जाट आंदोलन के केस वापस नहीं ले सकेगी सरकार, हाईकोर्ट ने जिला अदालतों को दिये आदेश

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Yuva Haryana
Chandigarh, 30 August, 2018

हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई हिंसा मामले में 407 केसों को अब सरकार वापस नहीं ले सकेगी। इसको लेकर पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। इस मामले में अब अगली सुनवाई 4 अक्टूबर को होगी।

इन केसों के मामले में पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस कृष्ण मुरारी और जस्टिस अरुण पल्ली की खंडपीठ ने प्रदेश के सभी जिला अदालतों को आदेश दिये हैं कि इन केसों के रद्द करने या वापस लेने की किसी भी याचिका पर सुनवाई ना करें।

इस मामले में पीठ की एमिक्स क्यूरी वरिष्ठ अधिवक्ता अनुपम गुप्ता ने बताया कि प्रदेश के 21 जिलों में दर्ज की गई 2105 FIR में से 407 को प्रदेश सरकार वापस लेना चाहती है। लेकिन इस पर हाईकोर्ट की खंडपीठ ने रोक लगा दी है।

वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि हरियाणा पुलिस ने मुरथल में महिलाओं के साथ हुए यौन शोषण की घटनाओं को दबाने और छिपाने का प्रयास किया है। इसलिए इस मामले की सीबीआई जांच करवाई जानी चाहिए।

वहीं वरिष्ठ अधिवक्ता अनुपम गुप्ता ने बताया कि इस मामले में सरकार ने लापरवाही बरती है और इसको लेकर सुखदेव ढाबे के मालिक से भी पूछताछ होनी चाहिए।

 

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