रंगो के त्यौहार पर पड़ी मंदी की मार, भिवानी में सूने पड़े हैं बाजार

Breaking बड़ी ख़बरें विविध हरियाणा होली के रंग

रंगों के त्यौहार होली पर इस बार भिवानी के रंगों के बाजार में महंगाई की मार दिखाई पड़ी। यहां तक कि दुकानदारों ने दिल्ली से बाहुबली, डोरेमोन, पुलिस व टैंक सहित अनेक पिचकारियां हजारों रूपये खर्च कर यहां बाजार में सजाई हैं, लेकिन भले ही ही फिल्मी जगत में बाहुबली ने करोड़ों रूपये कमाए हो, परन्तु दुकानदारों को बाहुबली से कोई फायदा नहीं हो रहा। यहां रंगों के बाजार में बाहुबली की कोई भी कीमत नहीं लगा रहे हैं।

कल रंग पर्व होली मनाई जाएगी। लेकिन बाजारों में उदासी मंदी की मार को स्पष्ट कर रही है। कपड़ा व्यापारी हो या फिर गुलाल अबीर बेचने वाला, मिठाई बेचने वाला हो या फिर किरयाणा व्यापारी, सभी पर मंदी की मार स्पष्ट झलक रही है। बाजार में चहल पहल ना के बराबर है, हां रोजमर्रा की वस्तुएं खरीदना आम आदमी की मजबूरी है, उसे त्यौहारों के उत्साह के साथ जोडऩा गलत है।

व्यापारियों ने बताया कि कि होली से एक पखवाड़े पहले विवाह शादियों का सिलसिला रूक जाता है। लेकिन उनका काम प्रभावित नहीं होता, क्योंकि रंग पर्व का खुमार लोगों के सिर पर होता है तो वे नए कपड़े खरीदते हैं, लेकिन इस बार ऐसा कुछ भी नहीं हैं। सुबह से शाम तक आम बिक्री की राशि भी नहीं जुट पाती। पहले होली के दिनों में कपड़े की खासी सैल होती थी, लेकिन इस बार होली के एक दिन पहले तक वे खाली बैठे हैं।

वही दुकानदारों ने बताया कि इस बार होली की उमंग ग्राहकों में नहीं है तो बेचारा दुकानदार सिर पकडक़र ही बैठेगा। उन्होंने कहा कि होली से एक सप्ताह पूर्व उनके गुलाल अबीर, रंग व पिचकारी की बिक्री शुरू हो जाती थी। वे प्रतिदिन हजार से 1500 पाउच गुलाल अबीर के बेच दिया करते। लेकिन इस बार आंकड़ा सौ भी नहीं छू पाया है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *