हरियाणा कैबिनेट मीटिंग में लिए गए सभी फैसले विस्तार से पढ़ें-

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Shweta Kushwaha, Yuva Haryana
Chandigarh, 13 Feb, 2019
-हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज आयोजित मंत्रिमण्डल की बैठक में शहीद हवलदार रमेश सिंह, सेना और शहीद सिपाही समेर सिंह, सेना के आश्रितों को अनुकम्पा के आधार पर सरकारी नौकरी प्रदान करने की स्वीकृति प्रदान की गई। हवलदार रमेश सिंह, सेना, गांव व डाकखाना हालूवास, तहसील व जिला भिवानी,हरियाणा ऑप्रेशन रक्षक के दौरान जम्मू-कश्मीर में गत  7 दिसम्बर, 2003 को शहीद हो चुके थे। अब शहीद के पुत्र कंवर सिंह को अनुकम्पा आधार पर ग्रुप-डी के पद पर नौकरी देने का निर्णय लिया गया है।
-जिला झज्जर के गांव उखलचना (कोट) को तहसील बादली से निकालकर तहसील झज्जर में शामिल करने को मंजूरी प्रदान की गई है।
-हरियाणा पुलिस सेवा नियम, 2002 को संशोधित करने की स्वीकृति प्रदान की है, जिसके तहत उप-तहसील अधीक्षक के पद को अपर-पुलिस अधीक्षक के रूप में पदाभिहित किया जाएगा।
विभाग में अपर पुलिस अधीक्षक के 19 पद हैं, जिन्हें 10 वर्ष की नियमित सेवा रखने वाले उम्मीदवार को उसके अपने वेतनमान में अपर-पुलिस अधीक्षक के रूप में रिक्त पदों को  पदाभिहित किया जाना है। इसके लिए हरियाणा पुलिस सेवा नियम, 2002 को संशोधित किया जा रहा है।
हरियाणा पुलिस सेवा नियम, 2002 में नियम 7 के अन्त में उप-अधीक्षक पुलिस के रूप में  10 वर्ष की नियमित सेवा रखने वाले उम्मीदवार को उसके अपने वेतनमान में अपर-पुलिस अधीक्षक के रूप में पदाभिहित किया जाएगा।
-हरियाणा परिवहन विभाग, परिवहन आयुक्त कार्यालय (ग्रुप-घ) सेवा नियम, 2018 के निर्माण को अपनी स्वीकृति दी है।
इन नियमों को हरियाणा परिवहन विभाग (ग्रुप-घ) परिवहन आयुक्त कार्यालय सेवा नियम, 2018 कहा जाएगा और यह नियम राजपत्र में इनके प्रकाशन की तिथि से लागू होंगे।
सेवा में भर्ती के लिए सेवादार, चौकरीदार, स्वीपर/स्वीपर-कम-माली के पद हेतु सीधी भर्ती द्वारा अथवा हरियाणा सरकार या किसी राज्य सरकार या भारत सरकार की सेवा में पहले से लगे किसी कर्मचारी के स्थानांतरण अथवा प्रतिनियुक्ति द्वारा होगी।
सेवा में किसी  भी पद पर नियुक्त व्यक्ति यदि व सीधी भर्ती द्वारा नियुक्त किया गया हो तो 2 वर्ष की अवधि के लिए और यदि अन्यथा नियुक्त किया गया हो तो एक वर्ष की अवधि के लिए परिवीक्षा पर रहेगा। यदि नियुक्ति प्राधिकारी की राय में परिवीक्षा के अवधि के दौरान किसी व्यक्ति का कार्य या आचरण संतोषजनक नहीं है तो वह-यदि ऐसा व्यक्ति सीधी भर्ती द्वारा नियुक्त किया गया हो तो उसे उसकी सेवाओं से अलग कर सकता है, यदि ऐसा व्यक्ति सीधी भर्ती से अन्यथा नियुक्त किया गया हो, तो उसे उसके पूर्व पद पर परिवर्तित कर सकता है या उसके सम्बन्ध में किसी ऐसी अन्य रीति में कार्यावाही कर सकता है जो उसके पूर्व नियुक्त के निबंधन तथा शर्तो अनुज्ञात करे। अनुशासन, शास्तियां व अपीलों से सम्बन्धित मामलों में सेवा के सदस्य समय-समय पर यथासंशोधित हरियाणा सिविल सेवा (दण्ड तथा अपील) नियम, 2016  द्वारा शासित होंगे।
-सिविल अस्पताल, अम्बाला सदर के मेडिकल एवं पैरा- मेडिकल स्टॉफ के लिए रिहायशी आवास प्रदान करने की स्वीकृति प्रदान की।
