भावांतर योजना से नहीं हो रही भरपाई, अन्नदाता की टमाटर की फसल सड़क पर आई

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Sahab Ram, Yuva Haryana
Chandigarh, 10 May, 2018

प्रदेश के किसानों को सब्जी की खेती करना घाटे का सौदा साबित हो रही है, प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में टमाटर की फसल 50 पैसे प्रति किलोग्राम के हिसाब से भी नहीं बिक रही है जिस वजह से बुरी तरह से परेशान हैं।

इससे पहले चरखी दादरी में एक किसान ने टमाटर की फसल के पूरे भाव ना मिलने पर फसल को सड़क पर फेंक दिया था।

वहीं झज्जर में जब एक किसान को टमाटर का एक किलो रुपये का भी भाव नहीं मिला तो किसान ने टमाटरों से भरी ट्राली को लघु सचिवालय में खड़ा कर दिया था।

पानीपत के किसानों का कहना है कि उनकी फसल के पूरे भाव उन्हें नहीं मिल रहे हैं जिस वजह से किसानों को भारी नुकसान हो रहा है।

सरकार ने सब्जी उत्पादकों के भावांतर योजना भी शुरु की है लेकिन इस योजना से भी किसानों की भरपाई नहीं हो रही है जिस वजह से किसान खून के आंसू रो रहे हैं।

पानीपत के अनाज मंडी में किसानों का टमाटर होल सेल में 50 पैसे प्रति किलोग्राम बिक रहा है जिससे किसानों का मंडी तक आने का खर्चा भी नहीं निकल रहा है।

 

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