हरियाणा में 90 करोड़ का हुआ धान घोटाला, मिलरों को भेजे नोटिस, अभय चौटाला ने कही ये बात

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Sahab Ram, Yuva Haryana

हरियाणा में धान खरीद को लेकर हुए घोटाले का अब पर्दाफाश हो गया है। विभाग के एसीएस पीके दास ने जानकारी देते हुए बताया कि करीब 90 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है, जिसके लिए राइस मिलरों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।

चंडीगढ़ में आज प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी देते हुए एसीएस पीके दास ने बताया कि धान खरीद की फिजिकल वेरिफिकेशन का काम पूरा हो गया है। करीब 90 करोड़ रुपये की गड़बड़ी पाई गई है जिसके बाद राइस मिलरों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

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उन्होंने बताया कि स्टॉक उपलब्धता और फर्जी धान खरीद की जांच करने के लिए, राज्य में 1304 चावल मिलों का फिजिकल वैरिफिकेशन किया गया था, जिसमें से 1207 राइस मिलों में 42,589 मीट्रिक टन (एमटी) की कमी पाई गई। उन्होंने बताया कि 6440180.54 मीट्रिक टन के स्टॉक की जाँच के लिए फिजिकल वैरिफिकेशन किया गया था। हालाँकि, वैरिफिकेशन के बाद, मिलों में 6400400.28 मीट्रिक टन स्ट्रॉक पाया गया।

         अतिरिक्त मुख्य सचिव ने बताया कि जिन मिलों के स्टॉक में कमी पाई गई, उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। उन्होंने बताया कि जवाब मिलने के बाद गलत काम करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि धान खरीद पर खर्च होने वाले लगभग 90 करोड़ रुपये को ब्याज सहित वसूल किया जाएगा। इसके अलावा, अनियमितता की संवेदनशीलता के आधार पर एफआईआर दर्ज करने और ब्लैकलिस्ट करने जैसे अन्य विकल्प भी अमल में लाए जाएंगे।

         उन्होंने बताया कि वैरिफिकेशन के दौरान, 205 मिलों के स्टॉक में 5 टन तक कमी पाई गई। इसी प्रकार, 134 मिलों के स्टॉक में 5-10 टन तक, 248 मिलों में 10 से 25 टन तक, 325 मिलों में 25 से 50 टन तक और 295 मिलों के स्टॉक में 50 टन से अधिक की कमी पाई गई। उन्होंने बताया कि करनाल जिले में सबसे अधिक 284 मिलों के स्टॉक में कमी पाई गई। उसके बाद कुरुक्षेत्र में 236 मिलों में, अंबाला में 185 मिलों में, फतेहाबाद में 168, यमुनानगर में 150 और कैथल में 115 मिलों के स्टॉक में कमी पाई गई।

अतिरिक्त मुख्य सचिव ने बताया कि फिजिकल वैरिफिकेशन के लिए लगभग 300 टीमों को प्रतिनियुक्त किया गया था। उन्होंने बताया कि वैरिफिकेशन के दौरान, विभाग ने आवंटित धान, मिलों की मिलिंग क्षमता, मिलों के पास चावल की उपलब्धता और एफसीआई को दिये गए चावल और मिलों के पास बचे हुए धान स्टॉक का वैरिफिकेशन किया गया।

इनेलो नेता चौधरी अभय सिंह चौटाला ने प्रदेश में तीन बार चावल मिलों की वेरिफिकेशन करने के पश्चात चालीस हजार टन धान का स्टाक कम मिलने पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार हरियाणा के राइस मिलर्स को अनावश्यक तौर पर प्रताडि़त कर रही है जबकि यह धान घोटाला सरकार की खरीद एजेंसियों की मिलीभगत से अधिकारियों द्वारा किया गया है।

बगैर सरकारी खरीद एजेंसियों के अधिकारियों के यह धान घोटाला होना नामुमकिन है और इस बारे इनेलो नेता ने विधानसभा के पटल पर भी मांग की थी कि इस घोटाले की जांच सीबीआई से या किसी निष्पक्ष जांच एजेंसी से करवाई जाए ताकि पता लग सके कि नमी के नाम से किसानों से 150 से लेकर 200 रुपए प्रति क्विंटल जो कटौती की गई है वह राशि किसकी जेब में गई है।

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