यह निर्णय लिया गया है कि हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 के नियम 164 (ग) में निहित प्रावधान अनुसार कथित भूमि स्वास्थ्य विभाग, हरियाणा को नगर निगम, अम्बाला द्वारा कलेक्टर रेट पर जमा विकास शुल्क पर स्थानांतरित की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्माण किए जाने वाले कुल फ्लैटों में से ( चूंकि कथित 2.85 एकड़ भूमि पर नगर निगम अम्बाला के मकान  बने हुए है) स्वास्थ्य विभाग द्वारा नगर निगम अम्बाला को उतनी संख्या में तथा उसी श्रेणी  के फ्लैट नि:शुल्क प्रदान किए जाएंगे।  इन फ्लैटों का मालिकाना हक तथा कब्जा नगर निगम अम्बाला के अधीन होगा ताकि यह समय-समय पर निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों के आवंटित किए जा सके।
-हरियाणा राज्य अनुसूचित जाति अधिनियम, 2018 के मसौदा नियम-2019 को मंजूरी दी है। राज्य सरकार ने अधिनियम के कार्यान्वयन के उद्देश्य से हरियाणा राज्य आयोग अनुसूचित जाति अधिनियम, 2018 के तहत नियम बनाए हैं, साथ ही उक्त आयोग के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति भी की है।
-हरियाणा राज्य युवा नीति तैयार करने को मंजूरी दे दी है, जिसका उद्देश्य राज्य के युवाओं को उनकी पूर्ण क्षमता प्राप्त करने के लिए सशक्त बनाना है ताकि समाज का सर्वांगीण विकास हो सके। इस नीति का उद्देश्य 15 से 29 वर्ष की आयु वर्ग के युवाओं को अधिक केंद्रित करना है, जो राष्ट्रीय युवा नीति में प्रदान की गई युवाओं की परिभाषा के अनुरूप है।
-नीति का उद्देश्य उत्पादक कार्य बल का निर्माण करना है, जो राज्य और भारत के आर्थिक विकास में एक स्थायी योगदान दे सके। इसका उद्देश्य भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए एक मजबूत और स्वस्थ पीढ़ी विकसित करना भी है। नीति सामाजिक मूल्यों को स्थापित करेगी और राष्ट्रीय स्वामित्व के निर्माण के लिए सामुदायिक सेवा को बढ़ावा देगी। यह शासन के सभी स्तरों पर सहभागिता और नागरिक जुड़ाव की सुविधा प्रदान करेगी। यह जोखिम में युवाओं का भी सहयोग करेगा और सभी वंचित और हाशिए के युवाओं के लिए समान अवसर प्रदान करेगी।
खेल और युवा मामले विभाग एक उपयुक्त समन्वय तंत्र स्थापित करके नीति के कार्यान्वयन के लिए नोडल विभाग के रूप में कार्य करेगा। शिक्षा, अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग  कल्याण विभाग, महिला और बाल विकास, सामाजिक न्याय और अधिकारिता, तकनीकी शिक्षा, रोजगार एवं प्रशिक्षण, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, पंचायती राज, ग्रामीण विकास, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, वन और पर्यावरण, संस्कृति विभाग , पर्यटन, सूचना प्रौद्योगिकी, कृषि, राजस्व और आपदा प्रबंधन, गृह, श्रम और उद्योग विभाग उनकी नीतियों और कार्यक्रमों के महत्वपूर्ण घटक हैं ,जो युवा लोगों के लिए प्रासंगिक हैं।
इसे ध्यान में रखते हुए, सभी संबंधित विभागों के मंत्रियों, मुख्य सचिव और प्रधान सचिव, वित्त के साथ मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक उच्चाधिकार समिति का गठन किया जाएगा। समिति युवा नीति के कार्यान्वयन की समीक्षा करेगी और आवश्यकता पडऩे पर इसे ओर दिशा देगी। खेल और युवा मामले विभाग का प्रशासनिक सचिव उच्चाधिकार समिति का सदस्य-संयोजक होगा।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कार्यबल का गठन संबंधित विभागों के प्रशासनिक सचिवों के साथ किया जाएगा। खेल और युवा मामले विभाग के निदेशक टास्क फोर्स के सदस्य-संयोजक होंगे। टास्क फोर्स मानदंडों को निर्धारित करेगा और कार्यक्रमों के कार्यान्वयन के लिए राज्य, जिला और ब्लॉक स्तरों पर प्रगति को मापने के लिए संकेतकों की सूची तैयार करेगा। जिला स्तर पर, उपायुक्त विभिन्न सम्बन्धित विभागों के बीच समन्वय के लिए जिम्मेदार होंगे।
