हरियाणा के किसी जिले या रेंज में नहीं, अनुसूचित जाति का DIG या IG

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Suman Kashyap, Yuva Haryana
Yuva Haryana, 09-05-2018
विपक्षी पार्टियां बीजेपी पर दलितों के साथ भेदभाव करने के आरोप लगाती रही हैं।  राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग को सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों की ओर से भेजी गई रिपोर्ट ने खट्टर सरकार के लिए एक और परेशानी खड़ी कर दी है, साथ ही विपक्ष के हाथ में एक और मुद्दा थमा दिया है।
सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों की ओर से भेजी गई रिपोर्ट में सामने आया है कि राज्य के किसी जिले या रेंज में अनुसूचित जाति का कोई DIG और IG रैंक का अधिकारी तैनात नहीं है। 14 जिलों में अनुसूचित जाति के किसी  DSP और SP को पोस्टिंग नहीं दी गई।
आपको बता दें कि रेवाड़ी  और सोनीपत जिले में किसी भी अनुसूचित जाति के अधिकारी को चौकी इंचार्ज तक नियुक्त नहीं किया गया है। इस मामले में रोहतक की स्थिति सबसे बेहतर दिखाई देती है। यहां 40 फीसदी चौकी प्रभारी अनुसूचित जाति से संबंधित हैं। दूसरे स्थान पर कैथल और तीसरे  पर पंचकुला है।
दोनों जिलों में 25 से 30 फीसदी चौकी प्रभारी अनुसूचित जाति के हैं। करनाल और अम्बाला में पांच-पांच फीसदी चौकी प्रभारी अनुसूचित जाति के हैं। सिरसा, फरीदाबाद, यमुनानगर,झज्जर, गुड़गांव, हिसार, में भी स्थिति अच्छी नहीं है। इस मामले में जींद, हांसी, महेंद्रगढ़ कुरुक्षेत्र, नूह, फतेहाबाद, पानीपत, चरखी दादरी की स्थिति बेहतर है।
केंद्रीय एससी आयोग के निदेशक राजकुमार चानना ने इस मामले में कहा कि करीब 14 जिलों में SP और DSP रैंक का कोई अधिकारी तैनात नहीं है। इस मामले में राज्य सरकार व DGP को जरूरी हिदायतें दी गई हैं।
थाने व चौकी इंचार्ज की पोस्टिंग में भी समानता होनी चाहिए। डीजीपी व राज्य के मुख्य सचिव से भी कुछ जानकारी मांगी गई है। अगर जानकारी उपलब्ध नहीं हुई, तो फिर आयोग की ओर से समन जारी किया जाएगा।

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