रोडवेज कर्मचारियों के काम पर लौटने की अपील, अतिरिक्त मुख्य सचिव ने दी जानकारी

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Sahab Ram, Yuva Haryana
Chandigarh, 17 Oct, 2018
हरियाणा परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव धनपत सिंह ने रोडवेज यूनियनों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने काम पर वापिस आ जाएं क्योंकि इससे राज्य के राजस्व के नुकसान के साथ-साथ आम जनता को त्यौहारों के मौके पर काफी असुविधा उठानी पड़ रही है। उन्होंने यूनियनों के पदाधिकारियों और हड़ताल पर गए कर्मचारियों से अनुरोध किया कि वे जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए तुरंत डयूटी पर लौट आएं। 
यह बात उन्होंने आज यहां पत्रकारों से हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों की यूनियनों की हड़ताल के संबंध में की गई पत्रकारवार्ता के दौरान कही। उन्होंने कहा कि यह एक विडवंबना है कि यह हडताल किसी भी यूनियन व कर्मचारी की मांग से संबंधित नहीं है बल्कि यह हडताल 700 बसों को किलोमीटर स्कीम के तहत चलाने के लिए की जा रही है। उन्होंने कहा कि किलोमीटर स्कीम के तहत चलाई जाने वाली कुल बसों में से 510 का टेंडर हो चुका है और 190 बसों का टेंडर होना बाकी है। 
उन्होंने कहा कि हरियाणा की जनसंख्या लगभग दो करोड़ 80 लाख है और 30 लाख लोग बसों में सफर करते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के 12 लाख लोग रोजाना हरियाणा राज्य परिवहन की बसों के माध्यम से यात्रा करते हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 1993-94 की नीति के अनुसार लगभग 954 बसें सहकारी समितियों द्वारा चलाई जा रही है जिनमें तीन से चार लाख लोग यात्रा करते हैं। इसके अलावा, सात से आठ लाख लोग अन्य वाहनों जैसे कि सुमो, क्वालिस व अन्य यात्री वाहनों (मैक्सी कैब आदि) से अपनी यात्रा सम्पन्न करते हैं। 
धनपत सिंह ने कहा कि आम व सामान्य लोगों के आवागमन के लिए हरियाणा रोडवेज की बसें ही एक मात्र किफायती साधन है। उन्होंने कहा कि यदि हरियाणा रोडवेज सभी 30 लाख लोगों के लिए बस चलाए तो लगभग 15000 बसों की आवश्कता है और वर्तमान में हरियाणा रोडवेज के पास केवल 4100 बसें हैं। उन्होंने बताया कि इन 4100 बसों के ऊपर स्वीकृत स्टाफ को ही रखा जाएगा लेकिन किलोमीटर स्कीम के आने से रोडवेज के कर्मचारियों के हकों पर कोई प्रतिकूल असर नहीं होगा। उन्होंने कहा कि एक प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ लोगों की सुविधा के लिए इस योजना को चलाया जा रहा है जो पीपीपी मोड पर आधारित है।
उन्होंने किलोमीटर योजना की जानकारी देते हुए कहा कि इस योजना के तहत प्राईवेट आपरेटर बस लाएगा और ज्यादातर बस आपरेटर हरियाणा रोडवेज की इंजीनियरिंग कार्यशाला,गुरुगाम से ही अपनी बसों को बनवाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने बताया कि इसमें चालक आपरेटर का होगा, वही चालक का वेतन देगा और बस के डीजल व मरम्मत का खर्च भी उठाएगा। बस पर कंडक्टर सरकार की तरफ से होगा और टिकटों से जो भी राजस्व आएगा सरकार के खाते में जमा होगा। यात्रा के दौरान टोल इत्यादि का खर्च सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। 
हरियाणा रोडवेज के बेडे में जल्द ही 367 नई बसों को शामिल किया जाएगा। इन बसों को शामिल करने के लिए टेंडर जारी करने के आदेश दे दिए गए हैं। इसके अलावा, राज्य के लोगों को बसों की यात्रा की सुविधा देने के लिए  700 बसों को पीपीपी मोड पर चलाया जाएगा। 
यह जानकारी उन्होंने आज यहां पत्रकारों से हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों की यूनियनों की हडताल के संबंध में की गई पत्रकारवार्ता के दौरान दी। उन्होंने कहा कि , राज्य के लोगों को बसों की यात्रा की सुविधा देने के लिए  700 बसों को पीपीपी मोड पर चलाने से रोडवेज के किसी भी कर्मचारी का हक नहीं जाएगा बल्कि इससे लोगों को सुविधा मिलेगी। 
