हरियाणा सरकार शुरू करेगी ‘किसान रत्न पुरस्कार’, पांच लाख रुपये नकद व एक प्रशस्ति-पत्र किया जाएगा प्रदान

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Yuva Haryana

Chandigarh, 31 Jan, 2019

हरियाणा सरकार इस वर्ष से किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए ‘किसान रत्न पुरस्कार’ शुरू करने जा रही है। इसमें पुरस्कार स्वरूप पांच लाख रुपये नकद व एक प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया जाएगा।

यह घोषणा हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ ने हरियाणा पंचायत भवन, चंडीगढ़ में आयोजित एक समारोह मे की। हरियाणा सरकार द्वारा इस समारोह का आयोजन पद्मश्री-2019 पुरस्कार के लिए चयनित होने वाले किसानों को सम्मानित करने के लिए किया गया।

धनखड़ ने अपने सम्बोधन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया कि उन्होंने देश के 12 किसानों को देश का सर्वोच्च सम्मान देने का निर्णय लिया है। इनमें हरियाणा की पांच विभूतियां भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि वे हरियाणा किसान आयोग व कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अधिकारियों की भी सराहना करते हैं, जिन्होंने पदम पुरस्कारों की घोषणा होने के 5 दिनों के बाद ही हरियाणा के विजेताओं के लिए सम्मान समारोह का आयोजन किया है और हरियाणा देश का पहला राज्य बन गया है, जहां पदम विजेताओं को सम्मानित किया गया है।

उन्होंने कहा कि लगातार चौथा कृषि शिखर नेतृत्व करने वाला भी हरियाणा देश का एकमात्र राज्य है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष कृषि शिखर नेतृत्व का आयोजन 15 से 17 फरवरी, 2019 तक अन्तर्राष्ट्रीय फल एवं सब्जी ट्रमिन्स, गन्नौर, सोनीपत में होगा। उन्होंने बताया कि अब तक 38 किसानों को इन समारोहों में रत्न उपाधि से सम्मानित किया जा चुका है और हर श्रेणी में एक-एक लाख रुपये के पुरस्कार दिए जाते हैं। इसके अलावा कृषि मेले में उपस्थिति दर्ज करवाने वाले किसानों के लिए भी प्रतिदिन पांच पुरस्कार दिए जाएंगे, जिन में दो ट्रैक्टर, मोटरसाईकिल व महिलाओं के लिए स्कूटी के लिए ड्रा निकाला जाएगा।

धनखड़ ने कहा कि कृषि शिखर नेतृत्व आयोजन करने का उनका लक्ष्य किसानों को अपने उत्पाद स्वयं बाजार में बेचने के लिए प्रेरित करना हैै। पिछले वर्ष रोहतक में 10 प्रतिशत किसानों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई थी। उन्होंने कहा कि पद्मश्री किसानों के लिए प्रेरणा बनें, यही उनकी कामना है और उत्तम खेती व किसान आगे बढ़े। कृषि क्षेत्र पद्मभूषण व पद्मश्री जैसे देश के सर्वोच्च सम्मान न मिलने से उपेक्षित था लेकिन इस बार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इसके गौरव को बहाल किया है और देश के 12 किसानों के साथ कृषि क्षेत्र से जुड़े पांच कृषि वैज्ञानिकों को भी इस पुरस्कार से नवाजा जा रहा है।

कृषि मंत्री ने बताया कि कृषि एवं पशुपालन क्षेत्र में पद्मश्री से सम्मानित व्यक्ति युवा किसानों के लिए प्रेरणास्रोत होंगे तथा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुणी करने के लक्ष्य को हासिल करने की हरियाणा द्वारा की गई पहल को निश्चित रूप से आगे बढ़ाएंगे।

उल्लेखनीय है कि हरियाणा के दर्शन लाल जैन को सामाजिक कार्यों के लिए पद्मभूषण से, कंवल सिंह चौहान को कृषि, नरेंद्र सिंह व सुलतान सिंह को पशुपालन एवं डेयरी तथा पहलवान बजरंग पूनिया का खेल क्षेत्र में पद्मश्री पुरस्कार के लिए चयन हुआ है।

समारोह में राजस्थान से आए पद्मश्री जगदीश प्रसाद पारीक ने अपने अनुभव सांझा करते हुए कहा कि फूल गोभी की जैविक खेती पर उनका  ध्यानकेन्द्रित है जिसके लिए राजस्थान सरकार द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। उनका लक्ष्य गीनिज बुक ऑफ रिकॉर्ड में अपना फूल गोभी के उत्पाद को दर्ज करवाना है, अब तक वे 25 किलोग्रात तक का एक गोभी के फूल का उत्पादन कर चुक है।

हरियाणा के अटेरना, सोनीपत के कंवर सिंह चौहान को मशरूम व बेबी कॉर्न के उत्पाद के लिए, गांव डिडवाडी, जिला पानीपत के श्री नरेन्द्र सिंह मुर्राह नस्ल सुधार के लिए और नीलोखेड़ी करनाल के सुलतान सिंह को मत्स्य पालन के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने पद्मश्री पुरस्कार के लिए अपना नाम भारत सरकार को भेजने हेतु कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ का विशेष आभार व्यक्त किया।

किसान आयोग के चैयरमैन डॉ. रमेश यादव, कृषि एवं किसान विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती नवराज सिन्धू, पशुपालन एवं डेरी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुनील गुलाटी, कृषि निदेशक, अजीत बालाजी जोशी ने भी समारोह को सम्बोधित किया।

 

 

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