जानिए हरियाणा कैबिनेट की बैठक में क्या कुछ अहम फैसले लिए गए-

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Shweta Kushwaha, Yuva Haryana

Chandigarh, 15 Nov, 2018

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा मोटर वाहन नियम, 1993 में संशोधन को स्वीकृति प्रदान की गई, ताकि लर्नर्स ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने और स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस हेतु योग्यता परीक्षण के लिए शक्तियां सौंपी जा सकें।

संशोधन के अनुसार, सभी विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रार, मेडिकल कॉलेजों के निदेशकों, राजकीय कॉलेजों, सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों, राजकीय शिक्षा कॉलेजों, राजकीय बहुतकनीकी संस्थानों, राजकीय आईटीआई, राजकीय नर्सिंग कॉलेज, राजकीय फार्मेसी कॉलेजों, राजकीय आयुर्वेदिक / होम्योपैथिक / यूनानी कॉलेजों के प्राधानाचार्यों और विश्वविद्यालय इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संस्थान के निदेशकों को ये शक्तियां सौंपी जाएंगी।

इससे विद्यार्थियों को अपने शैक्षणिक संस्थान से बिना किसी परेशानी के लर्नर ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही, विद्यार्थियों को अपने संबंधित संस्थानों में ही स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवश्यक ड्राइविंग परीक्षण देने की सुविधा भी प्राप्त होगी।

बैठक में हरियाणा खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग, अधीनस्थ कार्यालय (ग्रुप बी) सेवा नियम, 2018 को स्वीकृति प्रदान की गई।

ऐसे किसी भी व्यक्ति को सीधी भर्ती द्वारा सेवा में नियुक्त नहीं किया जाएगा, जिसकी आयु हरियाणा लोक सेवा आयोग में आवेदन जमा कराने की अंतिम तिथि के बाद के महीने के पहले दिन न्यूनतम और अधिकतम आयु सीमा से कम या अधिक है। सरकारी विश्लेषक के पद के लिए न्यूनतम आयु सीमा 25 वर्ष और अधिकतम आयु सीमा 42 वर्ष होगी।

इसी प्रकार, वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी (बैक्टीरियोलॉजी), वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी (फार्मास्यूटिकल कैमिस्ट्री) और वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी (फार्माकोलॉजी) के पद के लिए न्यूनतम आयु सीमा 22 वर्ष और अधिकतम आयु सीमा 42 वर्ष होगी। औषध नियंत्रण अधिकारी एवं खाद्य सुरक्षा अधिकारी के पद के लिए न्यूनतम आयु सीमा 21 वर्ष और अधिकतम आयु सीमा 42 वर्ष होगी।

वरिष्ठ सरकारी विश्लेषक के मामले में, सेवा में भर्ती सरकारी विश्लेषकों / वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारियों में से पदोन्नति द्वारा या किसी भी राज्य सरकार या भारत सरकार की सेवा में पहले से ही कार्यरत अधिकारी के स्थानांतरण या प्रतिनियुक्ति द्वारा की जाएगी। हालांकि, सरकारी विश्लेषक के मामले में, सेवा में भर्ती सीधी भर्ती द्वारा या किसी भी केंद्र या राज्य सरकार की सेवा में पहले से ही कार्यरत अधिकारी के स्थानांतरण या प्रतिनियुक्ति द्वारा की जाएगी।

जिला पब्लिक एनालिस्ट के मामले में, सहायक पब्लिक एनालिस्टस में से पदोन्नति द्वारा या केंद्र या राज्य सरकारों की सेवा में पहले से ही कार्यरत अधिकारी के स्थानांतरण या प्रतिनियुक्ति द्वारा सेवा में भर्ती की जाएगी। इसी प्रकार, वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी (बैक्टीरियोलॉजिस्ट), वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी (फार्मास्यूटिकल कैमिस्ट्री) और वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी (फार्माकोलॉजी), औषध नियंत्रण अधिकारी एवं खाद्य सुरक्षा अधिकारी के मामले में, सीधी भर्ती द्वारा या केंद्र या राज्य सरकारों की सेवा में पहले से ही कार्यरत अधिकारी के स्थानांतरण या प्रतिनियुक्ति द्वारा भर्ती की जाएगी। बहरहाल, अधीक्षक के मामले में भर्ती उप-अधीक्षकों में से पदोन्नति द्वारा या किसी भी राज्य या केंद्र सरकार की सेवा में पहले से कार्यरत अधिकारी के स्थानांतरण या प्रतिनियुक्ति द्वारा की जाएगी।

सीधी भर्ती द्वारा नियुक्त व्यक्ति दो वर्ष की अवधि के लिए और अन्य प्रकार से नियुक्त व्यक्ति एक वर्ष के लिए प्रोबेशन पर रहेगा।

बैठक में हरियाणा भू अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम को मंजूरी दी गई। जो हरियाणा सरकार और भारतीय सर्वेक्षण (एसओआई) द्वारा संयुक्त रूप से 150 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से क्रियान्वित किया जाएगा। यूएवी / ड्रोन छवियों के साथ परियोजना के पूरा होने की समय सीमा 15 महीने होगी।

भू अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम के प्रमुख घटकों में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में संपत्तियों का रिकॉर्ड, सर्वेक्षण एवं सर्वेक्षण का अद्यतन, बड़े पैमाने की मैपिंग के लिए पेशेवर सर्वेक्षण के ग्रेड मानव रहित एरियल वाहन / ड्रोन जैसी उन्नत विधियों का इस्तेमाल करके कैडस्ट्रल राजस्व मानचित्र  तैयार करना, जिसे रिकॉडर्स ऑफ राइट के साथ जोड़ा जाएगा और सभी ग्रामीण, शहरी और गांव के लाल डोरा क्षेत्र को कवर करते हुए समस्त राज्य के लिए फील्ड मापन करना शामिल है।

