CAG की जांच में हिसार की सगून ट्रेडिंग और जीके कंपनियों के पते निकले फर्जी, सांसद दुष्यंत ने लगाया था 300 करोड़ के घोटाले का आरोप

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Hisar, (21, March 2018)

सांसद चौटाला के 300 करोड़ के दवा घोटाले के बाद सरकार ने CAGजांच के आदेश दिये थे। जिसके बाद चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग से हिसार आई CAG की चार सदस्यीय टीम ने मंगलवार देर रात तक नागरिक अस्पताल में दवा रिकॉर्ड घोटाले में करीब तीन घंटे तक जांच की। जिसमें साल 2014-15 के रिकॉर्ड को चैक कर के टीम ने कुछ फाइलो को अपने कब्जे में ले लिया। जिसमे पाया गया कि दवा आपूर्ति करने वाली तीन कंपनियों के पते फर्जी है।

स्वास्थ्य विभाग के ड्रग इंस्पेक्टर रमण श्योराण, सुरेश चौधरी की टीम ने मुख्यालय के निर्देश पर दवाइयों का रिकॉर्ड तलब किया। इन दोनों अधिकारियों ने करीब दो घंटे तक रिकॉर्ड जांचा जिसमें नेशनल हेल्थ मिशन के साल 2014-15 के रिकॉर्ड को चैक किया। सभी दस्तावेजों के सीरियल नंबर चेक करने के आलावा दस्तावेजों पर अधिकारियों के हस्ताक्षर को भी जांचा। दवा खरीद के लिए जारी किए गए ऑर्डर, दवा के बिल की भी जांच की। इस जांच में सीनियर अकाउंट ऑफिसर, एक अकाउंट ऑफिसर और दो सहायक शामिल थे। सीएजी की टीम ने फर्म के पते को लेकर रिपोर्ट मांगी और जांच में पाया गया कि शगुन फर्म के पास लाइसेंस ही नहीं था और इस फर्म से डेंटल का सामान खरीदा गया है।

आपको बता दें कि दवा आपूर्ति करने वाली दो कंपनियों के पते फर्जी पाए गए। सालासर कंपनी का पता सेक्टर-13 के जिस SCF दिया गया था, वह हुडा की ओर से यह SCF कभी बनाया नहीं गया। इसके अलावा दूसरी कंपनी सेक्टर-13 के शॉप कम बूथ नंबर 92 का पता दिया गया। यहां पिछले लंबे समय से सैलून चल रहा है। शगुन कंपनी का जो पता दिखाया गया, वहां एक दंपति रहता है।

प्रदेश में इन जांचो से हड़कंप मचा हुआ है। सांसद के आरोपो के बाद अब सरकार CAG के अलावा CBI जांच भी करवा सकती है।

 

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