रिश्वत लेने के मामले में हरियाणा पुलिस के दो एएसआई को 5-5 साल की सजा

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Yuva Haryana,

Chandigarh, 17 Feb,2019

रिश्वत लेकर धोखाधड़ी के केस से निकालने के मामले में आरोपित हरियाणा पुलिस के दो एएसआई जितेंद्र कुमार और जगदीश राम को चंडीगढ़ जिला अदालत ने 5-5 साल की सजा सुनाई है और साथ ही 1 लाख 5 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया है।

बता दें कि जितेंद्र कुमार हरियाणा के जिला कैथल के पुलिस स्टेशन सीवन में बतौर एएसआई तैनात था, जिसे बाद में सस्पेंड कर दिया गया था। इसके साथ ही जगदीश राम पूर्व हरियाणा सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सिक्योरिटी में तैनात था, जिसे विभाग ने मामला सामने आने पर टर्मिनेट कर दिया था। दोनों को अदालत ने मौलीजागरां के टैक्सी ड्राइवर गुरमीत को धोखाधड़ी के एक केस से निकालने के लिए रिश्वत मांगने के मामले में सजा सुनाई है।

गौरतलब है कि विजिलेंस की टीम ने जगदीश राम को 14 मई, 2018 को एक लाख रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। इससे पहले शिकायतकर्ता गुरमीत सिंह उन्हें पांच लाख रुपये दे चुका था। पूछताछ के दौरान जगदीश ने खुलासा किया था कि उसने कैथल सीआईए के एएसआई जितेंद्र कुमार और वहां के एक इंस्पेक्टर के कहने पर रिश्वत मांगी थी।

गुरमीत ने विजिलेंस में शिकायत दी थी कि जगदीश राम ने उसके खिलाफ कैथल में दर्ज धोखाधड़ी के एक मामले से उसे निकालने के लिए कैथल सीआईए के एएसआई जितेंद्र कुमार और एसएचओ कैथल के साथ 13 लाख रुपये में डील हुई थी। वह 5 लाख रुपये उन्हें पहले दे चुका है और अब वह 14 मई, 2013 को वह करीब 2 बजे रिश्वत के एक लाख रुपये देने के लिए जाएगा। इस दौरान विजिलेंस टीम ने सेक्टर-3 के पास एमएलए हॉस्टल के पास रिश्वत लेते हुए जगदीश को दबोच लिया।

यह है पूरा मामला…

मनीमाजरा में टैक्सी का काम करने वाले शिकायतकर्ता गुरमीत सिंह ने मनीमाजरा एनएसी में अपने एक साथी गुरदयाल सिंह के साथ एक दफ्तर खोला हुआ था।

जहां पर गुरदयाल इमिग्रेशन का काम करता था। कुछ समय बाद गुरदयाल लोगों के पैसे ठग कर वहां से फरार हो गया था। पैसे ठगें हुए लोग जब दफ्तर में पैसे लेने के लिए आए तो गुरमीत ने उन्हें बताया कि पैसे इमिग्रेशन के काम करने वाले गुरदयाल द्वारा ठगे गए हैं। जिसके चलते उसने गुरदयाल के घर का पता लोगों को दे दिया। जो कि कैथल का था।

जब ठगे हुए लोग गुरदयाल के घर पहुचें, तो तंग आकर गुरदयाल ने कैथल में गुरमीत सिंह के खिलाफ पैसे ठगने का मामला दर्ज करवाया था। वहीं गुरमीत ने बताया था कि वह तो टैक्सी ड्राइवर है उसने लोगों से पैसे नहीं ठगे हैं बल्कि गुरदयाल सिंह ने ये काम किया है। जिसके बाद यह मामला कैथल सीआईए में चला गया। वहां के इंस्पेक्टर और एएसआई जगदीश राम, जितेंद्र कुमार ने गुरमीत सिंह को मामले से निकालने के लिए 13 लाख रुपये रिश्वत की मांग की थी।

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