हरियाणा में आदर्श आचार संहिता लागू, 12 मई को होंगे लोकसभा चुनाव

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Sahab Ram, Yuva Haryana
Chandigarh, 10 March, 2019

हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजीव रंजन ने कहा कि लोकसभा-2019  के आम चुनाव के लिए आज से आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है और भारत चुनाव आयोग की घोषणा के अनुसार हरियाणा राज्य में 12 मई, 2019 को 6वें चरण में मतदान होंगें।

रंजन ने यह जानकारी आज यहां पत्रकार सम्मेलन के दौरान दी। उन्होंने कहा कि लोकसभा-2019  के आम चुनाव की गणना 23 मई, 2019 को होगी। उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग के निर्देशानुसार  राज्य में आधुनिक माडल की एम-3 ईवीएम (इलैक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन)को वीवीपीएटी के साथ सभी मतदान केन्द्रों पर प्रयोग किया जाएगा। उन्होंने बताया कि लोकसभा आम चुनावों में ईवीएम मशीन के प्रयोग के संबंध में मीडिया, राजनीतिक दलों व लोगों को जागरूक करने के लिए सभी रिर्टनिंग अधिकारियों व जिला चुनाव अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। ये ईवीएम के संचालन व पूरी तरह से फिटनस के बारे में मार्गदर्शन देंगें। उन्होंने बताया कि भारत चुनाव आयोग के अनुसार दो स्तर पर ईवीएम की रैंडममाईजेशन का कार्य होगा जिसमें पहले स्तर पर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में और दूसरा पर्यवेक्षकों, उम्मीदवारें या उनके चुनाव एजेंट की उपस्थिति में होगा।

उन्होंने बताया कि लोकसभा चुनावों की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। सभी विभागों, उपायुक्तों और राजनीतिक दलों के साथ-साथ प्रशासनिक सचिवों को आदर्श आचार संहिता के कड़ाई से अनुपालन के बारे में निर्देश जारी किए गए हैं।

रंजन ने बताया कि 1 जनवरी 2019 को आधार मानकर फोटो मतदाता सूची तैयार की गई है और 31 जनवरी, 2019 को प्रकाशित की गई है। इस सूची के प्रकाशित होने के साथ-साथ निरंतर अपडेशन के तहत तैयार की गई सप्लीमेंट का उपयोग किया जाएगा। अंतिम प्रकाशित रोल के अनुसार, राज्य में 1,74,48,293 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें से पुरुष 93,97,153 हैं और महिलाएं 80,51,140 हैं। ईपीआईसी शतप्रतिशत मतदाताओं को जारी किए गये हैं। फोटो मतदाताओं की कवरेज भी 100 प्रतिशत है। वर्तमान में राज्य में 19,425 मतदान केंद्र हैं, जिसमें से 5,494 शहरी और 13,931 ग्रामीण क्षेत्रों में हैं। वर्तमान में कोई सहायक मतदान केंद्र नहीं है लेकिन किसी मतदान केंद्र सीमा से अधिक मतदाताओं की संख्या बढ़ती है तो सहायक मतदान केंद्र की स्थापना की जाएगी।

रंजन ने बताया कि इस राज्य में पहली बार वोटर वैरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) प्रणाली का उपयोग सभी 10 संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों में किया जाएगा। पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान वीवीपीएटी का उपयोग 13-थानेसर (कुरुक्षेत्र), 21-करनाल, 25-पानीपत, 31-सोनीपत, 62-रोहतक और 77-गुरुग्राम में किया गया था।

चूंकि, ईपीआईसी को शत प्रतिशत मतदाताओं के लिए जारी किया गया है, इसलिए चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार, ईपीआईसी चुनाव के दौरान मतदाताओं की पहचान के लिए एक अनिवार्य दस्तावेज होगा। ऐसे मतदाताओं के मामले में जिनके पास अपना ईपीआईसी नहीं है, उन्हें ईपीआईसी प्राप्त करने के लिए संबंधित अपने मतदाता पंजीकरण अधिकारी से तुरंत संपर्क करने की सलाह दी गई है। इसी प्रकार, भारत चुनाव आयोग ने अन्य वैकल्पिक पहचान दस्तावेजों यानी पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, केंद्र या राज्य सरकार, सार्वजनिक उपक्रमों, पब्लिक लिमिटेड कंपनियां द्वारा कर्मचारियों को जारी किए गए फोटोग्राफ के साथ सेवा पहचान पत्र, बैंक, पोस्ट ऑफिस द्वारा जारी किए गए फोटोग्राफ के साथ पासबुक, पैन कार्ड, एनपीआर के तहत आरजीआई द्वारा जारी स्मार्ट कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, श्रम मंत्रालय की योजना के तहत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, फोटोग्राफ के साथ पेंशन दस्तावेज, सांसदों / विधायकों, एमएलसी को जारी किए गए आधिकारिक पहचान पत्र और आधार कार्ड का उपयोग किया जा सकता है।

भारत निर्वाचन आयोग के दिशानिर्देशों के अनुसार कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए व  सुरक्षा इत्यादि को स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए अपनाया जाएगा। इसके अलावा, भारत चुनाव आयोग खर्च, चुनाव, मतदान और आदर्श आचार संहिता इत्यादि की गतिविधि की निगरानी के लिए खर्च पर्यवेक्षकों और सामान्य पर्यवेक्षकों की नियुक्ति करेगा। रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा नामांकन, छंटनी, चुनाव चिह्न का आवंटन, ईवीएम की तैयारी और उनके भंडारण इत्यादि सहित सभी महत्वपूर्ण कार्यों की वीडियोग्राफी को सुनिश्चित किया जाएगा। चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों के अनुसार रैंडमाइजेशन के माध्यम से मतदान दलों का गठन किया जाएगा।

भारत चुनाव आयोग के निर्देशानुसार सी-विजिल शुरू किया गया है और इस एप पर आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायतें अपलोड की जा सकती हैं।

इस बार आयोग ने पीडब्ल्यूडी एप भी शुरू किया है जिसे एंड्रॉइड मोबाइल पर प्ले स्टोर और एप स्टोर के माध्यम से डाउनलोड किया जा सकता है। इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए पीडब्ल्यूडी मतदाताओं को ऐप डाउनलोड करने के बाद स्वयं को चिह्नित करना होगा और एप पर पर ईपीआईसी नंबर अपलोड कर वाहन की सुविधा व व्हील चेयर की सुविधा के लिए आग्रह कर सकता है।

हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने नागरिकों, प्रेस और सभी इच्छुक राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे राज्य में चुनाव के शांतिपूर्ण और सुचारू संचालन के लिए निर्वाचन विभाग के साथ सहयोग करें। उन्होंने राज्य में मतदाताओं को धर्म, जाति, समुदाय, भाषा या किसी भी प्रकार के विचार से प्रभावित हुए बिना निडर होकर मतदान करने की भी अपील की।

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