आखिर मान ही गये जाट, नहीं करेंगे रैली का विरोध

राजनीति हरियाणा विशेष

हरियाणा सरकार और जाटों के बीच बात बन ही गई। करीब साढ़े पांच घंटे चली बातचीत और कई जरूरी मांगों पर दोनों पक्षों में सहमति बन गई है। नई दिल्ली स्थित हरियाणा भवन में साढ़े पांच घंटे की बैठक के बाद अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक कहा है कि सरकार ने उनकी सभी मांगें मान ली हैं।

बता दें कि जाट समुदाय शाह की रैली के विरोध करने का ऐलान कर चुका था। जिसके बाद सरकार और जाट नेता के बीच तीन बार मिटिंग हुई। जिसके बाद सरकार और जाटों के बीच सहमति बनी। अब जाट 15 फरवरी को जींद में अमित शाह की मोटर साइकिल रैली के बराबर में भाईचारा न्याय रैली नहीं करेंगे।

जाट अब सिर्फ 18 फरवरी को प्रदेश में बलिदान दिवस ही मनाएंगे। जाट नेता यशपाल मलिक ने दावा किया कि सरकार ने सभी मांगें मान ली हैं और केस भी वापस होंगे, जबकि सरकारी प्रवक्ता ने साफ कर दिया है कि हरियाणा सरकार अपने अधिकार क्षेत्र में रहते हुए जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमों को ही वापस लेगी। इससे वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु की ओर से सीबीआई में दर्ज कराए गए मामलों की वापसी को लेकर आने वाले समय में फिर से मामला फंस सकता है।

अब सरकार जाट आरक्षण बिल को राज्यसभा में पारित करवाएगी। बिल पास कराने के लिए भाजपा ने सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव से भी बातचीत की है। केंद्र व हरियाणा में जाटों को आरक्षण दिलाने के लिए सरकार मजबूत पैरवी भी करेगी। वहीं जाट आंदोलन में मारे गए युवाओं के बाकी बचे सात आश्रितों को भी सरकारी नौकरी दी जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *