खट्टर सरकार ने मांगा खिलाड़ियों की कमाई हिस्सा तो भड़के खिलाड़ी

Breaking खेल बड़ी ख़बरें सरकार-प्रशासन हरियाणा हरियाणा के खिलाड़ी

Gourav Sagwal, Yuva Haryana

Chandigarh 

जैसे ही खेल एवं युवा विभाग के प्रमुख सचिव अशोक खेमका से नोटिस जारी कर कहा गया कि खिलाड़ियों की पेशेवर खेलों या व्यवसायिक विज्ञापनों से होने वाली कमाई का एक तिहाई हिस्सा हरियाणा राज्य खेल परिषद में जमा किया जायेगा।

इस राशि का इस्तेमाल राज्य में खेलों के विकास के लिये किया जायेगा। इसके तुंरत बाद ही खिलाड़ियों की प्रतिक्रिया का आना शुरू हो गया है।

हालांकि यह सूचना अभी सरकारी वेबसाइट पर नहीं आयी है। इसमें कहा गया है  अगर खिलाड़ी को संबंधित अधिकारी की पूर्व अनुमति के बाद पेशेवर खेलों या व्यवसायिक प्रतिबद्धताओं में भाग लेते हुए ड्यूटी पर कार्यरत समझा जाता है तो इस हालत में खिलाड़ी की पूरी आय हरियाणा राज्य खेल परिषद के खाते में जमा की जायेगी।

राज्य सरकार में विभिन्न विभागों से कार्यरत एथलीट जैसे पूर्व हाकी कप्तान सरदार सिंह और मुक्केबाज अखिल कुमार (मुक्केबाजी में राष्ट्रीय पर्यवेक्षक) ने फिलहाल इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। एथलीटों ने कहा कि उन्हें अभी इस मुद्दे पर कोई अधिकारिक सूचना नहीं मिली है।

हालांकि हरियाणा के कुछ एथलीट जो राज्य सरकार के विभागों में कार्यरत नहीं हैं , उन्होंने इस फैसले पर हैरानी व्यक्त की है।

दोहरे ओलंपिक पदकधारी पहलवान सुशील कुमार ने कहा  है कि मैंने अभी तक यह अधिसूचना नहीं देखी है , मुझे यह सिर्फ मीडिया रिपोर्टों से ही पता चल रहा है। मैं सिर्फ यही कह सकता हूं कि ओलंपिक खेलों में भाग ले रहे एथलीट पहले ही गरीब परिवारों से आते हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसी नीतियां बनानी चाहिए जिससे एथलीट को प्ररेणा मिले। मैंने दुनिया में कहीं भी ऐसी नीति के बारे में नहीं सुना है। खिलाड़ियों को बिना किसी तनाव के टूर्नामेंट में खेलना चाहिए।

साथी पहलवान और ओलंपिक कांस्य पदकधारी योगेश्वर दत्त ने इस कदम की कड़ी आलोचना की।

उन्होंने ट्वीट किया कि इन अधिकारियों से भगवान हमें बचाये जो इस तरह के बेहूदे फैसले कर रहे हैं। उनका हरियाणा में खेलों के विकास में योगदान नगण्य रहा है लेकिन मुझे पूरा भरोसा है कि वे राज्य में खेलों के पतन में बड़ी भूमिका निभायेंगे। उन्होंने कहा कि अब एथलीट अन्य राज्यों में चले जायेंगे और इसके लिये ये अधिकारी जिम्मेदार होंगे।

वहीं गीता की बहन और मशहूर रेसलर बबीता फोगाट ने भी हरियाणा सरकार के इस नोटिफिकेशन पर हैरानी जताते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की है। बबीता ने एएनआई से बातचीत के दौरान कहा कि क्या सरकार को इस बात का अंदाजा भी है कि एक खिलाड़ी कितनी मेहनत करता है?

खिलाड़ियों की कमाई से एक तिहाई हिस्सा सरकार कैसे मांग सकती है? बबीता ने कहा कि वह इस नोटिफिकेशन का सपोर्ट नहीं करेंगी। सरकार को कम से कम हमसे इस बारे में बात तो करनी चाहिए थी।

बता दें कि हरियाणा सरकार पहले भी विवाद में फंस गयी थी जब उसने राष्ट्रमंडल खेलों में राज्य के पदक विजेताओं की ईनामी राशि घटाने का फैसला किया था।  वहीं 26 अप्रैल को पुरस्कार वितरण समारोह कार्यक्रम को भी अनिश्चितकाल के लिये रद्द करना पड़ा क्योंकि खिलाड़ियों ने इसके बहिष्कार की धमकी दी थी।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *