हरियाणा की राजनीति के मंझे खिलाड़ी थे स्व. चौधरी भजनलाल, आज है उनकी 7वीं पुण्यतिथि

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Sahab Ram, Yuva Haryana
Chandigarh, 03 June, 2018

हरियाणा की राजनीति के मंझे हुए खिलाड़ी और राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले स्वर्गीय चौधरी भजनलाल की आज 7वीं पुण्यतिथि है। उनके व्यक्तित्व और राजनीतिक पकड़ की वजह से आज देश प्रदेश में उनको याद किया जा रहा है।

चौ. भजनलाल का जन्म कोड़ावाली ग्राम में गुरु जांभो जी के भक्त रेहड़ाराम की 16वीं पीढ़ी में 445 बाद खैराज जी के घऱ 6 अक्टूबर 1930 को हुआ था। चौ. भजनलाल के पिता खेती का काम करते थे उन्होने पांचवीं तक की पढाई की हुई थी।

1947 में जब विभाजन हुआ तो चौधरी भजनलाल का परिवार फतेहाबाद के मोहम्मदपुर रोही गांव में आकर बस गया। विभाजन की त्रासदी झेलते हुए युवा अवस्था में ही कपड़े का व्यापार शुरु किया था।

कुछ समय तक कपड़े का व्यापार करने के बाद अपने स्वभाव की वजह से लोगों की पंसद बन गए। 1968 में वो राजनीति में कूद पड़े थे और यहां से ही उन्होने अपनी राजनीति शुरु की।

चौधरी भजनलाल हरियाणा पर 11 साल, 9 महीने और 22 दिन तक राज कर चुके हैं। उनके परिवार से 1968 से लेकर साल 2014 तक लोकसभा के 7 चुनाव, विधानसभा के 21 चुनाव और राज्यसभा का 1 चुनाव लड़ा है।

फरवरी 2005 को हुए हरियाणा विधानसभा चुनाव में चौ. भजनलाल ने कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर 86,963 मतों से जीत हासिल करके नया कीर्तिमान स्थापित किया। सबसे पहले 28 जून, 1979 को वे पहली बार हरियाणा के मुख्यमंत्री बने तथा दूसरी बार 23 मई, 1982 से लेकर 5 जून, 1986 तक उन्होंने हरियाणा की बागडौर संभाली। तीसरी बार 24 जून, 1991 से लेकर 8 मई, 1996 तक वे मुख्यमंत्री रहे।

करनाल और फरीदाबाद लोकसभा से भी सांसद रहे। 1970 में जब चौ. भजनलाल कृषि मंत्री बने तो इस दौरान वे लुधियाना के कृषि विश्वविद्यालय में एक बैठक में भाग लेने के लिए गए और वहीं उन्होंने निश्चय कर लिया कि हरियाणा में भी ऐसा ही कृषि विश्वविद्यालय स्थापित किए जाने की मांग करेंगे और इस मांग पर फूल चढ़ाते हुए चौधरी चरण सिंह के नाम से हिसार में कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना की गई जो आज पूरे एशिया में ख्याति प्राप्त है।

चाहे एसवाईएल के निर्माण का मामला हो या फिर प्रदेश की राजधानी चंडीगढ़ को पंजाब को सौंपने का फैसला प्रदेश के हितों से जुड़े अहम मसले पर चौ. भजनलाल ने हरियाणा की वकालत पूरे दमदार तरीके से की। प्रदेश की प्यासी जनता की समस्या को दूर करने के लिए 9 अप्रैल, 1982 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से कपूरी गांव में कस्सी चलवाकर SYL की खुदाई का कार्य शुरू करवाना उनकी दूरदर्शिता थी। एसवाईएल के निर्माण का 98 प्रतिशत कार्य अपने कार्यकाल में पूरा करवाकर तथा अदालतों में दमदार तरीके से हरियाणा की पैरवी कर उन्होंने इस मसले पर पूरी संजीदगी दिखाई।

चौधरी भजनलाल की पुण्यतिथि के अवसर पर आज हांसी से विधायक और चौधरी भजनलाल की पुत्रवधु रेणुका बिश्नोई ने पौधारोपण कर श्रृद्धांजलि दी। इस मौके पर उन्होने कहा कि चौधरी भजनलाल जी ने 36 बिरादरी की सेवा में काम किया था।

 

 

 

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