भगाना में दलित लड़कियों से गैंगरेप के बाद गांव छोड़ने वाले परिवारों के पुनर्वास पर हाईकोर्ट चिंतित, मांगे सुझाव

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Gourav Sagwal, Yuva Haryana

Chandigarh

साल 2014 के मार्च महीने हिसार के भगाना में हुए चार नाबालिग दलित लड़कियों के साथ हुए गैंगरेप के बाद परिवार वालों ने गांव छोड़ दिया था। लेकिन सुनवाई के दौरान अब यह सामने आया है कि जिन 93 परिवारों ने गांव छोड़ा था उनमें से केवल एक परिवार ने ही प्लॉट लिया है। सरकार की तरफ से इनके पुनर्वास के लिए प्लॉट जारी हुए थे।

ये लोग अब प्लॉट नहीं ले रहे जिस पर हाईकोर्ट ने कहा है कि ये एक चिंता का विषय है। चार साल बाद भी हालातों में सुधार नहीं है, तो किसी निष्पक्ष आदमी को भेजकर ही हालात जाने जाए।

इस पर हरियाणा और पंजाब हाईकोर्ट ने कहा है कि 10 जुलाई को इस पर फैसला लेंगे, तब तक याचिकाकर्ता औऱ सरकार हमें सुझाव दे कि इनके सुधार के लिए क्या कदम उठाए जाए।

कोर्ट को हरियाणा के  एडिसनल  एडवोकेट जनरल लोकेश ने बताया है कि अब तक 41 परिवार सामने आए है जिनके प्लॉट दे दिए है लेकिन इनमें से भी 1 ने ही प्लॉल लिया है। वहीं बाकी के 53 परिवार आगे नहीं आए है।

बता दें कि गैंगरेप के बाद कई परिवार गांव छोड़ने को मजबूर हो गए थे। जिसके बाद हाईकोर्ट ने इन परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आदेश दिया था। वहीं बाद में सुप्रीम कोर्ट में याचिका डाली गई थी जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि परिवारों को पुन: विस्थापित किया जाए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाही की जाए

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