लंबे समय तक ही नहीं बल्कि लड़का-लड़की का 2 दिन भी साथ रहना ‘लिव इन रिलेशनशिप’ है – हाईकोर्ट

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Shweta Kushwaha, Yuva Haryana

Chandigarh, 3 Dec, 2018

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा है कि जरूरी नहीं कि युवक-युवती लंबे समय तक साथ रहें, तभी लिव इन रिलेशनशिप कहलाएगा। बल्कि कोर्ट का कहना है कि दो दिन भी साथ रहना लिव इन रिलेशनशिप माना जाएगा। कोर्ट ने यह टिप्पणी प्रेमी द्वारा प्रेमिका की कस्टडी उसके अभिभावकों से लेकर उसे देने की याचिका पर दी है।

बता दें कि इससे पहले सिंगल कोर्ट की बेंच में युवक ने याचिका दायर करते हुए कहा था कि उसकी प्रेमिका उसके साथ पहले लिव इन रिलेशनशिप में रह रही थी, लेकिन उसके परिजन जबरन उसे अपने साथ ले गए। इस पर युवक ने याचिका दायर की थी और कहा था कि प्रेमिका की कस्टडी उसे दी जाए।

सिंगल बेंच ने इस पर कहा था कि ऐसा कोई भी सबूत नहीं है कि युवती लिव इन रिलेशनशिप में युवक के साथ थी और कहा था कि यह सब लड़की को बदनाम करने की साजिश है। इसके साथ ही युवक पर कोर्ट द्वारा एक लाख का जुर्माना भी लगाया गया था।

याचि ने सिंगल बेंच के इस फैसले के खिलाफ डिवीजन बेंच में अपली याचिका दायर की। सुनवाई के दौरान कहा गया कि लड़की-लड़के के साथ कुछ ही समय के लिए रही थी, इसलिए इसे लिव इन रिलेशनशिप नहीं माना जा सकता। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि जरूरी नहीं कि युवक-युवती लंबे समय तक साथ रहें। अगर दो दिन भी दोनों एक साथ रहते हैं, तो यह लिव इन रिलेशनशिप की श्रेणी में आता है।

हालांकि हाईकोर्ट द्वारा जब लड़के की उम्र पूछी गई, तो कोर्ट ने बताया कि वह 20 साल का है। जिस पर हाईकोर्ट ने कहा कि लड़का 21 साल की उम्र में बालिग होता है, इससे पहले शादी भी नहीं कर सकता। इसलिए लड़की की कस्टडी भी उसे नहीं दी जा सकती। लेकिन कोर्ट ने सिंगल बेंच द्वारा लगाया गया एक लाख का जुर्माना जरूर लड़के के ऊपर से हटा दिया।

 

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