लोकसभा चुनावों के लिए देश में लगी आचार संहिता, जानें क्या होते हैं आचार संहिता के नियम

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Yuva Haryana,

Chandigarh, 11 March,2019

चुनाव आयोग द्वारा लोकसभा के चुनावों की घोषणा करते ही देश में आचार संहिता लग गई है। जानते हैं क्या होती है आचार संहिता और उसके नियम…

आचार संहिता का नियम क्या होता है ?

देश में पंचायत, विधानसभा और लोकसभा के लिए होने वाले सभी चुनावों से पूर्व चुनाव आयोग द्वारा आचार संहिता (Code of Conduct) लगा दी जाती है | आचार संहिता लागू होनें के पश्चात नेताओं और सभी नागरिको को सख्त नियमों का पालन करना होता है, परन्तु बहुत से लोगो के मन में प्रश्न उठता है, कि यह आचार संहिता क्या है और इस दौरान कौन से नियम सख्ती से लागू किए जाते हैं । आज हम आपको आचार संहिता और इसके नियमो के विषय में विस्तार से जानकारी दे रहे है |

आचार संहिता का अर्थ…

चुनाव आयोग द्वारा जारी किये गये वह निर्देश जिनका पालन चुनाव समाप्त होने तक प्रत्येक पार्टी और उसके उम्मीदवार को करना होता है । यदि कोई उम्मीदवार इन नियमों का पालन नहीं करता है, अथवा उल्लघंन करते पाया जाता है, तो चुनाव आयोग उसके विरुद्ध कार्रवाई कर सकता है, उसे चुनाव लड़ने से रोका जा सकता है, उम्मीदवार के विरुद्ध एफआईआर दर्ज हो सकती है और दोषी पाए जाने पर उन्हें जेल भी जाना पड़ सकता है।

राज्यों में चुनाव की तिथियों की घोषणा के पश्चात वहाँ चुनाव आचार संहिता भी लागू हो जाती हैं । चुनाव आचार संहिता के लागू होते ही प्रदेश सरकार और प्रशासन पर कई अंकुश लग जाते है । सरकारी कर्मचारी चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक निर्वाचन आयोग के कर्मचारी बन जाते है । वह आयोग द्वारा दिए गये दिशा-निर्देश पर कार्य करते हैं । आचार संहिता लागू होते ही मुख्यमंत्री या मंत्री किसी प्रकार की घोषणा, शिलान्यास, लोकार्पण या भूमि पूजन नहीं कर सकते ।
चुनाव आचार संहिता के नियम

चुनाव आचार संहिता के नियम इस प्रकार है-

1.चुनाव आचार संहिता के आम नियम…

किसी भी दल द्वारा कोई ऐसा कार्य नही किया जाना चाहिए जिससे जातियों और धार्मिक या भाषाई समुदायों के मध्य मतभेद उत्पन्न हो।
धार्मिक स्थानों का उपयोग चुनाव प्रचार के मंच के रूप में नहीं किया जाना चाहिए।
राजनीतिक दलों की आलोचना कार्यक्रम व नीतियों तक सीमित हो, न ही व्यक्तिगत।
मतदाता को अपनी पार्टी की और आकर्षित करनें के लिए भ्रष्ट आचरण का उपयोग न करें, जैसे-रिश्वत देना, मतदाताओं को परेशान करना।
किसी की अनुमति के बिना उसकी दीवार, भूमि का उपयोग न करें।
किसी दल की सभा या जुलूस में बाधा न डालें।
राजनीतिक दल ऐसी कोई भी अपील जारी नहीं करेंगे, जिससे किसी की धार्मिक या जातीय भावनाएं आहत होती हो।

2.राजनीतिक सभाओं से सम्बंधित नियम…

सभाओ के आयोजन के स्थान व समय की पूर्व सूचना पुलिस अधिकारियों को दी जाए।
दल या अभ्यर्थी पहले ही सुनिश्चित कर ले, कि जिस स्थान का चुनाव उनके द्वारा किया गया है, वहॉं निषेधाज्ञा लागू न हो।
सभा स्थल में लाउडस्पीकर के उपयोग की अनुमति पूर्व सर प्राप्त करें।
सभा के आयोजक विध्न डालने वालों से निपटने के लिए पुलिस की सहायता करें।

3.रैली से सम्बंधित नियम…

रैली का समय, आरंभ होने का स्थान, मार्ग और समाप्ति का समय निर्धारित कर सूचना पुलिस को दें।
रैली का आयोजन ऐसा हो, जिससे यातायात प्रभावित न हो।
राजनीतिक दलों का एक ही दिन, एक ही रास्ते से रैली निकालने का प्रस्ताव हो तो समय को लेकर पहले -बात कर लें।
रैली सड़क के दायीं ओर से निकाला जाए।
रैली में ऐसी चीजों का प्रयोग न करें, जिनका दुरुपयोग हो सके।

4.मतदान संबंधी नियम….

अधिकृत कार्यकर्ताओं को बिल्ले या पहचान पत्र दें।
मतदाताओं को दी जाने वाली पर्ची सादे कागज पर हो और उसमें प्रतीक चिह्न, अभ्यर्थी या दल का नाम न हो।
मतदान के दिन और इसके 24 घंटे पहले किसी को शराब वितरित न की जाए।
मतदान केन्द्र के पास लगाए जाने वाले कैम्पों में भीड़ न लगाएं।
कैम्प साधारण होने चाहिए।
मतदान के दिन वाहन चलाने पर उसका परमिट अवश्य प्राप्त कर लें।

5.सत्ताधारी दल के लिए….

मंत्रियों को सरकारी दौरों को पार्टी के प्रचार के साथ नहीं जोड़ना चाहिए, पार्टी के प्रचार के दौरान वह सरकारी मशीनरी तथा कर्मचारियों का उपयोग नहीं कर सकते।
सरकारी विमान व गाड़ियों का उपयोग पार्टी के प्रचार में नहीं कर सकते।
सभा स्थल या हैलीपैड बनाने के लिए किसी मैदान पर सत्तादल का एकाधिकार नहीं होगा, दूसरे दलों को भी उसी नियम और शर्तो के अंतर्गत यह स्थान उपलब्ध होगा, जिस नियम और शर्त से सत्तादल को दिया जाएगा।
विश्रामगृह, डाक-बंगले, सरकारी आवासों या अन्य सरकारी आवासों पर भी सत्तादल का एकाधिकार नहीं होगा । सभी दलों को निर्धारित शर्तो पर आवंटित होगा परन्तु कोई भी राजनीतिक दल इसका उपयोग चुनाव प्रचार के लिए नहीं कर सकता।

सरकारी धन से कोई विज्ञापन समाचार पत्रों या टीवी चैनलों पर नहीं दिया जाएगा
मंत्रियों के शासकीय भ्रमण पर उस स्थिति में गार्ड लगाई जाएगी जब वे सर्किट हाउस में ठहरे हों।
स्थानांतरण तथा पदस्थापना के प्रकरण आयोग का पूर्व अनुमोदन आवश्यक है।

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