33 C
Haryana
Friday, September 18, 2020

अगर आप भी करते हैं अपने मां-बाप के साथ दुर्वव्यवहार, तो हो जाए सावधान

Must read

Haryana में आज कोरोना के 2488 नए केस, हर जिले हाल का हाल जानिये-

Yuva Haryana News Chandigarh, 18 September, 2020 हरियाणा में आज कोरोना के 2488 नए पॉजिटिव केस सामने आए है। नीचे पढ़िए पूरा मेडिकल बुलेटिन- ...

Paytm की Google Play Store पर फिर हुई वापसी, ट्वीट के जरिए कंपनी ने दी जानकारी

Yuva Haryana News Chandigarh, 18 September, 2020 Paytm आज गायब होकर Google Play Store पर वापिस आ गया है। कंपनी ने खुद ट्वीट करके इस बात...

सावधान! बढ़ रही है देश में डिजिटल जासूसी, कहीं आप भी न हो जाएं शिकार 

Yuva Haryana News Chandigarh , 18 September, 2020 कोरोना वायरस महामारी Covid-19 के बीच हर कोई अपने घरों में कैद है। बेरोजगारी का दौर चल रहा है...

Haryana में 21 सितंबर को कृषि बिल के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, कुमारी सैलजा करेंगी नेतृत्व

Yuva Haryana News Chandigarh, 18 September, 2020 कृषि बिल को लेकर कांग्रेस लगातार सरकार का विरोध कर रही है। साफ तौर पर कांग्रेस ने कह डाल...

Yuva Haryana

08 Nov, 2019

बुजुर्गो के भरण-पोषण से जुड़े कानून को सरकार अब और सख्त बनाएगी। इसके तहत बुजुर्ग मां-बाप का खयाल न रखने पर छह महीने तक की जेल भी काटनी पड़ सकती है। फिलहाल मौजूदा कानून में सिर्फ तीन महीने की सजा का ही प्रावधान है इसके साथ ही बुजुर्गो की सुरक्षा का भी पूरा खयाल रखा गया है। प्रत्येक पुलिस थाने में एएसआइ रैंक के एक पुलिस अधिकारी की तैनाती करने का भी प्रावधान किया गया है जो बुजुर्गो की समस्याओं को लेकर नोडल अधिकारी के रूप में काम करेंगे।

मौजूदा समय में देश में करीब 11 करोड़ बुजुर्ग हैं। हालांकि 2050 तक देश में इनकी आबादी करीब 33 करोड़ हो जाएगी। इसके साथ ही इनके साथ दुर्वव्यहार और उन्हें छोड़ने के मामले तेजी से देखने को मिल रहे हैं। यही वजह है कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने लंबे विचार-विमर्श के बाद इस कानून में बदलाव करने की तैयारी कर ली है।

संसद के 18 नवंबर से शुरू हो रहे शीतकालीन सत्र में सरकार की ओर से लाए जाने वाले प्रस्तावित बिलों में इसे शामिल किया गया है। माता-पिता और बुजुर्गों की देखरेख से जुड़ा मौजूदा कानून 2007 में तैयार किया गया था। प्रस्तावित बिल के अनुसार माता-पिता अब सिर्फ अपने जैविक बच्चों से ही गुजारा भत्ता लेने के हकदार नहीं होंगे, बल्कि अब वह नाती-पोते, दामाद या फिर जो संबंधी उनकी संपत्ति का अधिकारी होगा, उन सभी संबंधियों से वह गुजारा भत्ता के लिए दावा कर सकेंगे।

वहीं सिर्फ दस हजार तक का ही गुजारा भत्ता हासिल करने की सीमा को हटा दिया गया है। अब हैसियत के हिसाब से गुजारा भत्ता लेने के अधिकारी होंगे यानी बेटे या परिजनों की आय करोड़ों की है, तो गुजारा भत्ता भी उसी आधार पर तय होगा। नए कानून में वृद्धाश्रमों को भी शामिल किया गया है जिसमें अब उनके अनुकूल सारी सुविधाएं जुटानी जरूरी होंगी- खासकर स्वास्थ्य से जुड़ी सुविधाओं को रखना अनिवार्य होगा।

More articles

Latest article

Haryana में आज कोरोना के 2488 नए केस, हर जिले हाल का हाल जानिये-

Yuva Haryana News Chandigarh, 18 September, 2020 हरियाणा में आज कोरोना के 2488 नए पॉजिटिव केस सामने आए है। नीचे पढ़िए पूरा मेडिकल बुलेटिन- ...

Paytm की Google Play Store पर फिर हुई वापसी, ट्वीट के जरिए कंपनी ने दी जानकारी

Yuva Haryana News Chandigarh, 18 September, 2020 Paytm आज गायब होकर Google Play Store पर वापिस आ गया है। कंपनी ने खुद ट्वीट करके इस बात...

सावधान! बढ़ रही है देश में डिजिटल जासूसी, कहीं आप भी न हो जाएं शिकार 

Yuva Haryana News Chandigarh , 18 September, 2020 कोरोना वायरस महामारी Covid-19 के बीच हर कोई अपने घरों में कैद है। बेरोजगारी का दौर चल रहा है...

Haryana में 21 सितंबर को कृषि बिल के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, कुमारी सैलजा करेंगी नेतृत्व

Yuva Haryana News Chandigarh, 18 September, 2020 कृषि बिल को लेकर कांग्रेस लगातार सरकार का विरोध कर रही है। साफ तौर पर कांग्रेस ने कह डाल...

सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग में DIPRO का परिणाम घोषित, देखिये सूचि

Yuva Haryana News Chandigarh, 18 September, 2020 हरियाणा में DIPRO भर्ती का रिजल्ट जारी, देखिये फाइनल रिजल्ट-