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Haryana में चार मैगा परियोजनाओं के लिए 1246 करोड़ की राशि मंजूर, जानिये योजनाएं

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Sahab Ram, Yuva Haryana

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन बोर्ड की सातवीं बैठक में राज्य के खण्ड की बी,सी एवं डी श्रेणी में स्थापित की जाने वाली चार मेगा परियोजनाओं के लिए 1246 करोड़ रुपये से अधिक की प्रोत्साहन राशि के एक विशेष पैकेज के लिए स्वीकृति प्रदान की है।

मनोहर लाल ने कहा कि इन मेगा परियोजनाओं की स्थापना से राज्य में निवेश ही नहीं होगा बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। बैठक में उप-मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला, शिक्षा मंत्री कंवर पाल और श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री अनूप धानक भी उपस्थित थे।

बोर्ड ने हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन केन्द्र और औद्योगिक नीति एवं प्रोत्साहन ब्यूरो को और सुदृढ़ करने के लिए ब्यूरो में 14 पदों और हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन केन्द्र में 37 पदों को भरे जाने की भी स्वीकृति प्रदान की। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि ऐसे मामले, जहां प्रोत्साहन की राशि बोर्ड द्वारा स्वीकृति सीमा और निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार है, के लिए प्रोत्साहन के विशेष पैकेज स्वीकृत करने के लिए उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के प्रशासनिक सचिव को प्राधिकृत किया जाए।

बोर्ड द्वारा मेगा परियोजनाओं को प्रोत्साहनों के विशेष पैकेज प्रदान करने की स्वीकृति मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव की अध्यक्षता में गठित कार्यकारी अधिकार प्राप्त कमेटी (ईईसी) की सिफारिश पर की गई। आरती ग्रीन टैक लिमिटेड के लिए 30.06 करोड़ रुपये, अदानी विलमार लिमिटेड के लिए 65.94 करोड़ रुपये, वंडर सीमेंट लिमिटेड के लिए 298.08 करोड़ रुपये और एम्प्रैक्स टेक्नोलॉजी लिमिटेड के लिए 852 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की गई है।

हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन नीति-2015 के अनुसार मेगा परियोजनाओं में वे सभी परियोजनाएं शामिल हैं, जिनका डी श्रेणी खण्ड में निर्धारित पूंजीगत निवेश 100 करोड़ रुपये और इससे अधिक है, या जो 200 से अधिक लोगों के लिए सीधे रोजगार सृजित करती हैं और बी एवं सी श्रेणी खण्ड में निर्धारित पूंजीगत निवेश 100 करोड़ रुपये से अधिक है, या जो 500 से अधिक लोगों के लिए सीधे रोजगार सृजित करती हैं।

आरती ग्रीन टैक लिमिटेड जो एक पूर्णत: स्टील विनिर्माण कम्पनी है और कार्बन एवं अलाय स्टील रोल्स एवं स्केव्यर्स, स्पांज आईरन, पावर एवं फैरो अलायस का निर्माण करती हैं, ने बी श्रेणी खण्ड में आईएमटी रोहतक में 9.92 एकड़ भूमि पर स्टील स्क्रैप प्रोसेसिंग की एक इकाई स्थापित करने का निर्णय लिया है। प्रथम चरण में कम्पनी का 129 लोगों के लिए रोजगार सृजित करने की क्षमता के साथ 151 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है।

अदानी विलमार लिमिटेड भारत की एक अग्रणी कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण कम्पनी है, जिसका 26000 करोड़ रुपये से अधिक का वार्षिक कारोबार है। अदानी विलमार लिमिटेड का ‘फॉर्चून’ मार्का खाद्य तेल भारतीय तेल बाजार के क्षेत्र में अग्रणी है। यह कम्पनी सी खंड में जिला सोनीपत के गोहाना-मुडलाना में कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण की एक इकाई स्थापित करेगी। परियोजना में एक चावल मिल, चावल से चावल मिलिंग एवं ग्रेडिंग, विलायक निष्कर्षण संयंत्र और राईस ब्रान ऑयल रिफांडरी यूनिट शामिल हैं। परियोजना की स्थापना 450 करोड़ रुपये के निवेश के साथ 67 एकड़ क्षेत्र पर की जाएगी और इसमें 600 से 1000 तक लोगों को रोजगार मिलेगा।

वंडर सीमेंट लिमिटेड एक विश्व प्रसिद्ध सीमेंट ग्राइंडिंग इकाई है। इसके द्वारा खंड डी में गांव झांसवा, उप-तहसील सालहावास, जिला झज्जर में 50 एकड़ क्षेत्र पर 300 करोड़ रुपये के निवेश के साथ एक सीमेंट ग्राइंडिंग इकाई स्थापित करने की योजना है। इस इकाई में 2.5 मिलियन टन सीमेंट को ग्राइंडिंग की जा सकेगी और इसमें 750 लोगों को रोजगार मिलेगा।

एम्प्रैक्स टेक्नोलॉजी लिमिटेड एक हांगकांग आधारित कम्पनी है, जो रिचार्जेबल लिथियम इयोन पॉलीमर बैट्रीज का निर्माण करती है। इसकी स्थापना वर्ष 1999 में हांगकांग में हुई थी और अब चीन में इसकी दो सेल निर्माण इकाइयां हैं। कम्पनी की खंड सी-इन्द्री के आईएमटी सोहना में 179 एकड़ क्षेत्र पर रिचार्जेबल लिथियम इयोन सेल एवं बैट्रीज के निर्माण की इकाई स्थापित करने की योजना है, जिसकी हर वर्ष 220 मिलियन  बैट्रीज का निर्माण की क्षमता होगी। इसके अतिरिक्त, कम्पनी की छ: वर्षों में 7083 करोड़ रुपये के निवेश की भी योजना है। यह इकाई उद्योगों, जिसमें स्मार्ट फोनस, दो एवं तिपहिया ई-वाहन उद्योग तथा अन्य अनुप्रयोग शामिल हैं, को बैट्रीज की आपूर्ति करेगी।

बैठक में बताया गया कि फरवरी, 2017 से लेकर अब तक हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन बोर्ड के माध्यम से विभिन्न विभागों की 1,19,857 सेवाओं का निष्पादन किया गया है।

बैठक में मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजीव कौशल, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव टी.वी.एस.एन. प्रसाद, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के निदेशक साकेत कुमार और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

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