किसानों की आय दोगुनी करने के लिए हरियाणा सरकार अपना रही यह तरीका, जानिये

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Darshan Kait, Yuva Haryana

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के किसानों की आय वर्ष 2022 तक दोगुनी करने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए  सभी को एक साथ मिलकर प्राकृतिक खेती की ओर बढऩा होगा। राज्य सरकार ने इस वर्ष अपने बजट में 1 लाख एकड़ भूमि पर प्राकृतिक कृषि का लक्ष्य निर्धारित किया है। मुख्यमंत्री आज गुरुकुल कुरुक्षेत्र के सभागार में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की तरफ से आयोजित पदमश्री सुभाष पालेकर कृषि कार्यशाला के उदघाटन समारोह में बोल रहे थे।

उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती का माहौल को तैयार करने के लिए प्रदेश के सभी जिलों से 500-500 किसानों को ट्रैनर के रुप में प्रशिक्षित किया जाएगा ताकि ये किसान अपने-अपने जिलों के छोटे और बड़े किसानों को प्राकृतिक खेती के बारे में जागरुक कर सके। इसके अलावा, जहां सरकार देशी गाय पालकों को प्रोत्साहित करेगी वहीं किसानों की फसलों के लिए 1 हजार एफपीओ भी स्थापित करेगी।

इससे पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल, गुजरात के राज्यपाल आचार्य डा. देवव्रत ने दीपशिखा प्रज्ज्वलित कर विधिवत रुप से कार्यशाला का शुभारम्भ किया। इसके उपरांत मुख्यमंत्री मनोहर लाल, राज्यपाल आचार्य डा. देवव्रत व हरियाणा के कृषि मंत्री जेपी दलाल ने हरियाणा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा करीब 2 करोड़ 11 लाख की लागत से निर्मित प्राकृतिक कृषि प्रशिक्षण केन्द्र का उदघाटन किया।
मुख्यमंत्री ने गुरुकुल के प्रांगण से प्राकृतिक खेती की अलख जगाने के प्रति प्रोत्साहित करने पर गुजरात के राज्यपाल आचार्य डा. देवव्रत का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बदलते दौर में  प्रकृति को बचाने की निहायत जरुरत है।

इस प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने में मनुष्य अपनी अहम भूमिका अदा कर सकता है।  आज देश और प्रदेश के सामने प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने, जल संरक्षण, लोगों के स्वास्थ्य को ठीक रखने, किसानों की लागत को कम करके आय को दौगुना करने और उत्पादन को बढ़ाने, लोगों को अच्छी गुणवता की खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाने के लिए आज सभी को प्राकृतिक खेती को अपनाने की निहायत जरुरत है। उन्होंने कहा कि प्रकृति को बचाने के लिए पृथ्वी, जल, अग्नि, हवा और आकाश की बीच में संतुलन को बनाए रखना बहुत जरुरी है, इसलिए इस संतुलन को बनाए रखने के लिए पदमश्री सुभाष पालेकर के विचारों को अपनाकर प्राकृतिक खेती की तरफ कदम बढ़ाना होगा।

उन्होंने कहा कि यह एक सौभाग्य है कि राजा कुरु ने हजारों साल पहले कुरुक्षेत्र की भूमि से हल से खेती करने की परम्परा को शुरु किया और आज सरकार कुरुक्षेत्र की पावन धरा तथा गुरुकुल जैसे शिक्षण संस्थान से प्राकृतिक खेती की अलख जगाने का काम किया है। सरकार ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए देशी गाय के संवर्धन को भी प्रोत्साहित करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जो भी व्यक्ति देशी गाय का पालन पोषण करेगा, उसको प्रोत्साहित किया जाएगा। इतना ही नहीं गाय सेवा आयोग के बजट को भी बढ़ाकर 50 करोड़ किया गया है।

