शिक्षा बोर्ड हरियाणा को नकल मुक्त प्रदेश बनाने में काफी हद तक रहा सफल : डॉ. जगबीर सिंह

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Yuva Haryana

Chandiagrh, 28 March, 2019

प्रदेशभर में चल रही वार्षिक परीक्षाओं में नकल रोकने  के लिए 29 मार्च को संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर पूर्ण समय के लिए नियंत्रक नियुक्त किए गए हैं। बोर्ड इस वार्षिक परीक्षाओं के नकल-विहीन संचालन, परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी, विश्वसनीय व पावन बनाने हेतु संकल्पित है।

हरियाणा को नकल मुक्त प्रदेश बनाने के लिए हर-संभव प्रयास किए जा रहे हैं। परीक्षा की पवित्रता बनाये रखना एक मात्र उद्देश्य है। यह हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. जगबीर सिंह एवं सचिव श्री राजीव प्रसाद,  ने बोर्ड के प्रशासनिक भवन में आज यहाँ आयोजित बोर्ड अधिकारियों एवं कर्मचारियों की परीक्षाओं से सम्बन्धित एक समीक्षा बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा।

उन्होंने आगामी परीक्षाओं में नियुक्त किए गए नियंत्रक को परीक्षा ड्यूटी के बारे में विशेष दिशा-निर्देश दिए गए।

डॉ. जगबीर सिंह ने कहा कि नकल व अन्य अनुचित साधनों का प्रयोग करने वाले परीक्षार्थियों के विरूद्ध यू.एम.सी. के नियमों की पालना व निष्पक्ष रूप से यू.एम.सी. दर्ज करें । उन्होंने कहा कि केस दर्ज करते वक्त प्रयोग की गई अनुचित सामग्री जहाँ से बरामद की है उस स्थान का भी उल्लेख करें।

यदि परीक्षा केंद्रों पर अमले द्वारा कोई अनियमितता की जा रही है तो उसकी सूचना तुरंत बोर्ड मुख्यालय पर दें।

उन्होंने कहा कि बच्चों का भविष्य उज्ज्वल बनाने के लिए नकल जैसी बुराई को जड़ से समाप्त करना होगा। सभी उडऩदस्ते परीक्षा केंद्रों की प्रभावी जाँच करें तथा विभिन्न जगहों जैसे कमरों, वॉशरूमों, बाऊंडरी वॉलों आदि का पूर्ण निरीक्षण करें ताकि छुपाई गई अनुचित सामग्री का पता चल सकें। परीक्षा के दौरान जिस पर्यवेक्षक के कक्ष में 2 या इससे अधिक पर्ची मिलती हैं तो उसके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि परीक्षाओं को नकल -मुक्त बनाना है और परीक्षाओं में अनुचित साधनों का प्रयोग करने वालों तथा सहायता प्रदान करने वालों के खिलाफ ‘शून्य सहनशीलता’ की नीति अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नियंत्रक को 3 घण्टे की परीक्षा के दौरान ऑपनिंग और क्लोजिंग करवाना अनिवार्य है।

बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि अधिकांश शिक्षक भली-भांति ड्यूटी निभा रहे हैं, परन्तु कुछ शिक्षक ड्यूटी को गंभीरता से नहीं ले रहे। उन्होंने कहा कि शिक्षक ही शिक्षा क्षेत्र से सीधे जुड़े हुए हैं और वे ही इस क्षेत्र का आधार स्तम्भ है। इसलिए शिक्षा क्षेत्र की उन्नति और प्रगति में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं और इसमें व्याप्त नकल रूपी कुरीति को समूल नष्ट करने में अग्रणी भूमिका निभा सकते हैं।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि शिक्षक पूर्ण ईमानदारी व निष्ठापूर्वक परीक्षा ड्यूटी कार्य का निर्वहन करेंगे। उन्होंने शिक्षकों से पुरज़ोर अपील की है कि नकल रोकने को अपने पद का उत्तरदायित्व व नैतिक जिम्मेवारी समझें। अपने सम्बोधन में बोर्ड सचिव श्री राजीव प्रसाद ने कहा कि अनुचित दबाव और अनुग्रह के प्रभाव में नहीं आना है। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं में नकल -मुक्त  करने के लिए किसी प्रकार का कोई समझौता नहीं करना है। हमें बच्चों का भविष्य संवारना है और उन्हें नकल के रास्ते पर चलने से रोकना है।

परीक्षा प्रणाली को सभी प्रकार की बुराईयों से मुक्त करके स्वच्छ व गरिमापूर्ण करने की आवश्यकता है। बोर्ड सचिव ने कहा कि किसी भी परीक्षा केंद्र पर नकल व पंचायती हस्तक्षेप या किसी केंद्र अधीक्षक/सुपरवाईजर की ड्यूटी में कोताही/अनुशासनहीनता पाई जाती है तो तुंरत कंट्रोल रूम नम्बर 01664-254601, 254603 व 254604 पर सम्पर्क करें या तुंरत प्रभाव से वाट्सएप नं. 8816840349 पर भेज सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि बोर्ड के उप-सचिव, सहायक सचिव, अधीक्षक सभी ग्रुप बनाकर वाहट्सएप से जुड़े रहेंगे।

उन्होंने बताया कि बोर्ड द्वारा अनुचित साधन रोकने के लिए कड़े प्रबंधों के परीक्षा केंद्रों पर पूरी सख्ती बरती जा रही है और अनुचित साधनों का प्रयोग करने वालों के विरूद्ध यू.एम.सी. बनाए जा रहे हैं तथा ड्यूटी से कौताही बरतने वाले शिक्षकों को रिलीव किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि

उन्होंने आगे बताया कि अनुचित साधन रोकने के लिए अब तक अध्यक्ष उडनदस्ते द्वारा नकल के 48 केस, अध्यक्ष के विशेष उडऩदस्तों द्वारा 580 केस तथा बोर्ड सचिव के उडऩदस्ते द्वारा नकल के 143 केस, सचिव के विशेष उडनदस्तों द्वारा 172 केस, रेपिड एक्शन फोर्स द्वारा 329 केस तथा विभिन्न अन्य उडनदस्तों द्वारा 2240 केस बनाए गए।

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