बहादुरगढ़ में रातों-रात बना दी अवैध पीसीवी मार्किट, खेतों में बना दिये बड़े-बड़े गोदाम

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Pardeep Dhankar, Yuva Haryana
Bahadurgarh, 15 Jan, 2019
दिल्ली से सटे बहादुरगढ़ में अवैध पीवीसी मार्किट बन गई है। फसल से लहलहा रहे खेतों के बीच बनी पीवीसी मार्किट में प्लास्टिक के कबाड़ के छोटे बड़े 500 गोदाम तैयार हो गये हैं। खुले आसमान के नीचे कबाड़ बने प्लास्टिक के सामान को ग्राईंड भी किया जा रहा है। जिसके कारण हवा में प्लास्टिक के सूक्ष्म कण मिलकर वातावरण को ओर भी ज्यादा प्रदूषित कर रहे हैं।
जमीन, पानी और वायु में प्रदूषण फैलाने वाले  अवैध प्लास्टिक के कबाड़ की मार्किट के बारे में प्रशासन को खबर तो है लेकिन कार्यवाही नही की गई। हम आपको बता दें कि प्लास्टिक के कबाड़ के इन व्यापारियों को दिल्ली सरकार ने एनजीटी के दखल के बाद बाहर कर दिया था।
प्लास्टिक का कबाड़, जिसे ग्राईंड करने पर हवा में प्लास्टिक के सूक्ष्म कण मिल जाते हैं और वायु का प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच जाता है। इसी वजह से नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के दखल के बाद दिल्ली सरकार ने दिल्ली के खेतो में बनी अवैध पीवीसी मार्किट को हटवा दिया है। लेकिन चिंता का सबब ये  है कि दिल्ली के खेताें के साथ सटे हरियाणा के खेतों में अब वही अवैध पीवीसी मार्किट सज गई है।
अवैध तरीके से दिल्ली हरियाणा बॉर्डर के शहर बहादुरगढ़ की करीब 150 एकड़ से ज्यादा जमीन पर पर प्लास्टिक के कबाड़ के गोदाम बन चुके हैं। यहां प्लास्टिक की छंटनी होती है और उसके बाद उसे ग्राईंड किया जाता है। ग्राईंड करने के बाद एक किस्म के प्लास्टिक को पानी से धोया भी जाता है। जिसके कारण पानी, जमीन और वायु तीनों में प्रदूषण बढ़ रहा है। बात चिंता की है लेकिन हरियाणा प्रशासन को इसकी थोड़ी भी चिंता नही है।
दिल्ली के टिकरी बॉर्डर पर दिल्ली सरकार ने अधिकृत तौर पर पीवीसी मार्किट बना रखी है। जिसमें छोटी बड़ी करीब 1500 ईकाई काम कर रही है। इनके अलावा हजारों यूनिट ऐसी थी जो दिल्ली के खेतों में खुल आसमान के नीचे चल रही थी । दिल्ली सरकार और एनजीटी की सख्ती के बाद प्लास्टिक के कबाड़ के ये गोदाम साथ लगते बहादुरगढ़ के खेतों में सज गये। किसान को 10 रूपये से 15 रूपये प्रति गज का किराया दिया जा रहा है। कानूनी तौर पर ये मार्किट अवैध है लेकिन इससे हजारों लोगों का रोजी रोटी का काम भी चल रहा है।
अवैध पीवीसी मार्किट में काम करने वालों का कहना है कि वो तो चाहते हैं कि सरकार उन्हे मार्किट बनाकर दे ताकि उन्हे किसी तरह की समस्या न हो और वो भी अपनी रोजी रोटी कमा सके।
करीब एक महीने से बहादुरगढ़ के खेतों में अवैध प्लास्टिक के कबाड़ का बाजार सजने का काम चल रहा है। किसान ने किराये के लालच में अपनी खड़ी फसल तक खराब कर इन व्यापारियों को जमीन दे दी।अब यहां तीन धर्म कांटे बन चुके हैं जिन पर प्लास्टिक के कबाड़ से भरी गाडि़यों की तुलाई होगी। पास ही दिल्ली का एमसीडी टोल भी है ।उन कर्मचारियों की माने तक अभी हर रोज इस अवैध मार्किट से करीब 500 गाडि़यां दिल्ली में आ जा रही है। लेकिन हरियाणा सरकार के मातहत आने वाले झज्जर और बहादुरगढ़ प्रशासन को इस अवैध मार्किट से फरक ही नही पड़ता। हालांकि बात जांच करने की हो रही है।
दिल्ली की अधिकृत पीवीसी मार्किट से दिल्ली सरकार को अच्छी खासी आमदनी हो रही है। अगर हरियाणा सरकार भी तरीके से नियम कायदो के अनुसार मार्किट बनाकर इनको दे तो न केवल प्रदूषण को कम करने में मदद होगी बल्कि इन व्यापारियों को सुकून और हरियाणा सरकार को आमदनी भी हो सकती है। फिलहाल तो जरूरत हरियाणा की जमीन को बंजर और वायु और पानी को प्रदूषण से बचाने की है इसके लिये सरकार को तुरन्त एक्शन लेना चाहियें

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