गुजरात के राज्यपाल आचार्य डा. देवव्रत ने गुरुकुल कुरुक्षेत्र से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा की गई पहल पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल का आभार व्यक्त करने और प्राकृतिक खेती से जुड़े अपने तमाम अनुभवों को सांझा करते हुए कहा कि किसानों को जैविक खेती और प्राकृतिक खेती के अंतर को समझना होगा, सभी को प्राकृतिक खेती को अपनाना चाहिए और इसका निर्णय हरियाणा सरकार द्वारा भी लिया गया है। सरकार ने किसानों और देशी गाय पालकों को प्रोत्साहित करने का भी निर्णय लिया है। देशी गाय के गोबर से प्राकृतिक खेती की जाएगी और इसमें अन्य खादों का प्रयोग नहीं किया जाएगा, क्योंकि देसी गाय के गोबर से जीवाणू पैदा होंगे और इन जीवाणूओं से प्राकृतिक खेती को बल मिलेगा, इससे उत्पादन कम नहीं होगा और किसानो की लागत शून्य हो जाएगी, पानी की 70 प्रतिशत बचत होगी, देशी गाय का संवर्धन होगा, मनुष्य के स्वास्थ्य को भी ठीक रखा जा सकेगा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के किसानों की आय वर्ष 2020 तक दौगुना करने के सपने को भी पूरा किया जा सकेगा।

उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती की उपज का मार्किट में दो से तीन गुना दाम अधिक मिलता है और इस खेती से पर्यावरण भी सुरक्षित रहता है। हरियाणा देश की राजधानी दिल्ली के निकट होने के कारण भविष्य में कभी भी मार्किटिंग की समस्या भी पैदा नहीं होगी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व में प्राकृतिक खेती से किसानों में नई स्फुर्ति पैदा होगी और प्राकृतिक खेती करने का एक माहौल भी तैयार होगा। उन्होने यह भी कहा कि गुजरात में पिछले 7 माह में 1 लाख 25 हजार किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ा जा चुका है और इससे पहले हिमाचल में भी पिछले 4 सालों में लाखों किसानों को प्राकृतिक खेती से जोडऩे का काम किया जा चुका है।  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस महान मिशन को आगे बढ़ाकर किसानों को खुशहाल और समृद्घ बनाने का काम करना है।

हरियाणा के कृषि मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि गुरुकुल कुरुक्षेत्र पूरे देश में एक उत्कृष्टï माडल के रुप में विकसित हो चुका है, इस माडल को आज प्रदेश के प्रत्येक किसान को अपनाने की जरुरत है। इन तमाम पहलुओं को जहन में रखते हुए सरकार ने 1 लाख भूमि पर प्राकृतिक खेती का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि सरकार जल्द ही प्राकृतिक खेती के उत्पादों के लिए एक बड़ी मंडी की व्यवस्था करेगा, इस मंडी में उच्च गुणवता के उत्पाद मिल पाएंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री मनोहर लाल के लक्ष्य को पूरा करने के लिए किसानों की आय को दौगुना किया जाएगा और प्राकृतिक खेती से किसानों की लागत कम होगी और आय बढ़ेगी।

हरियाणा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजीव कौशल ने मेहमानों का स्वागत करते हुए कहा कि प्राकृतिक कृषि प्रशिक्षण केन्द्र में किसानों को प्राकृतिक खेती के बारे में प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि किसान अपने दायित्व का निर्वहन करते हुए प्राकृतिक खेती को अपनाकर पर्यावरण को बचाए और अपने उत्पादन को बढ़ाकर आय को भी बढ़ाने का काम करे। इन तमाम पहलुओं को जहन में रखते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बजट में आगामी 3 सालों में एक लाख एकड़ भूमि पर प्राकृतिक खेती करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। हरियाणा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के महानिदेशक विजय दहिया ने मेहमानों का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता, बिजली मंत्री रणजीत सिंह चौटाला, खेलमंत्री संदीप सिंह, परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा, विधायक सुभाष सुधा, विधायक लीला राम गुर्जर, विधायक हरविन्द्र कल्याण, विधायक रामकुमार कश्यप, विधायक सीमा त्रिखा, विधायक रामकरण काला, विधायक घनश्याम अरोड़ा, पूर्व विधायक डा. पवन सैनी, हिमाचल प्रदेश शिमला से कृषि विभाग के निदेशक राजेश्वर चंदेल, उपायुक्त धीरेन्द्र खडगटा, भाजपा जिलाध्यक्ष धर्मवीर मिर्जापुर, जिला परिषद के चेयरमैन गुरदयाल सुनहेड़ी ने भी  गुरुकुल में देशी गायों की गऊशाला और गांव मिर्जापुर के पास प्राकृतिक कृषि फार्म हाउस का अवलोकन भी किया।

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