निजी प्रकाशकों की किताबें लगाने वाले प्राइवेट स्कूलों पर शिक्षा विभाग कसेगा शिकंजा

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हरियाणा स्कूली शिक्षा विभाग के निदेशक ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा एवं जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को लैटर जारी कर सख्त निर्देश दिए हैं, कि निजी प्रकाशकों की पुस्तकें लगाने वाले स्कूलों पर शिकंजा कसा जाए और यह भी सुनिश्चित किया जाए कि सभी निजी स्कूलों में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम से जुड़ी पुस्तकें लागू कराई जाएं।

स्कूली शिक्षा विभाग के निदेशक ने जारी किए लैटर में यह हवाला भी दिया है कि जिन निजी स्कूलों ने शिक्षा निदेशालय की वेबसाइट पर ऑनलाइन फार्म-6 जमा नहीं कराया है, उनके खिलाफ भी सख्ती से निपटा जाए।

बता दें कि हरियाणा स्कूली शिक्षा विभाग मार्च महीने में स्कूली बच्चों के दाखिला को लेकर निजी स्कूलों के लिए कुछ गाइडलाइन जारी करता है। इन निर्धारित गाइडलाइन के हिसाब से ही निजी स्कूलों को नया दाखिला करने और पुराने छात्रों से मासिक शुल्क लिए जाने की हिदायतें शामिल हैं।

संगठन के प्रदेश प्रेस प्रवक्ता दयानंद गर्ग ने कहा कि निजी स्कूलों को 31 दिसम्बर 2017 तक फार्म-6 जमा कराए जाने के निदेशालय की ओर से निर्देश दिए गए थे, लेकिन लगभग तीन महीने बीत जाने के बाद भी ज्यादातर निजी स्कूलों ने ये सूचनाएं निदेशालय को मुहैया नहीं कराई हैं। इस फार्म में स्कूल की समुचित सूचनाएं शामिल होती हैं, जिसमें बच्चों से ली जाने वाली फीस का विवरण एवं पाठयक्रम के अलावा स्टाफ और खर्च एवं आय का विवरण शामिल होता है।

ऐसे में निजी स्कूल शिक्षा निदेशालय को ये सूचनाएं मुहैया ना कराकर विभाग को भी गुमराह करने में लगे हैं। दयानंद गर्ग ने कहा कि कोई भी निजी स्कूल बच्चों से कैपिटेशन फीस नहीं ले सकते। इसके अतिरिक्त बच्चों से हर साल एडमिशन या कोई अन्य शुल्क भी बच्चों से नहीं लिया जा सकता है। शिक्षा निदेशक द्वारा निजी स्कूलों को नियम 134ए के तहत सम्बंधित कक्षाओं में दाखिला के लिए सीटों का ब्यौरा भी जल्द शिक्षा अधिकारियों को मुहैया कराए जाने के निर्देश शामिल हैं।

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