निजी एजेंसियों के जरिये भर्तियों पर सरकार का यू-टर्न, वापस ज्वाइन करवाने के आदेश

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Sahab Ram, Yuva Haryana
Chandigarh, 05 July, 2018

हरियाणा सरकार ने निजी एजेंसियों के जरिये भर्ती मल्टी पर्पज वर्कर्स की भर्ती को लेकर एक बार फिर यूटर्न ले लिया है। सरकार ने जिन भर्तियों को रोकने के आदेश जारी किये थे, अब दोबारा से उन्ही कर्मचारियों को दोबारा से ज्वाइनिंग करवाने के आदेश जारी कर दिये गए हैं। आज एक बार फिर डीईओ को आदेश जारी किये गए हैं, जिनको दोबारा से भर्ती करवाने को कहा गया है।

स्कूल शिक्षा विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव धीरा खंडेलवाल ने मीडिया में चल रही आउटसोर्सिंग के माध्यम से स्कूलों में अध्यापकों की भर्ती करने की खबरों का खंडन करते हुए कहा कि स्कूलों में केवल ग्रुप-डी की बहुउद्देशीय वर्कर्स की भर्ती आउटसोर्सिंग के माध्यम से की गई है। स्कूलों में अध्यापकों व क्लर्कों की भर्ती नहीं की गई है और न ही आगे कभी अध्यापकों की भर्ती आउटसोर्सिंग के माध्यम से की जाएगी।
धीरा खंडेलवाल ने कहा कि स्कूलों में ग्रुप-डी की लगभग 750 बहुउद्देशीय वर्कर्स की भर्ती आउटसोर्सिंग के माध्यम से की गई थी, इन कर्मचारियों को टीचिंग स्टाफ के लिए नहीं भर्ती किया गया है बल्कि ये पीइन के तौर पर भर्ती किये गए हैं। इनका काम प्रिंसीपल के कामों में हैल्प करना होगा।
उन्होंने कहा कि जेबीटी की जीरो वैकेंसी है, तो अध्यापकों को आउटसोर्सिंग के माध्यम से भर्ती करने का कोई औचित्य ही नहीं है।  पैसे लेकर भर्तियां हुई है या नहीं, इसकी भी जांच करवाई जा रही है।

इनेलो सांसद दुष्यंत चौटाला ने दो दिन पहले ही रविवार को चंडीगढ़ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस मुद्दे को जोर शोर से उठाया था और सरकार पर सरकारी स्कूलों के निजीकरण का आरोप लगाया था। सांसद ने सरकार से मांग की थी कि इस भर्ती को तुरंत वापिस लिया जाए और स्कूलों में जो भी भर्ती होनी हो वो स्टाफ सेलेक्शन कमीशन के माध्यम से की जाए।

खास बात यह थी कि भर्ती के लिए चयनित 19 निजी एजेंसियों में से 6 गुजरात की है और बाकी में से भी कई हरियाणा से बाहर की है। मामला मीडिया में आने के बाद सोमवार दोपहर को मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों की बैठक बुलाई थी जिसमें विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव के अलावा दो निदेशक भी शामिल हुए थे।

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