राज्य सरकार प्रदेश में युवाओं को शिक्षित करने और उन्हें सशक्त बनाने के लिए कार्यक्रमों के कार्यान्वयन की देख-रेख के लिए एक राज्य युवा आयोग का गठन कर सकती है, जिसके अध्यक्ष और ऐसे सदस्यों की संख्या को डिम्ड-फिट माना जाएगा।
नीति का मूल्यांकन हर तीन साल में एक बार तटस्थ और विश्वसनीय एजेंसियों के माध्यम से किया जाएगा और इन परिणामों के आधार पर और राज्य में युवा लोगों की बढ़ती जरूरतों के अनुसार कार्यक्रमों और हस्तक्षेपों को फिर से डिज़ाइन किया जाएगा। स्थिति अनुसार उपयुक्त परिवर्तनों के लिए हर पांच साल में नीति की समीक्षा की जाएगी।
-अपील प्राधिकारी द्वारा अपील के मामलों को हटाने की शक्ति को प्रतिबंधित करने के लिए एचवीएटी नियम, 2003 में संशोधन को मंजूरी दी है। संशोधन के अनुसार, निम्नलिखित भाग को एचवीएटी नियमों के मौजूदा नियम 65 में प्रतिस्थापित किया गया है, ‘अपीलीय प्राधिकारी उस मामले को आमतौर पर रिमांड नहीं करेंगे जहां कानून का एक प्रश्न शामिल है, लेकिन इस मुद्दे को स्वयं तय करें’।
वैट के अन्तर्गत मूल्यांकन प्राधिकारियों के आदेशों के विरूद्घ की गई अपीलों के निपटान में तेजी लाने के लिए यह निर्णय लिया गया है।
-हरियाणा राज्य संस्कृति नीति-कलश (कला एवं संस्कृति हरियाणा नीति) को मंजूरी दी है। नीति के उद्देश्य राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की रक्षा, संरक्षण, संर्वधन और प्रबंधन करना है, दोनों मूर्त और अमूर्त से, और इसे भावी पीढ़ी को देने हेतु और कला और संस्कृति के क्षेत्र में विभिन्न गतिविधियों को बढ़ावा देने, ताकि विभिन्न कला प्रपत्र जनता के साथ लोकप्रिय हो सकें। विभिन्न प्रदर्शन कलाओं में लगे पंजीकृत संस्थानों और संस्थाओं को और व्यक्तिगत प्रदर्शन करने वालों को वित्तीय सहायता प्रदान करने की नीति को विनियमित करता है।
यह विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के युवा छात्रों को इस तरह से शिक्षित करेगा कि वे न केवल राज्य की सांस्कृतिक विरासत के बारे में जागरूक हों बल्कि इसे आगे बढ़ाने के लिए तैयार हो सके। शिक्षा के विभिन्न स्तरों पर शैक्षिक पाठ्यपुस्तकों में कला और संस्कृति पर प्राप्त सामग्री को शामिल करना है। यह कार्यशालाओं, शिविरों, सेमिनारों और प्रदर्शनियों का आयोजन करके कला और संस्कृति की गैर-औपचारिक शिक्षा को भी बढ़ावा देगी।
नीति दुर्लभ पुस्तकों, पांडुलिपियों और अभिलेखागार के धन को एकत्र, डिजिटाइज़ और संरक्षित करेगी ताकि एक अच्छा संसाधन प्रदान किया जा सके। यह कलाकारों और उनकी कलाओं के लिए सार्वजनिक के साथ-साथ निजी क्षेत्र से भी सहयोग सुनिश्चित करेगी। यह कला और संस्कृति के माध्यम से मानवीय मूल्यों को विकसित करके समाज में शांति, सद्भाव और सामूहिक वस्तुओं को बढ़ावा देगी। यह कला और संस्कृति के माध्यम से मानव लोक की संवेदनशीलता को परिष्कृत करके राज्य में मानव जीवन की गुणवत्ता में सुधार करेगी। नीति संस्कृति के परिभाषित, दस्तावेजीकरण, संरक्षण और प्रसार में राज्य के न्यूनतम हस्तक्षेप/भागीदारी को भी सुनिश्चित करेगी।
