पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की बढ़ी मुश्किलें, सीबीआई कोर्ट ने जारी किया समन

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मानेसर जमीन घोटाले में पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा को सीबीआई कोर्ट में पेश होने के समन जारी किये गए हैं. आज सुनवाई के दौरान पंचकूला की विशेष सीबीआई कोर्ट ने समन जारी कर 19 अप्रैल को पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा समेत 34 आरोपियों को कोर्ट में पेश होने के आदेश दिये हैं।

इस मामले में 19 अप्रैल को हाजिर होने के आदेश दिये हैं. वहीं 19 अप्रैल को आरोप तय हो सकते हैं. इस मामले में सुनवाई के दौरान बताया गया है कि छंटनी का काम था वो पूरा हो चुका है। अब इस मामले में सीबीआई ने पंचकूला की सीबीआई कोर्ट के स्पेशल जज कपिल राठी को मानेसर मामले में चार्जशीट फाइल कर दी है।

जिसमें भूपेंद्र सिंह हुडडा के अलावा एम एल तायल, छतर सिंह, एस एस ढिल्लों, पूर्व डीटीपी जसवंत सहित कई बिल्डरों के खिलाफ चार्ज शीट में नाम आया है।

क्या है पूरा मामला ?
बता दें कि किसानों को 27 अगस्त 2004 से 24 अगस्त 2007 के बीच हुड्डा सरकार ने जमीन अधिग्रहण की धमकी देने का आरोप है। हुड्डा सरकार ने IMT मानेसर की स्थापना के लिए 912 एकड़ जमीन के अधिग्रहण का नोटिस किसानों को थमाया। जिसके बाद प्राइवेट बिल्डरों ने किसानों को डराना धमकाना शुरु कर दिया। औने-पौने दामों पर बिल्डर्स ने किसानों से जमीन खरीद ली। 24 अगस्त 2007 को बिल्डरों द्वारा खरीदी गई जमीन को डायरेक्टर इंडस्ट्रीज ने नियमों की अवहेलना कर अधिग्रहण प्रोसेस से रिलीज कर दिया। ये जमीन बिल्डर उनकी कंपनी और उनके एजेंट को रिलीज की गई। जमीन के असली मालिकों को ये जमीन नहीं दी गई।

औने-पौने दामों में जमीन बेचने का आरोप
CBI के मुताबकि उस समय 400 एकड़ जमीन की मार्केट वैल्यू 1600 करोड़ थी यानि प्रति एकड़ जमीन की कीमत 4 करोड़ रुपए थी लेकिन बिल्डर्स ने वो जमीन केवल 100 करोड़ में ही खरीद ली।

साल 2015 में दर्ज हुआ था केस
खट्टर सरकार के निर्देश पर मानेसर जमीन घोटाले को लेकर सीबीआई ने हुड्डा और अन्य6 के खिलाफ 17 सितंबर 2015 को मामला दर्ज किया था । CBI ने IPC की धारा 420, 465, 467, 468, 471, 120बी की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था । सीबीआई ने इस मामले में हुड्डा सहित 34 लोगों को आरोपी बनाया है।