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में स्पेशल पर्पज व्हीकल अथवा कार्पोरेशन बनाने पर भी विचार किया जा सकता है ताकि अन्य राज्यों की तरह हरियाणा रोडवेज को भी कुशलता से चलाया जा सके। उन्होंने कहा कि किलोमीटर स्कीम के तहत चलाई जाने वाली बसों के संबंध में सरकार का रूख साफ है कि इन बसों को लोगों के हितों को ध्यान में रखकर चलाया जाएगा और इसमें कोई समझौता नहीं होगा। 
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पिछली बार (5 सितम्बर, 2018) को की गई हड़ताल में 180 लोगों पर कार्यवाही की गई थी, जिसमें लीडर दलबीर किरमारा तथा अन्य पर एस्मा लगाया गया था। उन्होंने पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि 16.10.2018 को 1507 बसें चलाई गई। कुछ बसें बिना कंडक्टर के भी चलानी पड़ी तथा कई जगहों पर पुलिस व एसपीओ की सहायता व सहयोग के साथ बसों को चलाया गया। उन्होंने कहा कि आज भी हिसार में 30 से 40 बसें अन्य विभागों के हैवी व्हीकल ड्राईवर्स की सहायता से चलाई गई हैं। 
हड़ताल के संबंध में पूछे सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि हडताल नहीं हटेगी तो आऊसोर्सिंग पोलिसी के तहत भर्ती करके जनता की सुविधा के लिए बसों को चलाया जाएगा। उन्होंने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि जो प्राबेशन अवधि के तहत चालक व कर्मचारी कार्य कर रहे हैं यदि वे 5 सितंबर व अब दो दिन की हडताल पर हैं तथा उन पर एस्मा के तहत कार्यवाही भी की गई, तो ऐसे कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त किया जाएगा। 
चालक व परिचालकों को आऊसोर्सिंग पर रखने के सम्बंध में पूछे सवाल के जवाब में उन्हेांने कहा कि वैसे तो हरियाणा राज्य कर्मचारी आयोग को कंडक्टर भर्ती के लिए मांगपत्र भेजा गया है परंतु तब तक आऊटसोर्सिंग पोलिसी के तहत 930 कंडक्टरों और 500 चालकों को रखा जाएगा ताकि लोगों को सुविधा मिल सके। उन्होंने कहा कि सरकार के ‘सक्षम’ पोर्टल से कडंक्टर का लाईसैंस रखने वालों को कडंक्टर लगाया जा सकता है। 
उन्होंने कहा कि उनके विभाग ने न केवल छोटे कर्मचारियों बल्कि अधिकारियों पर भी कार्यवाही की है। इसी कड़ी में पलवल के रोडवेज के महाप्रबंधक लाजपत राय को निलंबित करने के लिए सिफारिश की गई है। इसी प्रकार, रेवाडी के डयूटी इंस्पेक्टर करण सिंह, बहादुरगढ़ के वर्कस मैनेजर श्री भगवान दहिया को भी निलंबित किया गया है। एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि जो कोई भी कर्मचारी या नेता भडकाऊ भाषण देगा उनके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। 
जिलावार किलोमीटर स्कीम के तहत चलाई जाने वाले बसों के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि अंबाला में 12 बसों को 37.10 रूपए प्रति किलोमीटर की दर से चलाया जाएगा। इसी प्रकार चंडीगढ में 20 बसों को 37.30 रुपए, कुरूक्षेत्र में 15 बसों को 36.80 रुपए, यमुनानगर में 10 बसों को 36.60 रुपए, करनाल में 20 बसों को 36.50 रुपए, पानीपत में 20 बसों को 34.75 रुपए, कैथल में 15 बसों को 34.30 रुपए, हिसार में 25 बसें 36.75 रुपए, फतेहाबाद में 20 बसों को 36.90 रुपए, सिरसा में 17 बसों को 36.80 रुपए, भिवानी में 58 बसों को 36.50 रुपए, चरखी दादरी में 15 बसों को 36.30 रुपए, फरीदाबाद में 15 बसों को 36.75 रुपए, गुरूग्राम में 40 बसों को 37.10 रुपए, झज्जर में 45 बसों को 34.65 रुपए, बहादुरगढ में 5 बसों को 31.01 रुपए, नारनौल में 15 बसों को 36.09 रुपए, नूंह में 5 बसों को 36.75 रुपए, पलवल में 10 बसों को 36.75 रुपए, रोडतक में 48 बसों को 35.65 रुपए, सोनीपत में 42 बसों को 35.75 रुपए, रेवाडी में 5 बसों को 37.24 रुपए और जींद में 15 बसों को 36.40 रुपए प्रति किलोमीटर पर चलाया जाएगा। 
उन्होंने कहा कि इस योजना से विभाग को कोई निवेश नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि इन बसों के आने से लोंगों को सुविधा भी मिलेगी क्योंकि बस आपरेटर अपनी बसों का रखरखाव स्वयं कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि इस योजना से सरकार को 5 से 8 रुपये प्रति किलोमीटर तक की बचत भी होगी। 

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