भारतीय शास्त्रीय संगीत, शास्त्रीय नृत्य, रंगमंच, दृश्य कला, लोक, पारंपरिक और स्वदेशी कला और हरियाणवी लोक गीत, नृत्य और दृश्य कला जैसे सांझी जैसे विभिन्न कला रूपों को बढ़ावा देने के लिए, राज्य व्यक्तिगत कलाकारों और पंजीकृत संगठन को वित्तीय सहायता/अनुदान प्रदान करेगा । ये अनुदान ऐसे वित्तीय सहायता/अनुदानों के लिए नियमन के अलग सेट द्वारा शासित होंगे। राज्य इन क्षेत्रों में प्रदर्शन के प्रायोजन पर भी विचार कर सकता है।
नीति का उद्देश्य संस्कृति के क्षेत्र में काम करने वाले कलाकारों और अन्य लोगों के लिए एक सामाजिक सुरक्षा योजना शुरू करना है । कलाकारों के आश्रितों के लिए एक योजना भी शुरू की जाएगी। कलाकारों के लिए सरकारी नौकरियों में एक निश्चित स्तर के आरक्षण के बारे में सोचा जा सकता है।
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में अपैक्स स्तरीय संस्कृति पर सलाहकार परिषद को भी स्थापित किया जाएगा, जिसमें कला एवं संस्कृति मंत्री, मुख्य सचिव, कला एवं संस्कृति विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सदस्य होंगे, जबकि संस्कृति के क्षेत्र में पांच विशेषज्ञों को भी सदस्य बनाया जाएगा। हरियाणवी प्रवासियों और पर्यटकों सहित लोगों के बीच हरियाणा संस्कृति को लोक प्रिय बनाने और बढ़ावा देने के लिए राज्य संस्कृति नीति पर परिषद सहायता और सलाह देगी।
राज्य नृत्य, संगीत, रंगमंच, पेंटिंग, मूर्तिकला, लोक संगीत व गीत और लोक नृत्य के क्षेत्र में प्रसिद्घ कलाकारों को पुरस्कार व नामित किया जाएगा। हरियाणा कला प्रवीण 40 वर्ष तक के कलाकारों के लिए, हरियाणा कलाश्री 40 से 55 वर्ष तक के कलाकारों के लिए और हरियाणा कलारत्न 55 वर्ष से अधिक के कलाकारों के लिए हैं। आने वाले समय में राज्य सरकार द्वारा और पुरस्कारों को देने का निर्णय लिया जाएगा। इस उद्देश्य के लिए सरकार द्वारा नियुक्त की गई कमेटी के माध्यम से पुरस्कारों का चयन होगा।
नीति के उद्देश्यों की उपलब्धि से सम्बन्धित गतिविधियों हेतु राज्य संस्कृति फण्ड की स्थापना भी राज्य सरकार द्वारा की जाएगी। हरियाणा राज्य संस्कृति नीति एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है और आवश्यकताओं के अनुसार इसकी समीक्षा और उन्नयन किया जाएगा।
सूजसविह-2019
-आबकारी एवं कराधान विभाग के संबंध में हरियाणा सरकार  व्यवसाय (आवंटन) नियम, 1974 में संशोधन को मंजूरी दे दी।
-कपड़ा नीति -2018 (कपड़ा नीति-2019) में संशोधन को मंजूरी दी गई है। इस नीति का उद्देश्य 5000 करोड़ रुपये के निवेश को आकर्षित करने के साथ-साथ 50,000 नये रोजगार सृजित करना है। संशोधन के अनुसार, एंकर यूनिट्स को 100 करोड़ रुपये या इससे अधिक के फिक्स कैपिटल निवेश साथ उद्यम माना है, जो 1000 लोगों या इससे अधिक को रोजगार मुहैया करवाएगा, जिसमें अकुशल लोगों के कुल रोजगार में हरियाणा के निवासियों को 70 प्रतिशत और कुल रोजगार में से हरियाणा के निवासियों को 30 प्रतिशत तक रोजगार उपलब्ध होगा। इसके अलावा, न्यूनतम दो सहायक यूनिट को भी एंकर यूनिट का स्तर स्वीकृत होगा।
इन सहायक इकाइयों को हरियाणा में कहीं भी स्थापित किया जा सकता है। इन एंकर यूनिटस को सी और डी ब्लाक में 50 करोड़ रुपये तक 25 प्रतिशत की दर की कैपिटल सबसिडी मुहैया होगी। इसके अलावा, नीति की अधिसूचना के पश्चात ग्राम एवं आयोजना विभाग द्वारा अनुमोदित लाइसेंस के आधार पर उपलब्ध इकाइयों को टैक्सटाइल पार्क नीति के अन्तर्गत लाभ उपलब्ध होंगे। इसके अलावा कृषि क्षेत्र में दिए गए औद्योगिक लाइसेंस के लिए, लाइसेंसधारी द्वारा मांगी गई राज्य सरकार की विभिन्न एजेंसियों/विभागों द्वारा बुनियादी ढांचा प्रदान करने की लागत वास्तविक आधार पर ली जाएगी। शहरी क्षेत्र में दिए गए औद्योगिक लाइसेंस के लिए, समय-समय पर सरकार द्वारा निर्धारित दरों के अनुसार ईडीसी लगाया जाएगा।
-भूमि अर्जन के कारण राज्य के भू-स्वामियों को पुनर्वास तथा पुर्नस्थापन पॉलिसी (आर एंड आर नीति) के तहत सरकारी नौकरी मुहैया करवाने और एक पद कनिष्ठï अभियंन्ता, छ: पद लिपिक एवं एक पद सेवादार को हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के कार्यक्षेत्र से बाहर निकालने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की है।
सूजसविह-2019
-शिक्षक-एजूकेटर और सभी विभागों में ग्रुप-सी पदों के उम्मीदवारों के नाम का चयन व सिफारिश लिखित परीक्षा, सामाजिक आर्थिक मापदंड और अनुभव के आधार पर किया जाएगा। इस आशय का निर्णय आज यहां मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया।
पद के लिए चयन में कुल 100 अंक होंगे, जिसमें लिखित परीक्षा के लिए 90 अंक और सामाजिक आर्थिक मानदंडों और अनुभव के लिए दस अंक होंगे। बशर्ते कि हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग प्रश्नों की संख्या, अंक प्रति प्रश्न और लिखित परीक्षा की अवधि को अलग-अलग करने के लिए स्वतंत्र होगा।
लिखित परीक्षा को दो भागों में विभाजित किया जाएगा, जिसमें सामान्य जागरूकता, तर्क, गणित, विज्ञान, कंप्यूटर, अंग्रेजी, हिंदी और संबंधित या संबंधित विषय के लिए 75 प्रतिशत की छूट और हरियाणा का इतिहास,वर्तमान जानकारी या मामले, साहित्य भूगोल, नागरिक शास्त्र, पर्यावरण और संस्कृति के लिए 25 प्रतिशत की छूट होगी।
आवेदक के पिता, माता, पति/पत्नी, भाइयों और बेटों में से आवेदक या कोई व्यक्ति हरियाणा सरकार या अन्य राज्य सरकार या केन्द्र सरकार के किसी भी विभाग, बोर्ड, निगम, कंपनी, वैधानिक निकाय, आयोग, प्राधिकरण में नियमित कर्मचारी नहीं है,को पांच प्रतिशत अंक दिए जाएंगे। यदि आवेदक विधवा है या आवेदक की पहली या दूसरी संतान है और उसके पिता की मृत्यु 42 वर्ष की आयु से पहले हुई है या यदि आवेदक का पहला या दूसरा बच्चा है और उसके पिता की मृत्यु उसके 15 वर्ष की आयु होने से पहले हो चुकी तो उसे पाँच प्रतिशत अंक दिए जाएंगे।
यदि आवेदक हरियाणा की ऐसी निरंकुश जनजाति (विमुक्त जाति और टपरीवास जाति) या घुमंतू जनजाति का है, जो न तो अनुसूचित जाति है और न ही पिछड़ा वर्ग है, तो उसे पांच अंक दिए जाएंगे। अनुभव के लिए अधिकतम आठ अंक दिए जाएंगे। प्रत्येक वर्ष के लिए एक आधा (0.5) का अंक या उसके छ: महीने के अनुभव से अधिक का हिस्सा, हरियाणा सरकार के किसी भी विभाग, बोर्ड, निगम, कम्पनी, वैधांनिक निकाय, आयोग में  समान या उच्च पद पर, अधिकतम 16 वर्ष में से अनुभव रखता है। छ: महीने से कम अवधि के लिए कोई अंक नहीं दिया जाएगा। किसी भी आवेदक को किसी भी परिस्थिति में दस से अधिक अंक नहीं दिए जाएंगे।
सूजसविह-2019
-एक वर्ष की अवधि के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के अंतर्गत आने वाले सभी जिलों के लिए विशेष प्रावधानों हेतु हरियाणा कानून (विशेष प्रावधान) विधेयक, 2019 के मसौदे को मंजूरी दी गई है।
