ट्रांजैक्शन फेल होने पर बैंक भरेगा जुर्मानाः पढ़िए पूरी खबर

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Yuva Haryana

14 oct, 2019

ट्रांजैक्शन फेल होकर पैसे अकाउंट से कट जाने वाले मामले हर रोज सुनने को मिलते है कई बार ऐसा होता है कि डेबिट कार्ड से ट्रांजैक्शन करने पर वह फेल हो जाती है। और अकाउंट से पैसे कट जाते है। कटा हुआ पैसा कभी तुरंत रिवर्स हो जाता है तो कभी इसमें काफी समय भी लग जाता है। इसलिए रिजर्व बैंक ने इसको लेकर एक सर्कुलर जारी किया है। जिसमें अगर रिफंड प्रक्रिया में तय समय सीमा से ज्यादा समय लगता है तो बैंकों को ग्राहकों को जुर्माना भरना पड़ेगा। 20 सितंबर 2019 को रिजर्व बैंक की तरफ से जारी सर्कुलर में टर्न अराउंड टाइम (टोओटी) को लेकर नई गाइडलाइन जारी की गई है।

रिजर्व बैंक ने टर्न अराउंड टाइम (टोओटी) को लेकर की नई गाइडलाइन जारी

 

बैंकों को ‘फेल्ड ट्रांजैक्शन फ्रॉम डेबिट कार्ड’ के मामले को पांच दिनों के भीतर सुलझाना होगा। वहीं स्वाइप मशीन और आधार ऐनेबल्ड पेमेंट्स ट्रांजैक्शन का मामला पांच दिनों के अंदर सुलझाना होगा। आईएमपीएस फेल ट्रांजैक्शन का मामला एक दिन के अंदर निपटाना होगा। अगर बैंक ऐसा करने से चुकता है तो ग्राहकों को पेनाल्टी के रूप में रोजाना 100 रूपए देने होंगे। वहीं लिंक फेल होने की वजह, कैश नहीं होने की वजह से या सेशन टाइम खत्म होने की वजह से अगर ट्रांजैक्शन नहीं हो पाता है तो उसे फेल ट्रांजैक्शन की कैटेगरी में रखा जाएगा। इस प्रकार की ट्रांजैक्शन को फेल ट्रांजैक्शन इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसमें ग्राहक चाह के भी कुछ नहीं कर सकता।

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