बिना नक्शा के बनाए भवन मालिकों को बड़ी राहत, सरकार ने दिये आदेश

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Sahab Ram, Yuva Haryana
Chandigarh, 07 March, 2019
हरियाणा के विभिन्न शहरों में बिना नक्शा पास करवाए निर्मित व्यवसायिक भवन मालिकों को वर्तमान सरकार ने बड़ी सौगात दी है और सालों से चल रहे संशय को समाप्त करने का काम किया है। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई मंत्रीमंडल की बैठक में पालिकाओं को पांच वर्ग में विभाजित कर ऐसे भवनों को नियमित करने की दर निर्धारित की गई है। यही नहीं, पुनर्वास कालोनियों को रिहायशी क्षेत्र से व्यवसायिक क्षेत्र में बदलाव की दर में भी 50 प्रतिशत की कमी की गई है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए हरियाणा की शहरी स्थानीय निकाय मंत्री कविता जैन ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में नियमों की अवहेलना अथवा जागरूकता के अभाव में अलग-अलग क्षेत्रों में भवन बना चुके हजारों लोगों के लिए नियम बनाने के लिए पूर्व सरकारों ने बेरूखी दिखाई।
कविता जैन ने बताया कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने ऐसे लोगों की परेशानी को समझते हुए शहरों में अवैध व्यवसायिक निर्माण को नियमतिकरण की नीति के तहत गत जून 2018 में मंजूर कर लिया था। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया में ऐसे निर्माणों को एक बार में नियमित किए जाने की नीति के तहत सरकार ने कैबिनेट में दरों को मंजूरी प्रदान कर दी है। नगर निगम गुरूग्राम में ऐसे नियमतिकरण की दर प्रति वर्ग मीटर 7662 रूपए, नगर निगम फरीदाबाद में 6896 रूपए प्रति वर्ग मीटर, अन्य नगर निगमों में 6090 रूपए प्रति वर्ग मीटर, प्रदेश की सभी नगर परिषद क्षेत्र में 5304 रूपए प्रति वर्ग मीटर तथा प्रदेश की सभी नगर पालिकाओं में 4658 रूपए प्रति वर्ग मीटर की दर को निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि नीति के अनुसार 500 वर्ग गज तक के भवन को आवेदन करने का अवसर मिलेगा।
कविता जैन ने बताया कि प्रदेश भर में स्थापित पुनर्वास कालोनियां मसलन माडल टाउन तथा वर्ष 1980 से पूर्व टाऊन प्लानिंग स्कीम, इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के लिए वर्ष 2016 में रिहायशी भवन को व्यवसायिक भवन में बदलाव की नीति मंजूर करते हुए दर निर्धारित की गई थी, इसमें भी 50 प्रतिशत की कमी की गई है।
उन्होंने बताया कि नगर निगम गुरुग्राम में 15,324 रूपए प्रति वर्ग मीटर से 7662 रूपए निर्धारित किया गया है। इसी प्रकार, पंचकूला, सोनीपत, अंबाला, करनाल, पानीपत, रोहतक, हिसार एवं यमुनानगर नगर निगम में 12180 रूपए प्रति वर्ग मीटर में कमी कर 6090 रूपए प्रति वर्ग मीटर, प्रदेश की सभी नगर परिषद क्षेत्र में 10608 रूपए प्रति वर्ग मीटर में कमी कर 5304 रूपए प्रति वर्ग मीटर तथा प्रदेश की सभी नगर पालिकाओं में 9316 रूपए प्रति वर्ग मीटर में कमी कर 4658 रूपए प्रति वर्ग मीटर किया गया है।
उन्होंने कहा कि इससे पुनर्वास कालोनियों के नागरिकों को वर्ष 2016 में नीति में मंजूर दर के 50 प्रतिशत कमी का लाभ मिलेगा।
कविता जैन ने बताया कि एक बार नियमतिकरण की नीति को मंजूरी देने के साथ-साथ भविष्य में ऐसे निर्माण न हों, इसके लिए विभाग पूरी सख्ती बरतेगा। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा वीडियोग्राफी सर्वे भी करवाया जाएगा, ताकि भविष्य में अवैध भवनों के निर्माण पर अंकुश लगाते हुए हरियाणा बिल्डिंग कोड की अनुपालना सुनिश्चित की जा सके। इसके साथ-साथ नियमतिकरण का लाभ उठाने वाले लाभार्थी दस वर्ष के अंदर अपने भवन में हरियाणा बिल्डिंग कोड के अनुरूप बदलाव भी कर पाएंगे।

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