इस अधिनियम को हरियाणा कानून (विशेष प्रावधान) अधिनियम, 2019 कहा जाएगा। यह एनसीआर में पडऩे वाले हरियाणा के जिलों से कृषि और सम्बन्धित गतिविधियों में प्रयोग होने वाले निर्दिष्ट डीजल ट्रैक्टरों और कम्बाइन हारवेटस्टर को उच्चतम न्यायालय के निर्देशों की अनुपालना में धीरे-धीरे समाप्त करने में मदद करेगा।
राज्य सरकार इस अधिनियम के लागू होने से एक वर्ष की अवधि के भीतर, कृषि और सम्बन्धित गतिविधियों में प्रयोग होने वाले निर्दिष्ट डीजल ट्रैक्टरों और कम्बाइन हारवेटस्टर के लिए चरणबद्ध तरीके से मानदंड और रणनीति तैयार करने के लिए सभी उपाय करेगी। उप खंड (1) में निहित प्रावधानों के अधीन और किसी भी निर्णय, या किसी भी अदालत या ट्रिब्यूनल के आदेश के बावजूद, निर्दिष्ट डीजल ट्रैक्टरों के पंजीकरण और संचालन को ऐसे समय तक संचालित करने की अनुमति दी जाएगी जब तक उन्हें हटाया नहीं जाता।
सरकार द्वारा जारी किए गए सभी नोटिस या ऐसे वाहनों के खिलाफ किसी भी प्रकार की बलपूर्वक कार्रवाई नहीं की जाएगी, जिन्हें दस साल या उससे अधिक की अवधि के लिए पंजीकृत किया गया है, को निलंबित कर दिया जाएगा और इस अधिनियम के लागू होने की तारीख से एक वर्ष की अवधि तक कोई बलपूर्वक कार्यवाही नहीं होगी। राज्य सरकार समय-समय पर इस अधिनियम के प्रावधानों के उचित कार्यान्वयन के उद्देश्यों के लिए, इस तरह के निर्देश जारी कर सकती है, क्योंकि यह किसी भी प्राधिकरण के लिए उपयुक्त हो सकता है, और ऐसे निर्देशों का पालन करना उस प्राधिकरण का कर्तव्य होगा।
-मीटिंग में निर्णय लिया गया कि हरियाणा माल और सेवा कर अधिनियम 2017 के तहत जारी अधिसूचना और  नए नियमों और कर की दर को तैयार करना, संशोधन और अधिसूचना जारी करने जैसे कार्यों सहित राज्य में जीएसटी के कार्यान्वयन से संबंधित सभी मामलों के लिए मुख्यमंत्री की शक्तियों को आगामी छह महीने तक जारी रखा जाएगा।
-हरियाणा सरकार ने जनहित में क्रियान्वित की गई योजना में अधिक निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए तेजाब पीडि़त महिलाओं एवं लड़कियों के लिए वित्तीय सहायता योजना में पात्रता मानदंडों में संशोधन करने का निर्णय लिया है।
इस आशय का निर्णय आज यहां मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया। संशोधन के अनुसार, सरकारी कर्मचारी योजना के तहत वित्तीय सहायता के लिए पात्र नहीं होंगे। जिन पीडि़तों के पास स्थायी विकलांगता प्रमाणीकरण है, वे मासिक पेंशन के लिए पात्र होंगे। एक व्यक्ति केवल एक पेंशन का दावा करने के लिए पात्र होगा, यदि उसका मामला एसिड अटैक पीडि़त सहायता के लिए स्वीकृत है, तो वह किसी अन्य प्रकार की सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लिए पात्र नहीं होगा।
तेजाब पीड़ित महिला या लडक़ी की अपनी पात्रता प्रमाणित करने के लिए हर वर्ष एक वचनपत्र देना होगा कि वह योजना के सभी पात्रता मानदण्डों को पूर्ण करती है। प्रार्थी को यह वचनपत्र हर वर्ष एक अप्रैल को सम्बन्धित जिला, समाज कल्याण अधिकारी को प्रस्तुत करना होगा। एनआईसी सुनिश्चित करेगा कि जो मासिक पेंशन लाभ का भुगतान किया जाना है, वह इस वचनपत्र पर निर्भर करेगा और यह पत्र पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। यदि शपथ पत्र गलत पाया जाता है तो योजना के तहत प्रदान किए गये लाभ उस तिथि से वापस ले लिए जाएंगे, जिस तिथि से पीडि़त द्वारा गलत वचनपत्र दिया गया था। पीडि़त की पहचान गोपनीय रखने के लिए एनआईसी सुनिश्चित करेगा कि तेजाब पीडि़त से जुड़े अन्य दस्तावेजों की तरह वचन पत्र भी जिला समाज कल्याण अधिकारी को पोर्टल पर दिखाई दे।
-हरियाणा सरकार ने राज्य के सभी विभागों, बोर्डों, निगमों और स्थानीय निकायों में ग्रुप ए, बी, सी और डी पदों पर सीधी भर्ती और सरकारी या सरकारी सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों में सभी शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश के मामले में प्रत्येक को आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को दस प्रतिशत की सीमा तक आरक्षण देने का निर्णय लिया है।
इस आशय का निर्णय आज हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया।इस उदेश्य के लिए परिवार में वह व्यक्ति शामिल होगा जो आरक्षण का लाभ चाहता है, उसके माता-पिता और पति/पत्नी, 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चे और भाई-बहन। आय में सभी स्रोतों से आय शामिल होगी जो वेतन, कृषि, व्यवसाय और पेशा है और यह आवेदन के वर्ष से पहले वित्तीय वर्ष के लिए आय होगी। इसके अलावा, जिन व्यक्तियों का परिवार निम्नलिखित में से किसी भी संपत्ति का मालिक है या उसके पास है, उसे पारिवारिक आय के बावजूद आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के रूप में पहचाना जाएगा: – पांच एकड़ कृषि भूमि और उससे अधिक, 1000 वर्ग फीट और उससे अधिक के आवासीय फ्लैट, अधिसूचित नगरपालिकाओं में 100 वर्ग गज या उससे अधिक का आवासीय भूखंड और  अधिसूचित नगर पालिकाओं के अलावा अन्य क्षेत्रों में 200 वर्ग गज या उससे अधिक का आवासीय भूखंड, जिसकी कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक हो।
परिवारों की आय और संपत्ति को तहसीलदार रैंक के एक अधिकारी द्वारा प्रमाणित किया जाना आवश्यक है और मुख्य सचिव और राजस्व विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार सभी संबंधित दस्तावेजों को सावधानीपूर्वक जांच करने के बाद ही सत्यापित करेंगे।
– हरियाणा विकास और शहरी क्षेत्र नियमन नियमावली, 1976 में संशोधन को मंजूरी दी गई।
संशोधन के अनुसार, गुरुग्राम-मानेसर अर्बन कॉम्प्लेक्स की विकास योजना का हिस्सा बनने वाले हाइपर क्षेत्र में सामुदायिक स्थलों के निर्माण के लिए आगे की अवधि की अनुमति देने के लिए प्रति एकड़ विस्तार शुल्क की दर 10 लाख रुपये होगी, जबकि फरीदाबाद-बल्लभगढ़ शहरी परिसर की विकास योजना के हाई-1 क्षेत्र में, गुरुग्राम जिले में पडऩे वाले सोहना विकास योजना काभाग में, ग्वाल पहाड़ी के विकास योजना का हिस्सा बनने वाले क्षेत्र 9 लाख रुपये और पंचकूला, सोनीपत-कुंडली शहरी क्षेत्र परिसर और पानीपत के हाई-2 क्षेत्र के सात लाख रुपये होगा।
मध्यम क्षेत्रों के लिए, सामुदायिक स्थलों के निर्माण के लिए प्रति एकड़ विस्तार शुल्क की दर छह लाख रुपये होगी, लो-1 क्षेत्रों के लिए पांच लाख रुपये और लो-2 क्षेत्रों के लिए चार लाख रुपये होगी।
लाइसेंस के नवीनीकरण की समय अवधि मौजूदा दो साल से बढ़ाकर पांच साल कर दी गई है। इसलिए, लाइसेंस नवीनीकरण शुल्क को लाइसेंस के लिए लाइसेंस शुल्क के मौजूदा दस प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत कर दिया गया है, जिसमें भाग पूरा होने का प्रमाण पत्र अभी तक प्रदान नहीं किया गया है और लाइसेंस भाग के लिए लाइसेंस शुल्क का 2.5 प्रतिशत से पांच प्रतिशत तक है, जिसमें भाग पूरा होता है, दे दी है।
-आज दिल्ली-गुरुग्राम-एसएनबी कॉरिडोर ऑफ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) के कार्यान्वयन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
आरआरटीएस के सराय-काले-खान गुरुग्राम-एसएनबी कॉरिडोर के कार्यान्वयन को मंजूरी देने के अलावा, मंत्रिमण्डल ने आरआरटीएस स्टेशनों के आसपास 1.5 किमी में परियोजना प्रभाव क्षेत्र के भीतर 1.25 तक अतिरिक्त खरीद योग्य एफएआर और राज्य के रूप में 6436 करोड़ रुपये के सकल योगदान को मंजूरी दी। मंत्रिमंडल ने परियोजना के कार्यान्वयन के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) के साथ समझौतों और अन्य संबंधित दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए प्रशासनिक सचिव, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग को नोडल अधिकारी नामित करने का भी निर्णय लिया। आरसीटीएस परियोजना के कार्यान्वयन में कठिनाइयों या अड़चनों को दूर करने के लिए या एनसीआरटीसी / भारत सरकार के परामर्श के दौरान उत्पन्न होने पर किसी भी बदलाव या संशोधनों को मंजूरी देने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया है।
आरआरटीएस परियोजनाएं एनसीआरटीसी द्वारा कार्यान्वित की जा रही हैं, जो भारत सरकार और दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और हरियाणा की राज्य सरकारों का संयुक्त उपक्रम है। तदानुसार, संबंधित भाग लेने वाली राज्य सरकारों का योगदान निर्धारित किया गया है। दिल्ली, हरियाणा सरकार और राजस्थान सरकार के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का योगदान संबंधित राज्यों में निवेश की मात्रा के आधार पर किया गया है।
वर्ष 2019-20 के वित्त वर्ष में स्वीकृत राज्य कोष से 500 करोड रूपए की सीड कैपीटल दी गई है। हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन लिमिटेड को ऋण लेने के लिए राज्य सरकार ने वर्तमान अनुमानों के अनुसार 5936 करोड रूपए की गारंटी दी है।
सूजविह-2019
– हरियाणा दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम, 2016 के तहत हरियाणा दिव्यांग अधिकार अधिनियम, 2019 को मंजूरी दी है।
इन नियमों के प्रावधानों में दिव्यांग व्यक्तियों के संरक्षण जैसेकि राज्य कोष की स्थापना, राज्य परामर्श समिति की नियुक्ति, दिव्यांगता के अनुसंधान के लिए कमेटी शामिल है। इन नियमों की महत्ता यह है कि सीमित अभिभावकता के लिए मानदण्ड बनाए गये हैं, जिसका उद्देश्य दिव्यांग व्यक्तियों के हितों और उनके कानूनी अधिकारों के संरक्षण को सुनिश्चित करना है।
खेल विज्ञान, खेल प्रौद्योगिकी, खेल प्रबंधन, कोचिंग के क्षेत्रों में खेलों को बढ़ावा देने तथा सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय अनुभवों को अपनाकर चुनिंदा खेल विषयों के लिए प्रशिक्षण केंद्र के रूप में कार्य करने के साथ-साथ राज्य खेल विश्वविद्यालय, हरियाणा की स्थापना को मंजूरी दी है।
हरियाणा के राज्यपाल विश्वविद्यालय के चांसलर होंगे। कुलपति विश्वविद्यालय के प्रमुख कार्यकारी और अकादमिक अधिकारी होंगे और विश्वविद्यालय के मामलों पर सामान्य पर्यवेक्षण और नियंत्रण करेंगे। कुलपति के पास केवल अकादमिक प्रमाणिकता की बजाय खेल प्रमाणिकता की शक्तियां होंगी।

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