हड़ताली रोडवेजकर्मियों पर चला सरकार का हंटर, 42 ड्राइवर-कंडक्टर निकाले गए

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Sahab Ram, Yuva Haryana
Chandigarh, 22 Oct, 2018

रोडवेज की हड़ताल के चलते अब सरकार ने सख्ती दिखानी शुरु कर दी है  जिसके चलते आज 42 ड्राइवरों और कंडक्टरों को बर्खास्त कर दिया गया है। परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव धनपत सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि आज 800 रोडवेज बसें चली हैं, जबकि कल 509 बसें चली थी। इसके अतिरिक्त 170 प्राइवेट तथा 1059 बसें सोसायटी के तहत चल रही हैं। 174 ड्राइवर भर्ती किए जा चुके हैं, जो मंगलवार तक ड्यूटी पर आ जाएंगे।

उन्होने बताया कि मंत्री स्तर पर वार्ता के लिए कहा गया था, लेकिन कर्मचारी संगठनों ने वार्ता के लिए आने से इनकार कर दिया है जिसके बाद पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब से अपनी बसों के फेरे बढ़ाने को लेकर अनुरोध किया गया है। उन्होने् बताया कि डीसी, एसपी को निर्देश दिए गए हैं कि जितने ड्राइवर, कंडक्टर की जरूरत हो, वो भर्ती कर सकते हैं। रोडवेज में प्रोबेशन पर कार्यरत 42 चालक, परिचालकों को बर्खास्त किया गया है।

हरियाणा सरकार ने राज्य परिवहन विभाग में रोडवेज के परिवीक्षाधीन चालकों से तुरन्त काम पर लौटने की अपील की है। हरियाणा अधीनस्थ सेवायें आयोग द्वारा चयनित 1628 बस चालकों को परिवहन विभाग ने नियुक्ति पत्र जारी किए थे जिनमें से 1547 बस चालकों ने विभिन्न डिपो में अपना कार्यभार संभाला। दुर्भाग्यवश हरियाणा रोडवेज कर्मचारी यूनियनों की हठधर्मिता के कारण दिनांक 16 अक्टूबर, 2018 से राज्य में लगातार हड़ताल जारी है। परिवीक्षाधीन चालक भी यूनियनों के बहकावे में अथवा सेवा नियमों की सही जानकारी न होने के अभाव में हड़ताल पर चले गये हैं।  इस पब्लिक नोटिस के द्वारा उन्हें सूचित किया जाता है कि परिवीक्षा अवधि में कार्य संतोषजनक न होने की अवस्था में परिवीक्षाधीन कर्मचारी को बिना किसी कारण बताओ नोटिस ही सेवा से हटाया जा सकता है।

अत: सभी परिवीक्षाधीन चालकों से अनुरोध है कि वे त्योहार के इस सीजन में हड़ताल के चलते हुये आम जनता को हरियाणा रोडवेज परिवहन की सस्ती, सुलभ एवं विश्वसनीय परिवहन सेवा न मिलने से जो कठिनाई आ रही है उसके मद्देनजर शीघ्र ही अपने काम लौट आएं।  इन सभी चालकों के अभिभावकों से भी अनुरोध है कि वे इनको समझायें तथा काम पर लौटने के लिए कहें, कहीं ऐसा न हो कि छोटी सी भूल की वजह से उन्हें नौकरी से हाथ धोना पड़े।

राज्य सरकार की तरफ से आपको यह आश्वासन दिया जाता है कि यदि आप काम पर लौट आते हैं तो हड़ताल की अवधि के बारे में आपके साथ नरमी का व्यवहार किया जायेगा।  काम पर लौटने के बाद आपकी सुरक्षा की जिम्मेदारी जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार की होगी। साथ ही सभी को यह भी सूचित किया जाता है कि फिलहाल राज्य सरकार का परिवहन विभाग को स्टेट रोडवेज कारपोरेशन अथवा निगम में तब्दील करने का कोई विचार नहीं है तथा किलोमीटर स्कीम के अतिरिक्त अभी और कोई परिवहन पॉलिसी भी नहीं लायी जा रही है।  ये भ्रांतियाँ दूर करें तथा अन्य सभी कर्मचारियों से भी अपील है कि जनता के हित को देखते हुए शीघ्र काम पर लौट आयें।

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