अब बुजुर्गों का सहारा बनेगी पुलिस, महिला थानों में बुजुर्गों का रहेगा रिकॉर्ड

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Pardeep Dhankar, Yuva Haryana
Jhajjar, 05 July, 2018

पुलिस विभाग अब झज्जर में ऐसा कदम उठाने जा रही है, जो देश भर में कहीं भी अब तक नहीं किया गया होगा। अब तक इस तरह की गतिविधियां कुछ दूसरे देशों के द्वारा अपनाई जाने की ही खबर आम लोग सुनते आ रहे हैं। लेकिन झज्जर पुलिस अब सेवा, सुरक्षा तथा सहयोग के टाईटल को सही साबित करने जा रही है। झज्जर पुलिस के द्वारा अब उन बुजुर्गों की पहचान की जा रही है, जिनके बेटे-बेटी विदेशों में या फिर उनसे दूर रहे हैं। ऐसे में अकेले रहने वाले वृद्धजनों को कई बार असुरक्षा की भावना महसूस होती है।

उन्हें कई बार अपने पड़ोसी से भी दिक्कत होती है लेकिन वो वृद्ध होने के चलते शिकायत भी नहीं कर पाते। लेकिन अब ऐसे वृद्ध लोगों को टेंशन लेने की आवश्यकता नहीं है। अब उनके लिए पुलिस अधीक्षक ने प्लान तैयार कर लिया है। बेसहारा बुर्जगों को सहारा बनेगी झज्जर पुलिस। आप तस्वीरों में जो देख रहे है ये झज्जर पुलिस का जवान राजेश कुमार एक बेसहारा बुर्जग को खुद नहला रहा, उसको खाना खिला रहा है।

दरअसल एएसआई राजेश कुमार को सूचना मिली थी कि एक बुर्जग जिसका कोई सहारा नहीं है , सूचना मिलने पर चौकी प्रभारी राजेश कुमार मौके पर पहुंचे और बुजुर्ग को वहां से चौकी लेकर आए और उनके साथ अपने पिता की तरह सेवाभाव से उनकी देखभाल की। पुलिस की इस पहल का हर वर्ग स्वागत कर रहा है।

झज्जर पुलिस के प्लान अनुसार ऐसे वृद्ध दपंतियों को एसपी कार्यालय से हर सप्ताह फोन किया जाएगा। उनसे पूछा जाएगा कि उन्हें किसी प्रकार की कोई तकलीफ तो नहीं है। वहीं पुलिस की मदद लिए जाने की आवश्यता पर भी बात की जाएगी। पुलिस के द्वारा ऐसा किए जाने के से उन्हें अपनेपन का तो एक सुखद आभास होगा ही, इसके साथ उन्हें एक सुरक्षित माहौल मिलने का भी अहसास होगा। अगर किसी वृद्ध को पुलिस सहायता की आवश्यता महसूस हुई तो झज्जर पुलिस तुरंत उनके दरवाजे पर दस्तक देगी।

अकेले रहने वाले वृद्ध दपंतियों का रिकॉर्ड महिला थाना में रहेगा। इसके साथ ही संबंधित एरिया की पीसीआर व राईडर को भी ऐसे दपंति की जानकारी दी जाएगी। जिससे कि वे अपनी गश्त के दौरान उनसे मिलें तथा उन्हें आने वाली दिक्कतों पर बात कर सकें। एक या दो दिन में अगर उनके पास पीसीआर या राईडर जाती रहेगी तो उन्हें भी लगा कि कोई उनकी फिक्र कर रहा है।

पुलिस के द्वारा जिले में अकेले रहने वाले वृद्ध दपंतियों के लिए यह एक महत्वपूर्ण प्रयास किया जा रहा है। वृद्धजनों को सुरक्षा और अपनेपन का अहसास करवाने के लिए ही पुलिस के द्वारा यह योजना बनाई गई। जिला पुलिस सीनीयर सिटीजन को सुरक्षित वातावरण देने का प्रयास कर रही है।

 

 

 

एसपी पंकज नैन ने बताया कि अभी तक करीब 452 बुर्जर्गों की पहचान की गई है। उनके लिए हर तरह से प्रयास किए जा रहे है। वही एसपी ने कहा कि जिन बुर्जगो के लिए रहने की भी व्यवस्था नही है उनके लिए फिलाहल एक ट्रैम्प्रेरी रूम बनाया गया है। इसके लिए जिले के जितने भी वृद्ध आश्रम या अन्य सामाजिक संस्थान है उनमें ठहरने की व्यवस्था की जा रही है।

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