भारतीय सर्वेक्षण द्वारा सीओआरएस (निरंतर ऑपरेटिंग रेफरेंस स्टेशन) नेटवर्क स्टेशन स्थापित किए जाएंगे जिसके लिए देश में बढ़ती वैश्विक प्रौद्योगिकी का पहली बार उपयोग किया जाएगा और इससे राजस्व प्राधिकरणों को उच्च स्तर की सटीकता के साथ पैमाइश करने में मदद मिलेगी।

सभी अन्य विभागों के साथ समन्वय के लिए राजस्व विभाग नोडल विभाग होगा। एसओआई चंडीगढ़ में एक प्रयोगशाला स्थापित करेगा और हरियाणा राज्य परियोजना के निष्पादन के लिए एक समर्पित टीम गठित करेगा।

राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में नई एकीकृत लाइसेंसिंग नीति 2016 में संशोधन को स्वीकृति प्रदान की गई ताकि नीति को और अधिक लचीला बनाते हुए एफएआर एवं घनत्व मानदंडों को संशोधित किया जा सके और सामुदायिक स्थलों के आकार में मामूली बदलाव किया जा सके।

एफएआर की ऊपरी सीमा के मानकीकरण और छोटे आकार की इकाइयों में जनसंख्या घनत्व में वृद्धि के कारण घनत्व मानदंडों को बढ़ाया गया है, जिसके परिणामस्वरूप वहनीयता में सुधार होगा।

संशोधन के अनुसार, नई एकीकृत लाइसेंसिंग नीति में कॉलोनियों में जनसंख्या घनत्व 300 व्यक्ति प्रति एकड़ तक बढ़ाया गया है। अनुज्ञेय एफएआर, कॉलोनी के आकार पर विचार किए बिना समस्त परियोजना के अधिकतम 0.25 एफएआर तक सीमित खरीद योग्य अधिकार (पीडीआर) का लाभ उठाने के प्रावधान के साथ 1.25 संशोधित किया गया। ईडब्ल्यूएस / सस्ते आवास के लिए आरक्षित 12 प्रतिशत क्षेत्र को छोडक़र लाइसेंस प्राप्त क्षेत्र के 88 प्रतिशत पर इस तरह के एफएआर को जारी रखा जाएगा। एनआईएलपी कॉलोनियों से लाइसेंस शुल्क, परिवर्तन शुल्क, बाहरी विकास शुल्क जैसी फीस एवं शुल्क बढ़ी हुई एफएआर के अनुपात में वसूल किया जाएगा।  आबादी में वृद्धि के अनुरूप नगर स्तर के बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए आवश्यकतानुसार आवश्यक संशोधन किए जाएंगे।

कॉलोनाइजर को 40 एकड़ तक की कॉलोनी में कम से कम 1.25 एकड़ के सामुदायिक स्थलों के लिए जमीन के दो टुकड़े उपलब्ध कराने की अनुमति होगी । 40 एकड़ से अधिक की कॉलोनियों के लिए सामुदायिक स्थलों की भूमि कम से कम 2-2 एकड़ होगी।

बैठक में दीन दयाल जन आवास योजना (डीडीजेई) – सस्ती प्लॉटिड आवास नीति, 2016 में संशोधन को स्वीकृति दी गई। संशोधन के अनुसार, नीति को स्थायी बनाए रखने के लिए विभिन्न क्षमता शहरों के बीच बाहरी विकास शुल्क को तर्कसंगत बनाया गया है। फरीदाबाद बल्लबगढ़ शहरी परिसर और सोहाना के उच्च क्षमता क्षेत्र-1 में, संशोधित दर अब आवासीय प्लॉट कॉलोनियों पर लागू दरों का 75 प्रतिशत होगी और 25 प्रतिशत अग्रिम भुगतान करना होगा और शेष राशि का भुगतान छ: छमाही किस्तों में ब्याज के साथ करना होगा।

पंचकूला, सोनीपत कुंडली शहरी परिसर और पानीपत के उच्च क्षमता क्षेत्र-2 में, संशोधित दर अब आवासीय प्लॉट कॉलोनियों पर लागू दरों का 75 प्रतिशत होगी और 25 प्रतिशत अग्रिम भुगतान करना होगा और शेष राशि का भुगतान छ: छमाही किस्तों में ब्याज के साथ करना होगा। मध्यम क्षमता क्षेत्रों में, संशोधित दर अब आवासीय प्लॉट कॉलोनियों पर लागू दरों का 50 प्रतिशत होगी और 25 प्रतिशत अग्रिम भुगतान करना होगा और शेष राशि का भुगतान तीन छमाही किस्तों में ब्याज के साथ करना होगा।

निम्र क्षमता क्षेत्र जिला मुख्यालयों में, संशोधित दर अब आवासीय प्लॉट कॉलोनियों पर लागू दरों का 25 प्रतिशत होगी और अग्रिम भुगतान करना होगा। जिला मुख्यालय के अलावा अन्य निम्र क्षमता क्षेत्र में, संशोधित दर अब आवासीय प्लॉट कॉलोनियों पर लागू दरों का 25 प्रतिशत होगी और अग्रिम भुगतान करना होगा।

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