हरियाणा की होली की बात है न्यारी

कला-संस्कृति होली के रंग

रै कोलड़े की मार अर भाभी का प्यार

रँगा गेल्या खीर चुरमें के स्वाद का वार

होली के डांडे नै धोकण अर बैर ,

द्वेष नै तजकै बिखेरो भाईचारे की फुहार

ल्यो आ ग्या रै यो होली का त्यौहार!

 

साल म्ह कितने इसे त्यौहार आवै सै जिनकी छाप पूरी जिंदगी भर रह ज्या सै। तो ईब ईसा ए खास त्यौहार फागण की पूर्णिमा नै आया करै। फागण का यो महीना मस्ती, मख़ौल अर अल्हड़ भाव तै परिपूर्ण होया करै। बसन्त रुत की गेल्या फागण मास कई तरह के बदलाव लेकर आया करे जुकर जाड़ा के अंत हो सै अर गर्मी की शुरुआत हो सै। तो इस मौज मस्ती के महीने म्ह होली का त्यौहार आया करै। जै यो त्यौहार हरयाणा म्ह मनाते नहीं देख्या तो सोच ल्यो थामने जिंदगी बिरान करदी कति।