मिंया बीवी की कहा सुनी में सालों ने अपने बहनोई को बंधक बनाकर की धुनाई

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Younus Alvi, Yuva Haryana

Nuh, 11 August, 2018

मियां बीवी का का रिश्ता प्यार और मोहब्बत का होता है, अगर इसमें थोडी सी भी खटास आ जाऐ तो जिंदगी नर्क बन जाती है। ऐसा ही मामला पुनहाना खंड के गांव शाहचौखा निवासी इरशाद के साथ हुआ। जहां किसी बता को लेकर मियां बीवीं में कहा सुनी हो गई, जिससे गुस्साऐ उसके साले उसे जबरजस्ती पिनगवां से बंधक बनाकर ले गऐ और उसके साथ कई दिनों तक यातनाऐं दी।

ये सब कुछ उसकी बीबी अपनी आखों से देखती रही, लेकिन उसने अपने पति को अपने भाईयों से बचाने का प्रयास तक नहीं किया। फिलहाल पीड़ित ने इसकी पिनगवां थाने मे शिकायत दे दी है। लेकिन पुलिस ने चार दिन बाद भी आरोपियों के खिलाफ ना तो कोई मामला दर्ज किया है और ना ही आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पीड़ित लोगों का आरोप है कि राजनीतिक दवाब के चलते पुलिस आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।

गांव शाहचौखा निवासी ऐजाज ने बताया कि उसकी करीब दो साल पहले पिनगवां खंड के गांव ढाणा में रजाक की लड़की के साथ शादी हुई थी। पिछले दो सालों से वे ठीक ठाक रह रहे थे। करीब 20- 25 दिन पहले उनके ससुर का फोन आया कि तुम्हारे साले की सगाई होनी है और लड़की को देखने जाना है इसलिए तुम दोनो आ जाओ।

ऐजाज का कहना है कि वह अपनी बीवी को साथ लेकर ससुराल पहुंच गया। सुबह उनके ससुराल वालों ने कहा कि कोई सगाई नहीं है, इसलिए तुम अपने घर जाओ। ऐजाज ने कहा कि उसने अपनी बीबी को साथ तैयार करने के लिए कहा, लेकिन उन्होने साथ भेजने के लिए मना कर दिया और जान से मारने की धमकी देने लगे।

ऐजाज का कहना है कि वह घर वापिस आ गया और जब उसने कई दिन बाद अपनी बीवी को बुलाने के लिए साले के पास फोन किया, तो वह धमकी देने लगा। 5 अगस्त को वह अपने परिवार के उसामा के साथ पिनगवां गया हुआ था इसी दौरान उसके दो साले और एक अन्य उसे और उसामा को जबरजस्ती गांव ढाणा ले गऐ।

जहां उसे तीन दिन तक बांध कर रखा। मारपीट की गई। आग लगाने और जान से मारने की धमकी दी गई। गांव के जंगल मे ले जाकर उससे ट्रेक्टरों में मिटटी भरवाई गई और उसे पानी की जगह पेशाब पिलाने और गलत काम करने का प्रयास किया गया।

ऐजाज के पिता हाजी इसमाईल का कहना है की जैसे ही उसे बेटे के अपहरण का पता चला उसने तुरंत पिनगवां थाना प्रभारी को लिखित शिकायत दी और जिस नंबर से आरोपियों का फोन आया उससे थाना प्रभारी की बता कराई गई। पीडित का कहना है कि पुलिस ने कोई कारवाई नहीं की बल्कि पुलिस से बरखास्त महबूब और  मुस्ताक ने उसके बेटे को पुलिस के हवाले किया। थाना प्रभारी ने उनहें बुलाऐ बगैर ही एक झुठी दरखास्त पर ये लिखवा लिया कि फैंसले के लिए हमें तीन दिन का समय दिया गया।