सरकारी नौकरी में पैसे खाने वालों की प्रदेश में चर्चा, मेरिट वाले लोगों को बेवफूक बनाकर लूटते थे लाखों

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Yuva Haryana

Panchkula (7 April 2018)

हरियाणा में मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) कार्यालय और अन्य विभागों के कर्मचारियों के साथ-साथ दलालों को सरकारी नौकरियों में चयन करवाने के नाम पर पैसे ऐंठने वाले एक गिरोह को पकड़ा है।

इस गिरोह में आयोग के कर्मचारी उम्मीदवारों से दलालों के माध्यम से संपर्क करते थे और पास कराने के पैसे लेते थे। इस में कर्मचारियों के अलावा दूसरे सरकारी विभागों के कर्मचारी भी शामिल थे।

ये लोग9 घोटाला कुछ इस करह से करते थे कि जो बच्चा मेरिट में अच्छे अंक लाता है उसे चिह्नित कर इंटरव्यू में पास कराने के एवज में पैसे लेते थे।

सीएम फ्लाइंग ने आयोग के 8 कर्मचारियों और जींद के एक शिक्षक को इस घोटाले में गिरफ्तार किया है। यह एक अलग किस्म का घोटाला है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर सीएम फ्लाइंग ने गुरुवार को हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के पंचकूला मुख्यालय पर छापे मारे और सरकारी नौकरियां लगवाने के नाम पर मोटी रकम ऐंठने वाले आठ कर्मचारियों और दलालों को गिरफ्तार किया था।

वहीं एक कर्मचारी को नरवाना (जींद) में पकड़ा गया है, जो इस नौकरी घोटाले में शामिल था। इस रैकेट में दूसरे विभागों के कर्मचारी भी शामिल हैं, जिनके आपस में कनेक्शन हैं। ये फोन पर आपस में एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल को पिछले कई दिनों से भर्तियों में साक्षात्कार और मेरिट पर आने वाले उम्मीदवारों से उनका सरकारी नौकरी में चयन कराने के नाम पर पैसे लिए जाने की सूचनाएं प्राप्त हो रही थी।

सीएम फ्लाइंग ने जांच के बाद पंचकूला के सेक्टर पांच थाने में धारा 166, 167, 420, 465, 467, 468, 471, 120 बी, भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराओं 7/8/10/12/13/13(1)/15 तथा आइटी एक्ट 66 व 72 में मुकदमा दर्ज कराया है।

बता दें कि सीएम फ्लाइंग ने जिस सुरेश कुमार को जींद में पकड़ा है वह नौकरियों के लिए पैसे हड़पने के आरोप में गिरफ्तार किया है। सुरेश जूनियर लेक्चरार के पद पर कार्यरत है।

सीएम फ्लाइंग कई दिनों से दलालों पर निगाह रखे हुए थी। सूचनाओं के आधार पर इन कर्मचारियों और दलालों को चिन्हित करते हुए उनके फोन सर्विलांस पर लगा दिए।

नौकरी घोटाले के साथ-साथ चयन आयोग पंचकूला में तैनात कर्मचारी वहां का डाटा लीक कर दूसरे कर्मचारियों और दलालों को दे रहे थे। वहीं  अंसर सीट के नंबरों को देखकर परीक्षार्थियों का नौकरी में चयन कराने के नाम पर फोन पर मोटी रकम तय की जाती थी।

मुकदमों की जांच के लिए पुलिस अधीक्षक स्तर के एक अधिकारी की देखरेख में विशेष जांच कमेटी गठित कर दी गई है। गिरफ्तार कर्मचारियों को न्यायालय में पेश कर उनका रिमांड लिया जाएगा। पूछताछ के दौरान कई अहम तथ्य सामने आने की उम्मीद है

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