नीली क्रांति की ओर हरियाणा, मत्स्य पालन के लिए झज्जर-दादरी में पायलट प्रोजेक्ट

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Sahab Ram, Yuva Haryana
Chandigarh, 16 June, 2018
हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण,पशुपालन व डेरिंग तथा मत्स्य पालन मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ ने कहा है कि किसानों की आय कम से कम एक लाख प्रति एकड़ तक हो इस कड़ी में हरियाणा सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पैरी एग्रीचल्चर अवधारणा को लागू किया है, जिसके तहत मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए हरियाणा  मत्स्य  संसाधन विकास प्राधिकरण का गठन किया जाएगा। 
ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि प्राधिकरण का मुख्य कार्य आरम्भ में झज्जर तथा चरखी-दादरी जिलों के जलभराव व ज्यादा खेतीबाड़ी की गतिविधियां न की जाने वाली लगभग 16000 एकड़ भूमि पर मत्स्यपालन को बढ़ावा देने के लिए एक पायलट परियोजना आरम्भ की जाएगी।
उन्होंने कहा कि खाली पड़ी इस भूमि का सदुउपयोग हो सकेगा और किसानों रूझान मत्स्य पालन की ओर बढऩे से हरियाणा देश में नीली क्रांति लाने में अपना उल्लेखनीय योगदान दे सकेगा। उन्होंने बताया कि इस पायलट परियोजना के तहत राज्य में मत्स्य उत्पादन 64 हजार टन वार्षिक हो सकेगा जिसका मार्केट मूल्य 640 करोड़ रुपये अनुमानित है। 
धनखड़ ने बताया कि हरियाणा मत्स्य  संसाधन विकास प्राधिकरण का प्रशासनीक नियंत्रण मत्स्य विभाग के पास रहेगा तथा अतिरिक्त मुख्य सचिव या प्रधान सचिव इस प्राधिकरण के अध्यक्ष होंगे। इसी प्रकार जिला स्तर पर सम्बन्धित उपायुक्त की अध्यक्षता में सब कमेटी का गठन किया जाएगा। यह प्राधिकरण भू-मालिकों से 10 वर्ष के पट्टों पर भूमि लेगा। भू-मालिक की इच्छा अनुसार पट्टा अवधि 5 से 10 वर्ष और बढ़ाई जा सकेगी। जिसे ई-बोली के माध्यम से मत्स्यउत्पादकों, मत्स्य सहकारी समितियों या प्राईवेट उद्यमियों को आगे पट्टे पर दिया जा सकेगा।  उन्होंने बताया कि प्राधिकरण वैज्ञानिक तरीके से मत्स्य संसाधन के विकास, सहयोग व बढ़ावा देने के लिए कार्य करेगा। 
धनखड़ ने बताया कि हरियाणा मत्स्य संसाधन विकास प्राधिकरण की मुख्य स्तर पर अप्रेक्स कमेटी ने  मत्स्यविभाग के प्रशासनिक सचिव अध्यक्ष होंगे जबकि मत्स्य विभाग के  संयुक्त सचिव/विशेष सचिव, विकास एवं पंचायत विभाग के निदेशक, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभियन्ता, वित्त एवं राजस्व विभाग के प्रतिनिधि  तथा विभाग के संयुक्त निदेशक मुख्यालय इस कमेटी के सदस्य होंगे। इसके अलावा, दो मत्स्य पालक किसानों को भी सदस्य के रूप मेें मनोनीत किया जाएगा। उप-निदेशक मत्स्य विभाग मुख्यालय इसके कोषाध्यक्ष, जबकि विभाग के निदेशक इसके सदस्य सचिव होंगे।
 
उन्होंने बताया कि जिला स्तरीय उप समिति में सम्बन्धित उपायुक्त अध्यक्ष होंगे तथा सदस्यों में अतिरिक्त उपायुक्त, राजस्व विभाग के प्रतिनिधि, उपनिदेशक मत्स्य, उपनिदेशक कृषि, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के कार्यकारी अभियंता व मत्स्य अधिकारी शामिल होंगे, जबकि जिला मत्स्य अधिकारी इसके सदस्य सचिव होंगे। 

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