फार्मासिस्ट वर्ग की लगातार तीसरे दिन सामूहिक अवकाश से अस्पतालों में मरीजों का बुरा हाल !

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Yuva Haryana

28 August 2019 

 

हरियाणा प्रदेश के सभी फार्मासिस्ट वर्ग की लगातार तीसरे दिन सामूहिक अवकाश से सरकारी हस्पतालों में मरीजों का बुरा हाल है, पर सरकार आँख मूंदे बैठी है। मरीजों को दवाई नहीं मिल पा रही है, जो मिल रही है तो वो गलत मिल रही है। एसोसिएशन की महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य की तरफ से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलने से वार्ता सफल नहीं हुई।

इस मौके पर राज्य प्रधान विनोद दलाल ने कहा कि सरकारी तंत्र के नकारात्मक रवैये से पूरे प्रदेश के फार्मासिस्ट वर्ग में भारी रोष है। जिसकी वजह से स्वास्थ्य संस्थाओं में सबसे ज्यादा कार्य करने वाले सभ्य वर्ग को आंदोलन पर मजबूर होना पड़ रहा है। इनकी कार्यशैली देखिये जो केटेगरी पदोन्नत होकर फार्मासिस्ट बनने का सपना देखती थी उसको भी फार्मासिस्ट के समान 4200/ ग्रेड पे दे दिया और जो फार्मासिस्ट 30-35 साल की नौकरी के बाद चीफ फार्मासिस्ट बनता है।

दुर्भाग्यवश उसका ग्रेड पे भी 4200/ है l यह अधिकारियों की कार्यशेली पर प्रश्न है l यह जानकारी देते हुए राज्य प्रेस सचिव पुनीत गौत्तम ने बताया कि राज्य प्रधान विनोद दलाल ने सभी फार्मासिस्ट वर्ग के जोश को सलाम करते हुए कहा कि एसोसिएशन गवर्नमेंट फार्मासिस्ट ऑफ हरियाणा अब अपना हक लिए बिना पीछे नहीं हटेगी चाहे कोई भी बलिदान क्यों न देना पड़े। फार्मासिस्ट वर्ग जो काम के बोझ के नीचे दबा हुआ है उसका काम को लेकर जमकर शोषण होता है। बल्कि जब भी हक देने की बात होती है उसे नकार दिया जाता है।

चाहे पदोन्नति की बात हो, चाहे इस वर्ग की कोई और मांग हो हमेशा सरकार का नकारात्मक रवैया रहता है। कई वर्षो की लगातार पुरजोर मांग के बाद गत 6 अगस्त से लगातार आंदोलन का रुख अपनाये है पर सरकार का इनकी समस्याओं पर विचार या बातचीत का समय ही नहीं है। अब इस सभ्य वर्ग को आख़िरकार काम छोड़कर धरने पर मजबूर होना पड़ा है l

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