निरक्षर होने के कारण महिला सफाई कर्मी को नहीं थी जानकारी, अब कोर्ट ने दिया पेंशन देने का आदेश

Breaking चर्चा में बड़ी ख़बरें हरियाणा हरियाणा विशेष

Yuva Haryana

Hisar, 9 March, 2019

पंजाब एंव हरियाणा  हाइकोर्ट ने एक निरक्षर सफाई कर्मचारी को पेंशन का पूरा लाभ देने का आदेश दिया है। हाइकोर्ट ने 25 साल पहले नोटिफिकेशन को अमान्य मानते हुए यह आदेश दिया है।

बता दें कि 1997 में स्वीपर पद पर ग्रुप डी में काम कर रही कृष्णा देवी की याचिका पर अदालत ने यह फैसला सुनाया है। कृष्णा देवी के वकील ने बताया कि सरकार ने 1993 में नोटिफिकेशन जारी कर पीपीएफ काटने और पेंशन लाभ चुनने का लाभ दिया था। निरक्षर होने के कारण  कृष्णा देवी ने कोई भी विक्लप नहीं चुना था।

वर्ष 2015 के बाद जब कृष्णा देवी रिटायर हुई तो तब उसने पेंशन का विकल्प नहीं चुना था। इसलिए उसे पेंशन का हकदार नहीं माना गया। काफी समय के बाद उसे पता चला कि उसके सहकर्मियों को रिटायरमेंट के बाद पेंशन का लाभ मिल रहा है, जबकि उसे यह लाभ नहीं मिला रहा।

कृष्णा देवी के वकील ने कोर्ट में कहा कि निरक्षर होने के कारण कृष्णा को विभागीय जानकारी नहीं मिली थी। इसलिए उसे रिटायरमेंट के सभी लाभ देने चाहिए। पीपीएफ और पेंशन का लाभ चुनने का भी विकल्प देना चाहिए।

हरसिमरन सिंह सेठी की अदालत ने स्थानीय विभाग की दलीलों को खारिज करते हुए वर्ष 2015 में सेवानिवृत्ति हुई सफाई कर्मचारी को पेंशन की बकाया राशि देने का आदेश दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *