हौंसले की मिसालः रेलवे स्टेशन पर कुली का काम करती है अंबाला की शशि बाला

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Yuva Haryana
Ambala, 15 April, 2018

आज आपको बराड़ा की महिला शशिबाला की मेहनत, लगन और हौंसले की कहानी सुनाते हैं। शशिबाला के सिर पर तीन बेटियों के पेट पालने की जिम्मेदारी है। और शशिबाला इस जिम्मेदारी को कुली का काम करके कर रही है।

अगर आप अंबाला कैंट के रेलवे स्टेशन पर अमूमन ही पहुंचते हैं, तो शशिबाला यहां पर आपको कुली का काम करते हुए दिखाई पड़ ही जाएगी। शशिबाला अपने पति के बैच नंबर 14 पर काम कर रही है।

शशिबाला के पति की अचानक मौत हो गई थी, उसके बाद शशिबाला के सिर पर तीन बेटियों को पालने की जिम्मेदारी थी, कहीं से कोई सहायता नहीं मिल रही थी जिसके बाद शशिबाला ने खुद ही कुछ करने की ठानी, और अंबाला रेलवे स्टेशन पर कुली के काम में जुट गई ।

शशिबाला कहतीहै कि उसके पति की मौत के बाद घर में कोई भी कमाने वाला नहीं बचा था। शुरुआती दौर में जब घऱ से काम पर निकली तो शर्म महसूस हुई थी लेकिन अपने परिवार की छोटी-छोटी बच्चियों के भविष्य को देखते हुए शर्म को छोड़ दिया और कुली के काम में जुट गई।

गुस्से में शशि बाला कहती है कि सरकार की तरफ से बेटियों को बचाने और पढ़ाने के सिर्फ नारे ही लगाए जाते हैं, बल्कि बेटियों के लिए किया कुछ नहीं जाता। उन्होने बताया कि वो खुद कमाकर बेटियों को पढ़ा रही है, लेकिन सरकार की तरफ से कोई मद्द नहीं मिल रही।

 

 

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