निर्माण के लिए सरकार की 10 एकड़ 15 मरला भूमि लोकनिर्माण (भवन एवं सडक़ें) विभाग को कलेक्टर रेट 35 लाख रुपये प्रति एकड़ के अनुसार देने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की है।
16. कॉरपोरेशन बैंक, सेक्टर 11, पंचकूला से 200 करोड़ रुपये की अतिरिक्त कैश क्रेडिट लिमिट प्राप्त करने हेतू राज्य सरकार द्वारा गांरटी देने के लिए स्वीकृति-कार्योत्तर स्वीकृति प्रदान की गई।विद्युत विभाग ने यह प्रस्ताव निगम की कैश लिक्विडिटी में सुधार करने के लिए एचवीपीएनएल को 200 करोड़ रुपये की धनराशि की अतिरिक्त कैश के्रडिट लिमिट के लिए ब्याज दर तथा अन्य शर्तों की पेशकश बैंक को की थी, जिसमें बैंक ने निम्र शर्तों पर मासिक रिसेट के साथ ब्याज दर 7.90 प्रतिशत तक कम की। इसी प्रकार, मंत्रिमण्डल ने देना बैंक, सैक्टर 21, पंचकूला से 100 करोड़ रुपये की वर्तमान ओवरड्राफ्ट लिमिट के नवीकरण तथा वर्तमान ओवरड्राफ्ट लिमिट की सबलिमिट के रूप में 100 करोड़ रुपये की नई डब्ल्यूसीडीएल प्राप्त करने हेतु राज्य सरकार द्वारा गांरटी देने के लिए स्वीकृति-कार्याेत्तर स्वीकृति प्रदान की।
17. नेशनल हाइवे घोषित होने के मद्देनजर पलवल-जेवर-अलीगढ़ रोड, किलोमीटर 0.000 से 15.660 जिला पलवल में टोल प्वाइंट-50 को डिनोटिफिकेशन करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
18.  2009 के हरियाणा अधिनियम संख्या 9, हरियाणा सर्विस ऑफ इंजीनियर्स, ग्रुप-ए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग अधिनियम, 2009 में संशोधन को मंजूरी दी है।
इस अधिनियम को 2009 का हरियाणा अधिनियम नंबर 9, हरियाणा सर्विस ऑफ इंजीनियर्स, ग्रुप-ए, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग अधिनियम, 2009 (संशोधित) कहा जाएगा। इस अधिनियम की अधिसूचना की तारीख 20 मार्च, 2009 से लागू हो गई है और यह उन लोगों पर लागू होगा जो सेवा के सदस्य हैं और वे 20 मार्च, 2009 को या इसके बाद नियुक्त किए गए हैं।
19. राज्य के नंबरदारों को मानदेय 1500 रुपये से बढ़ाकर तीन हजार रुपये प्रतिमाह करने तथा मोबाइल फोन उपलब्ध करवाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है।
यह घोषणा मुख्यमंत्री ने नंबरदार सम्मेलन के दौरान की थी।
20. उप तहसील वजीराबाद को तहसील का दर्जा दिया गया है, इसमें 20 गांव शामिल होंगे। वजीराबाद और बादशाहपुर उपतहसील को जोड़कर नव गुरुग्राम उपमंडल बनाया जाएगा, जिसमें 37 गांव होंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *