दहेज के लिए ससुराल वाले विवाहिता की करते हैं पिटाई, ससुर और देवर रखते हैं बुरी नजर

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Devender Singh, Yuva Haryana

Kosli, 19 Jan, 2019

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा देने वाली खटटर सरकार जरा इस बेटी की फरियाद भी सुन लो। कहीं ऐसा ना हो कि दहेज के दानव इसकी आबरू से खिलवाड़ कर इसे दुनिया से ही रुक्सत ना कर दें। जी हां हम बात कर रहे है कोसली के गांव रतनथल बांस निवासी 24 वर्षीय पीड़ित विवाहिता की, जिसका विवाह दो वर्ष पूर्व दादरी निवासी टिंकू कुमार के साथ हुआ था, जो सेना में कार्यरत है और जालंधर में तैनात है।

पीड़िता के परिवार की 11 एकड़ जमीन पर ससुरालजनों की नजर होने के चलते आए दिन उसे ससुराल में ना केवल जानवरों की तरह बेरहमी से पीटा जाता है, बल्कि उसका देवर और ससुर दोनों उसपर गंदी नजर रखते हैं। इतना ही नहीं आये दिन अश्लील हरकतें करते रहते हैं।

हरियाणा पुलिस जो सेवा सुरक्षा और सहयोग का दम भरते नहीं थकती, वह पीड़िता के फोन करने पर घर आती तो जरूर है लेकिन चाय की चुस्कियां लेकर इसे ही ज्ञान बाटकर वापस इसे अपने हाल पर छोड़कर लौट जाती है।

पीड़िता की माने तो उसका वर्ष 2016 में विवाह हुआ था, कुछ समय बाद से ही ससुराल के लोग इसके पिता की जमीन से आधा हिस्सा लेने के लिए प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। जब पीड़िता इसका विरोध करती, तो सास, ससुर और देवर के लात घूंसों का शिकार भी बनती थी। इतना ही नहीं पीड़िता का देवर इसके भाई के नाम से फेंक आईडी बनाकर FB पर पोस्ट डालकर धमकी देता है कि वह अश्लील वीडियो बनाकर उसे इस कद्र बदनाम करेगा कि उसे पूरा हरियाणा देखेगा।

कुछ समय पूर्व पीड़िता का एक साल का बेटा बीमार हुआ, तो इलाज करवाने की बात पर सास और देवर ने बेरहमी से पिटाई करते हुए इसकी दो उंगलियां ही तोड़ डाली। देवर और ससुर की गंदी हरकतों की शिकायत जब पीड़िता ने अपने फौजी पति से की, तो उसने कहा कि मैने तुझसे शादी की है अब मेरा परिवार कुछ भी करे मैं कुछ नही बोलूंगा।

फौजी देश की हिफाजत के लिए सीमाओं पर तैनात रहता है। लेकिन इस कायर फौजी का क्या करोगे जो अपनी पत्नी की हिफाजत नहीं कर सकता, तो वह देश की हिफाजत क्या करेगा। अब पीड़िता का साफ तौर पर कहना है कि वह किसी भी कीमत पर उस जल्लाद परिवार में नहीं जाएगी और अब वह चुप नहीं बैठेगी।इन दहेज लोभियों को सजा जरूर दिलवाकर रहेगी। क्योंकि उसे अपने एक वर्षीय बेटे का भविष्य भी बनाना है।

अब देखना होगा कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का दम भरने वाली सरकार इस बेटी को बचा पाती है या फर उसे भी सरकार के इस गूंगे बहरे सिस्टम के सामने झुकना पड़ेगा।

 

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